Current time: 08-17-2018, 04:15 AM Hello There, Guest! (LoginRegister)


Post Thread Post Reply
Thread Rating:
  • 0 Votes - 0 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
चोदू नम्बर 1
07-17-2014, 06:21 PM
Post: #1
Wank चोदू नम्बर 1
मेरा नाम परमजीत कौर है। अभी इक्कीस साल की हूं। शादी हुए छः महीने ही हुए हैं। मेरे पति फौजी हैं। उनकी पोस्टिंग आजकल कश्मीर में है। उनको जल्दी छुट्टी नहीं मिलती। मेरे ससुर सुखबीर सिंह भी सेवा-मुक्त फौजी हैं। वे सूबेदार के ओहदे से  रिटायर हुए हैं। घर में उनके अलावा मेरी सास और ननद भी हैं। मैं एक कंप्यूटर टीचर हूँ और एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी करती हूँ।



मेरे पति कश्मीर की ठंड जैसे ठन्डे हैं। उनका औज़ार भी कुछ ख़ास नहीं है जबकि मैं बड़ी गर्म औरत हूँ। मैं एक बहुत खूबसूरत हसीना हूँ। मेरे अंग-अंग में रस भरा है। मेरी चूचियाँ बहुत मस्त हैं। मेरे गहरे गले के सूट में छलकते मम्मे किसी का भी लंड खड़ा कर सकते हैं। शादी से पहले एक बॉय-फ्रेंड के साथ मैंने काफी मजे किए थे पर मेरी शादी उसके साथ नहीं हो सकी। 



लेकिन अरेंज्ड मैरिज हुई तो क्या हुआ? मैंने सोचा था कि मेरी शादी एक लंबे, तगड़े, चौड़ी छाती वाले फौजी से हो रही है। वो मुझे अपने नीचे लिटा कर अपने फौलादी लंड से मुझे चूर-चूर कर देगा। लेकिन सुहागरात को मुझे बड़ी मायूसी हुई क्यूंकि इनका लंड कोई ख़ास बड़ा नहीं था और ना ही यह ज्यादा देर तक चुदाई कर पाये। और की भी एक बार ही! मैं तो मंजिल तक पहुंच ही नहीं पायी। अब क्या करती? पहली रात ही उन्हें शिकायत करती तो वो सोचते कि यह तो चुदक्कड़ रण्डी लगती है। मैंने सोचा हो सकता है अगले दिन ठीक तरह चोदेंगे और टाइम ज्यादा लेंगे।  लेकिन फिर वही हुआ। और बीस दिन तक यही होता रहा। बीस दिन बाद उनकी छुट्टी खत्म हो गई और मेरी उम्मीद भी खत्म हो गई। वो चले गए और मैं अपनी चूत को उंगली से शांत करती रह गई। पर उंगली भला लंड का मुक़ाबला कर सकती है? 



मेरे ससुर जी अब भी बहुत चुस्त-दुरुस्त हैं।  रोज़ सुबह-शाम सैर करने जाते हैं। खेत पर काम भी करते हैं। वे जब सुबह बगीचे के पिछवाड़े में नहा रहे होते हैं तो मैं कमरे से उनको देखती हूँ। नहाते समय वो कुछ सेकंड के लिए अपना कच्छा थोडा खिसकाते हैं। उनके लंड के साइज का अनुमान लगाने के लिये इतना वक्त काफी है। चूतफाड़ू लगता है उनका लंड!



ससुर जी को जब नहाते देखती, मेरी चूत में कुछ-कुछ होने लगता। लेकिन चाह कर भी उन पर लाइन नहीं मार सकती थी।  हाँ, कपड़े बहुत सेक्सी पहनने लगी थी, कुर्ती ऊपर से कसी हुई, लंबाई भी कम ताकि चूतड़ और मस्त लगे और उन्हें देख कर लौड़े खड़े हो जाएँ। जहाँ मैं नौकरी करती हूँ वहाँ भी कई मास्टर लोग मुझ पर मरने लगे थे।



मेरे ससुर जी के तीन दोस्त हैं - वर्मा, खन्ना और संधू - और  वो भी रिटायर्ड फौजी हैं। तीनों धाकड़ लगते हैं। उनकी उम्र ससुर जी के मुकाबले थोड़ी कम है। वे जरा जल्दी पेंशन पा गए थे। मेरे ससुर जी दारु के शौक़ीन हैं। कभी-कभी चारों महफ़िल लगाते हैं। वो घर आते तो मैं कुछ न कुछ सर्व करने जाती ही थी। मैंने नोट किया जब मैं ट्रे सामने रखने के लिये झुकती तो वे ललचाई नज़रों से मेरे मम्मों को घूरते और पीछे वाले मेरी उठी कमीज से मेरे चूतडों को निहारते। मुझे भी उनके लौड़े खड़े करने में मजा आता था।



एक शाम जब वो लोग आए, ससुर जी उन्हें गेट पर छोड़ खुद दारू-मुर्गे का इंतजाम करने चले गए। ननद ट्यूशन गई थी और  सासू माँ पड़ोस वाली के घर बतियाने गई थीं। मैं आगे बढ़ कर पहले खन्ना अंकल से मिली।



“कैसी हो, बहु?” मेरी पीठ को सहलाते हुए वे अपना हाथ मेरे चूतड़ों तक ले गए।



जब मैंने उनकी तरफ घूरा तो उन्होंने शैतान नज़र से मुझे देखा और मुस्कुरा दिए। मैंने भी उन्हें बढ़ावा देते हुए मुस्कान बिखेर दी और वो भी एक नशीली नज़र के साथ। तभी संधू अंकल आए। वो हल्की सी जफ्फी डाल कर मुझ से मिले। उन्होने धीरे से मेरी पीठ सहलाते हुए बगल के नीचे से हाथ ले जाकर मेरी चूची को साइड से दबाया और अंदर चले गए।



अभी मै मुड़ने वाली ही थी कि वर्मा अंकल ने मुझे देखा और बोले - कैसी हो?



मैं मिलने के लिए बढ़ी तो उन्होने भी पीठ सहलाते हुए मेरे चूतड़ पर हाथ फेर दिया और बोले - आज तो बहुत खूबसूरत दिख रही हो, बहू!



‘अच्छा! मैं अब तक ठीक नहीं दिखती थी, अंकल?’  मैंने नशीली आवाज़ से कहा।



‘अब तक इतने पास से देखा ही कहाँ था?’



‘आज तो जी भर कर देख लिया ना?’



‘जी इतनी आसानी से कहाँ भरता है!’



‘ओह?’



‘हाँ! ... तुम्हारी सास नजर नहीं आ रही हैं?’ वो सोफे पर बैठते हुए बोले  ‘क्या घर में नहीं हैं?’



मैं रसोई में गई ... गिलास में कोल्ड ड्रिंक डाल कर लाई और आते समय अपनी कमीज़ के दो बटन खोल लिए और चुन्नी गले से नीचे कर ली। मैं कमर लचकाती हुई उनके सामने गई। पहले खन्ना अंकल के आगे झुकी। गिलास उठाते हुए उन्होंने मेरे हाथ को सहलाया तो मैंने नजर उठाई। उनकी आँखों में आंखें डालते हुए देखा  तो वो मेरे गले के अंदर झांकते हुए मुस्कुराने लगे। उन्होंने धीरे से निचला होंठ चबा लिया और एक अश्लील सा इशारा किया। मैं और आगे बढ़ी, खन्ना ने संधू को देखा और इशारा सा किया। मैंने देख लिया लेकिन उनको नहीं पता चलने दिया कि मैंने देखा है। तिरछी नजर खन्ना पे गई। वो वर्मा को देख इशारा कर रहा था। संधू ने भी मेरे हाथ को सहलाते हुए और मेरे गले में झांकते हुए अपने होंठों पर अपनी भेड़िये जैसी जुबान फेरी। उसकी लार टपकने लगी थीं। उसने मुझे आँख मार दी। मैंने भी होंठों पर जुबान फेरी और आगे बढ़ गई। 



वर्मा के सामने झुकी तो पीछे से संधू ने मेरी कमीज़ के ऊपर से मेरी पीठ को सहलाया। सामने से वर्मा ने गिलास पकड़ कर साइड में रख लिया। वो कुछ करता उस से पहले  बाहर गेट खुलने की आवाज़ सुनाई पड़ी। मैं झट से ट्रे रख कर रसोई में चली गई। मेरी प्यास बुझाने के साधन यानी  तीन-तीन लंड मेरे सामने थे।



उधर मुझे प्रिंसिपल सर के घर जाना था। उसने मुझे कहा था कि घर के कंप्यूटर में प्रॉब्लम आ गई है। वो भी बहाने से मुझे अपने घर बुला रहा था। ससुर जी से कह कर मैं चली गई। मुझे उम्मीद थी कि जो आग इन तीनों ने लगाईं थी शायद वो आज प्रिंसिपल के घर जाकर बुझ जाए। स्कूल में वो खुल कर कुछ कर नहीं पाते थे। एक बार अकेले में लैब में आ कर मुझे बाँहों में भर चुके थे लेकिन फिर किसी के आने की वजह से छोड़ दिया था।



मैं उनके घर गई तो निराशा हुई। उनकी बीवी तो नहीं थी लेकिन उनके माँ-बाप घर पर थे। वो बोले - मेरे रूम में कंप्यूटर है। जरा देखना ... चल नहीं रहा है।





मुझे कमरे में बिठा कर मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आए, दरवाज़ा बंद किया, मुझे बाँहों में भर लिया और चूमने लगे, मैं हर सीमा लांघने को पूरी तरह तैयार थी। मैं चाहती थी कि वो मुझे लिटा कर सीधे अपना लंड मेरी चूत में डाल दें  लेकिन वो धीमी रफ़्तार वाले आशिक थे - आराम से चोदने वाले।



मैंने बटन खोल दिए। उन्होंने चूची निकालीं और चूसने लगे। मैंने उनके लंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी। वो मेरे चूतडों को सहलाने लगे। मैंने सलवार का नाड़ा खोल दिया। सलवार गिर गई। वो मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से ही रगड़ने लगे। मैंने वो भी खिसका दी। वो मेरी नंगी चूत रगड़ने लगे, नीचे बैठ कर उसे चपर-चपर चाटने लगे। मैं पागल हो रही थी लेकिन तभी उनकी माँ ने आवाज़ लगा दी। सारे मूड की माँ चुद गई … मस्ती उतर गई। हम दोनों बहुत गुस्से में थे लेकिन उनको क्या कहते। जल्दी-जल्दी कपड़े दुरुस्त किए और मैं निकल आई।



सर बाहर आए और बोले - गाड़ी से छोड़ देता हूँ। 



वे मुझे गाड़ी में बिठा कर खाली रोड पर ले आए और उन्होंने अपनी जिप खोल दी। लंड बाहर निकाला। मैं सहलाने लगी … हाय कितना प्यारा लंड था (इतने महीनों के बाद तो कोई भी लंड प्यारा ही लगता)! मैं झुकी और उसे चूसने लगी। वो तो जैसे पागल ही हो गए! एक मिनट में ही वो मेरे मुँह में झड गये और मैं फिर प्यासी रह गई। उन्होंने मुझे घर के पास छोड़ा और जल्दी ही जगह देख कर मुझे फिर मिलने का वादा किया। मैं सोच रही थी – हाय रब्बा, ये प्रिंसिपल भी मेरे पति जैसा ही है क्या!



मैं जब चुदासी और प्यासी घर लौटी, वे चारों दारु पी रहे थे। सासू माँ पास ही सोफे पर बैठी टी.वी. देख रही थीं और ननद कमरे में थी।



ससुर जी बोले – बहू, ज़रा फ्रिज से बर्फ लाना।



खाने की कोई चिंता नहीं थी। मैंने सब्जी शाम को ही बना दी थी और ससुर जी ने बाहर से मुर्गे का इंतजाम कर दिया था।



सासू माँ बोली- बहू, बगीचे में देख। पौधे सूख रहे हैं।



वो बोलती जा रही थी और मैं कूल्हे मटकाती हुई रसोई से निकली बगीचे के लिए ... तीनों दोस्तों की नज़रें मुझ पर ही थीं। मैं मुस्कुरा कर निकल गई। पांच मिनट के बाद संधू अपना मोबाइल सुनता-सुनता बगीचे में आ गया। वहाँ पहुँच कर उसने मोबाइल जेब में डाला और मेरे करीब आ गया। अँधेरा हो चुका था। ननद कभी बगीचे में नहीं आती थी। ससुर जी नशे में धुत्त थे और सास के बाहर आने की कोई सम्भावना नहीं थी। संधू मेरे पास आ कर बोला, “क्या कर रही हो, बहू?”



“पानी दे रही हूँ!”



“पानी तो मेरे पास भी है!”



मैं समझ गई थी पर अनजान बनी रही। इस पानी की मुझे सख्त जरूरत थी पर मुझे मालूम था कि आज मौका मिलना मुश्किल है। 



“कैसा पानी?”



“तुम ले कर देखोगी तो पता चलेगा!”



“अंकल, शर्म करो! किसी ने ऐसी बातें सुन लीं तो में बिना कुछ किए ही बदनाम हो जाऊँगी।”



वो आगे बढ़े, मेरी कलाई को पकड़ कर उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींचा और मैं उनके सीने से लग गई, “यह क्या कर रहे हो, अंकल!”



“यह तब नहीं सोचा जब तू हमें अपनी चूंचियां दिखा रही थी? जब मैं तेरे चूतडों पर हाथ फेर रहा था तब तो तूने कोई ऐतराज़ नहीं किया! अब खड़े लंड पर डंडा मत मार, मेरी जान!” उसने मेरे होंठ चूमते हुए कहा।



उसकी ऐसी हरकतों ने मुझमे रोमांच भर दिया था, “हाथ तो तुम तीनों ही फेर रहे थे।”



“पर इस वक्त तो में ही हूँ।” वो मेरे मम्मे दबा रहे थे और कमीज़ में हाथ घुसा कर निप्पल मसलने लगे। मैं पहले से ही प्यासी थी। मादरचोद प्रिंसिपल ने मूड बना कर मेरा दिल तोड़ दिया था। संधू मेरी सलवार में हाथ घुसा कर मेरी प्यासी फुद्दी को सहलाने लगा। ऊपर से चुम्मा-चाटी और नीचे मेरी फुद्दी में ऊँगली! मैं तो इस्स... इस्स्स... कर सिसकने लगी, “अंकल, छोड़ दो... अभी मौका नहीं है... कुछ देर अंदर ना गई तो सासू माँ आ जाएगी। आपने मुझे पहले भी गर्म कर दिया या और तब भी सासू माँ आ गई थी।”



उन्होंने अपनी जिप खोली और लंड निकाल कर बोले – ले पकड़ इसे ... थोडा चूस कर देख।



“अंकल, बहुत जबर्दस्त है आपका ... पर आप मुझे प्यासी छोड़ कर चले गये तो मेरा क्या होगा?”



“तू चिंता मत कर। सलवार उतार और इसका कमाल देख!”



“नहीं अंकल, किसी और दिन उतरवा लेना ... ये जगह सेफ नहीं है। मैं इस घर की बहू हूँ। किसी ने देख लिया तो ...”



“कोई नहीं देखेगा। तू सलवार उतार!”



मुझे असमंजस में देख सन्धु ने खुद ही मेरी सलवार उतार दी।  उसने मुझे घास पर लिटाया और मुझे चूमते हुए अपने सुपाड़े को मेरी चूत पर रगड़ने लगा।



“अंकल यहाँ नहीं ... हम बगीचे के आगे वाले हिस्से में हैं।”



“ठीक है ... फिर पीछे चल।”



उन्होंने मुझे पीछे अँधेरे में ले जा कर लिटाया और मेरे पर सवार हो गए। उन्होंने बिना समय गंवाए मेरी प्यासी फुद्दी में अपना लौड़ा उतार दिया। पूरी ताक़त से पेलने लगे मुझे। मैं आंखें मूँद कर जन्नत की सैर कर रही थी। बहुत दिनों बाद मुझे लंड नसीब हुआ था। इस से मुझे बहुत सकून मिल रहा था। उन्होंने दो-तीन मिनट मुझे उसी अवस्था में ठोका और फिर मुझे कुतिया बना कर पीछे से लंड ठूँस दिया। मैं इतने महीनों से प्यासी थी कि जल्दी ही झड़ने की कगार पर पहुंच गई। 



मैंने कहा, ‘अब निकाल दो, अंकल! ... मेरा काम होने वाला है!’ 



उन्होंने चार-पांच करारे धक्के मारे और उनके लंड से पिचकारियाँ छूटने लगीं! उन्होंने लंड निकाल कर मेरे मुँह के आगे कर दिया और उसे साफ़ करवा कर वो जल्दी से अंदर चले गए। मैंने अपने कपड़े दुरुस्त किए और धीरे से घर में घुसी। ससुर जी और तीनों अंकल के अलावा सामने कोई नहीं था। मैं मुस्कुराती हुई अपने रूम में घुस गई।



ससुर जी बोले- यार संधू, किस-किस के फोन आते हैं तुझे? बात करने में इतनी देर लगा दी।



मैं अंदर से उनकी बातें सुन रही थी।



संधू अंकल बोले – यार, क्या बताऊँ तुझे? एक नए माल ने फ़ोन किया था ... वो बाहर से निकल रही थी कि मेरी गाड़ी देख रुक गई। साली को कार में ठोक कर आ रहा हूँ।”

ससुर जी नशे में थे, “साले, हमें भी मिलवा दे ऐसे माल से। मेरे लंड को भी चैन मिल जाएगा।  बेचारा कब से तरस रहा है।”



“चिंता मत कर, यार। मिलवा भी देंगे और दिलवा भी देंगे।”



ससुर जी की तड़प जायज थी। सासू माँ बहुत मोटी हैं। उसकी फुद्दी लेने से ससुर जी कतराते होंगे।



ससुर जी ने बैठे-बैठे अपना लंड पकड़ कर दबाया और बोले, “यह देख, साला बातों से ही खड़ा हो गया है।”



“वाह  वाह ...!” सभी बोले।



मैं दरवाजे के पीछे खड़ी सब सुन रही थी। संधू बोला, “यार सुक्खा, तेरा हथियार तो काम का है पर तेरी बुद्धि नहीं।”



“क्या मतलब है बे तेरा, संधू।”



खन्ना और वर्मा समझ गए थे सो वे हँसने लगे और खन्ना बोला, “संधू ठीक कह रहा है, तू अपनी अक्ल से काम नहीं लेगा तो तेरे हथियार के जंग लग जाएगा।”



ससुर जी बोले, “अब मेरी बीवी तो इस काम के लायक रही नहीं। मैं अपना हथियार किस पर चलाऊँ?



संधू बोला, “मैंने कहा ना? अपने वाले माल से मिलवाऊँगा तुझे। लेकिन एक शर्त है!



“क्या?”



“तुझे अपनी आंखों पर पट्टी बाँध कर निशाना लगाना होगा।” संधू ने अपने दोस्तों की तरफ आँख मारते हुए कहा।



“ओये, कोई गल नईं...!”



“तो ठीक है फिर, तू अपने हथियार को तैयार रख।”



महफ़िल खत्म हो गई। मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि संधू अंकल ने ससुर जी के लिये कौन से माल का इंतजाम किया था।



दूसरे दिन मुझे संधू अंकल का फोन आया। उन्होंने मुझे अपने घर आने को कहा।  मैंने भी चूत की प्यास शान्त करने की ठान ली थी सो सासू माँ से स्कूल जाने की कह कर घर से निकल गई। संधू गली के नुक्कड़ पर ही मिल गया। उसने अपनी कार में मुझे बिठाया और अपने फार्म पर ले गया। वहां बाकी दोनों चोदू अंकल सुबह से ही दारू चढ़ाने में लगे थे। हां, मेरे ससुर जी वहां नहीं थे। मुझे लगा कि उनके लिये कभी और माल का इंतजाम किया होगा। खैर, मेरे पंहुचते ही तीनों अंकल मेरे पर भूखे कुत्तों की तरह पिल पड़े।



मैंने मुश्किल से खुद को छुड़ाया, “ऐसी क्या जल्दी है? मेरे कपडे फट गये तो मैं घर कैसे जाऊँगी? मुझे कपडे तो उतारने दो।”



मुझे भी चुदने की पड़ी थी सो नंगी होने के बाद मैंने तीनों के लौड़ों को खूब चूसा और जी भर के चुदी। बुड्ढे भी मेरी तरह प्यासे थे। पहले राउंड में ही मेरी चूत का बाजा बज गया। थक कर चूर हो गई थी सो एक पटियाला पैग मैंने भी खींच लिया। मुझे एक अर्से के बाद लंड नसीब हुए थे। पैग खत्म हुआ तो चूत फिर लंड मांगने लगी। मैं सोच में थी कि इन बुड्ढों के लंड फिर खड़े हो सकते हैं या नहीं? 



तभी खन्ना, जिसने आज सबसे पहले मुझे चोदा था, ने कहा, ‘यारो, अब अगला राउंड शुरू करें?’ 



मेरी तो सुनते ही बांछें खिल गई। लेकिन संधू ने कहा, ‘हां, वो तो करेंगे ही पर उसके साथ-साथ बहूरानी का एक टेस्ट भी होगा।’



खन्ना ने पूछा, ‘कैसा टेस्ट?’



संधू बोला, ‘ये हम तीनों के लंड ले चुकी है। इस बार इसे बंद आंखों से हमारे लंड पहचानने होंगे। इसके लिए हम इसकी आंखों पर पट्टी बाँध कर इसे चोदेंगे।’ 



खन्ना बोला, ‘ठीक है, पर सबसे पहले इसे मैं चोदूंगा।’



वर्मा हँसते हुए बोला, ‘भोंदू, फिर तो इसे पहले ही पता चल गया ना।’



संधू ने कहा, ‘खन्ना, तू इसकी आंखों पर पट्टी बाँध। फिर हम तय करेंगे कि इसे कौन पहले चोदेगा और कौन बाद में।’       



मुझे याद आया कि इन्होने मेरे ससुर जी को भी कहा था कि उन्हें अपनी आंखों पर पट्टी बाँध कर निशाना लगाना होगा। पर उनका तो यहाँ कोई अता-पता ही नहीं था। 



... खैर, मैं चुदने को तैयार थी। मेरी आंखों पर पट्टी बाँध दी गई। पर चोदने की बजाय तीनों मेरे से अपने लंड चुसवा रहे थे और वो भी अपने नाम बता-बता कर ताकि मैं बंद आंखों से उनके लंड पहचान सकूं। अच्छी खासी लंड-चुसाई हो गई तो मैंने कहा कि अब तो मुझे चोद दीजिए। संधू ने मुझे अंदर एक कमरे में ले जा कर पलंग पर लिटा दिया। मैं इंतज़ार में थी कि मुझे पहले किस का लंड मिलेगा। 



कुछ मिनट बाद किसी ने पलंग पर बैठ कर मेरी टांगों को फैलाया। वो मेरी टांगों के बीच बैठ कर मेरी चूत को टटोलने लगा। जैसे ही लंड का चूत से संपर्क हुआ, मैंने बेक़रार हो कर अपने चूतड़ उछाल दिए। उसने भी देर नहीं की और एक जानदार धक्का मार दिया। जब लंड चूत के अंदर घुसा तब मेरी जलती चूत में कुछ ठंडक पड़ी। अब मैं सोच में थी कि यह लंड किस का होगा। तीनों के लंड अच्छे-खासे साइज के थे पर उनमे थोडा फर्क तो था। संधू का सबसे लंबा था और खन्ना का सबसे मोटा। वर्मा का लम्बाई और मोटाई में बीच का था। मैं धक्के झेलते हुए अंदाज़ा लगा रही थी कि यह लंड किसका हो सकता है। 



तभी संधू की आवाज कानो में पड़ी, ‘बोल यार, कैसा लगा माल?’



‘माल तो करारा है, संधू। पर अब मेरी पट्टी हटा के इसका जलवा भी दिखा दे।’



यह क्या? यह तो मेरे ससुर जी की आवाज थी। इसका मतलब था कि संधू ने दो नहीं, तीन दोस्तों को दावत दी थी मुझे चोदने की। उसने मेरी आंखों पर पट्टी इसलिए बाँधी थी ताकि मैं अपने ससुर को देख न सकूं। और ससुर जी को तो उसने कल ही कह दिया था कि उन्हें आंखों पर पट्टी बाँध कर निशाना लगाना पडेगा।



शायद किसी ने ससुर जी कि पट्टी खोल दी थी क्योंकि अचानक उनकी आवाज आई, ‘अबे संधू, यह तो मेरी बहू है! तू तो किसी माल की बात कर रहा था ... और खन्ना और वर्मा, तुम्हे भी सब पता था? कहीं तुम तीनो मिल कर मेरी बहू को ...’



‘ठीक सोचा तूने, सुक्खा,’ खन्ना की आवाज आई ‘हम तीनों इसकी चूत का मज़ा ले चुके हैं। पर तुझे अपनी बहू को चोदने में ऐतराज़ है तो तूने अब तक अपना लंड बाहर क्यों नहीं निकाला?’



‘ओह! मुझे ध्यान ही नहीं रहा,’ ससुर जी बोले ‘अभी निकालता हूं।’ 



मैंने जल्दी से अपनी आंखों से पट्टी हटाते हुए कहा, ‘नहीं ससुर जी, निकालना मत। इतना जबरदस्त हथियार आज पहली बार मिला है मुझे! आपके सामने इन तीनों के तो कुछ भी नहीं हैं।’ और यह सच भी था। ससुर जी का लंड वास्तव में इन तीनों से बड़ा था इसीलिये मैं पहचान नहीं पायी थी। 



‘ठीक है, बहू। तेरे झड़ने से पहले नहीं निकालूंगा मैं’ ससुर जी धक्के लगाते हुए बोले, ‘पर तू वादा कर कि तू कैसे भी इन तीनों की बहुओं को पटा कर मेरे नीचे लिटाएगी।’



‘ठीक है, ससुर जी’ मैं चुदते हुए बोली ‘इन्होने आपकी बहू का मज़ा लिया है तो इनकी बहुएं आप से नहीं बचेंगी। इसके लिये चाहे मुझे कुछ भी करना पड़े।’



‘और खन्ना, तेरी तो बीवी भी पटाखा है’ ससुर जी मुझे चोदते हुए बोले, ‘उसे भी नहीं छोडूंगा मैं।’



अब तीनों अंकल कभी एक-दूसरे की तरफ देख रहे थे और कभी हम दोनों की तरफ। 



... और कहानी खत्म करने से पहले आपको बता दूं कि मेरे ससुर जी पक्के चोदू निकले - चोदू नम्बर 1   

 ///



Find all posts by this user
Quote this message in a reply
Post Thread Post Reply




Online porn video at mobile phone


maa ki choot ki aag ki waja se maa ne khud mujh se chudwayasummer glau nip slipbehli bar sex sy khoon nikla videoSapna ka badla 2 xxx storyGhazala ki gand mariesti ginzburg nudemerA lora ka cover hatane ka trixkmaa ki chut me ring dalwayiPooja ko sote same seduce kiya sex storyshannyn sossamon nuderange hatho pakdi chut gand khunkhandani bahu or beteya sex story in hindi page 10Indian maturewife santust pornkaruna ki chudailucy griffiths toplessnoirin kelly nudeisabelle pasco nudechristine elise nudejuhi chawla sex storiesdanica mckellarnudepriyanka chopra fuckedboob slip bollywoodgina carano nipslipesha deol fucknabhi sex storygloria velez nakedboss rat me meri chut me ungali kar rhe the maine kaha dusre room me chalo waha chod lenamaa pani chut me dalu Kya ask.. ahhhjulia stinshoff nudemaa ki bal katkar cudae ke pornPelwane wali ka mbl no.janet jones nuderaveena tandon upskirtshweta tiwari fuckingjenna elfman toplessjameela nudestep sister ko nanga dekha bedroom mepaula perrette nudejessica ennis nudeपे्मी मनौ रंजन करने वाली औरतlara dutta sex storiesoluchi onweagba nakedtelugu heroin sex kathaluexbii bollywood faketeri runnels nudeaurat ki chudai ka Andhera Lisazaira nara nudemummy ko request karke chodarakhi sawant nude sex picdrew sidora nudetailor sex storiesashley valence nudeSalwar sut gaand chipka hua Sex vedio jamelia toplesseve myles pornUii ma jeth g sex story mobile indian sex storiesmeghna naidu nude picsindianbsex storiesMa ko chadhi lane ke bahane bathroöm me chudai storyolsen twin upskirtbur mein landelise neal nudesundrta or nagntaLadkene sex hot kele manaya videoanneliisa tonisson  handsome looking Sudesh. When he saw Namita his face lit up like a 100  jennifer espisito nudeगदराई हुई मांसल चूचियाँstep by step sadi or blous utarte samy picelin nordegren nudesex Ki Pyasi Dayan Sabko Sabko chudai chudai movie movie B A PSS 2lund ghused diya babitaji kocallie thorn nudemummy didi ko nhate dekha swimming pool megenesis rodriguez nudejasveer kaur hot picsmaa mausi ne choway beta sechootme lund ghusaya cheek uti aur aaahhh aur tez aur tez aaaaaa aaaaagurur aur hawasपहले कमरे में बुलाए फिर कपड़े उतरे और चुमा कर चोदे porn hub sexy video genevieve padalecki nudechuchi lamba ghasne sexi videorachelle lefevre nudeMousi ko choda uskai betai sai chhup Kai sexy Hindi storyamruta rao nudefamily main galiyan or ganda mahoolbeta k saath behek gai sex storyholly valance upskirtmuh me mutkar muh me jadarjast aur gand ki chudai kahaniamerica olivio nudeUii ma jeth g sex story cathrine bach pornkristen hager nudewww. sexvideo papa ke jate hi ma ko chuda betenepriyanka chopra fuckedbete ki biwi ki madak jawani ke pure maje liyclaudine auger nude picsrandibaaz bahen ki porn sex storysasur ne meri bebasi la fayda uthya