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पवित्र गुफा का चमत्कार
04-06-2014, 06:15 PM
Post: #1
Wank पवित्र गुफा का चमत्कार
दीपक एक तीस साल का व्यापारी था. वह इन दिनों बहुत चिंता में रहता था जिसका मुख्य कारण था की उसके अभी तक कोई संतान नहीं हुयी थी। अब वो दुबारा शादी भी नहीं कर सकता था  क्योंकि वो अपनी पत्नी से न केवल सतुष्ट था बल्कि उसे प्यार भी करता था. उसकी पत्नी कावेरी पच्चीस साल की सुंदर और आकर्षक युवती थी। 
एक दिन दीपक और कावेरी अपने मिलने वालों में से किसी से मिले। वो लोग भी कुछ साल पहले निसंतान थे। उन्होने सलाह दी की जैसे उन्होने किआ वो भी वो कोशिश करके देखें। वो लोग एक धार्मिक स्थल पर पूजा करके मन्नत माँग के आए थे पर वो जगह काफी दूर थी और वहाँ जाने में 8 से 10 दिन लग सकते थे और वहाँ डेनियल नाम का एक ट्रेकर था जो उस जगह तक ले के जाता था। वहाँ सिर्फ पैदल ही जा सकते थे।
दीपक की भाभी माला भी उनके साथ जाने के लिए तयार हो गई। उन लोगो ने ट्रेन में अपना रिज़र्वेशन कराया और पूर्व की तरफ चल दिये। चार दिन बाद वो एक दूर बसे गाँव में पहुँचे जहाँ से बैलगाड़ी में बैठ कर वो लोग तीन घंटे चलने के बाद एक जगह पहुँच गए। वो एक छोटा सा गाँव सा ही था जहाँ उन्होने जल्दी ही डेनियल को ढूंढ लिया। डेनियल 25 साल का हुष्ट पुष्ट युवक था। वो पहाड़ी इलाक़ों को काफी अछि तरह से जानता था। जब वो बहुत छोटा था तब उसके माँ बाप दोनों ने उसके पहाड़ी तूफान के दौरान खो दिया था और उसके बाद वो इधर उधर घूमता हुआ इस छोटे से इलाक़े में आकार बस गया था। 
यहाँ जो पवित्र गुफा थी, उस पर कई जोड़े घूमने आते थे तो वही एक था जो उन्हे लेके जाता था और उसे अपने इस काम से संतुष्टी भी होती थी  आज फिर से गाँव में दीपक, कावेरी और माला के आने से वो खुश था की एक बार उसकी फिर से अच्छी कमाई हो जाएगी। वैसे भी माला की निगाहें उसे बड़ी देर से घूरे जा रही थी जिसे वो भी पसंद कर रहा था। 
जैसे ही डील तय हुयी, वो लोग फूस की बनी झोंपड़ी में बैठ गए जहाँ डेनियल ने उन्हे पहाड़ी सफर के बारे में जानकारी दी, कितना सामान वो लोग साथ में ले जा सकते हैं, क्या खा सकेंगे, कहाँ रात बितानी होगी। बाहर आते समय उसने बोला कि रात में हम लोग सफर करेंगे और दिन में आराम। और हम लोग कल के बाद आने वाली रात में सफर की शुरुआत करेनेगे क्यूंकी चाँदनी रात का फाइदा मिलेगा और पूरे सफर में करीब पंद्रह दिन लगेंगे। इसके बाद डेनियल ने अपने मेहमानों के लिए खाने का इंतजाम किया। जल्दी ही रात हुयी और पर अंधेरे की वजह से एक लालटेन की रोशनी में सभी बैठे थे और महिलाएँ कपड़े बदलना चाहती थी, फिर जब माला ने दीपक को बाहर जाने के लिए बोला तो वो बाहर निकाल गया, माला बोली, "अब ठीक है, कावेरी जल्दी से कपड़े बदल लो, पता नहीं आगे कैसे होगा? लगता है खुले में ही कपड़े बदलने की आदत डालनी पड़ेगी।"
"अरे जब का तब देखेंगे, अभी तो ठीक है न।", कावेरी ने जवाब दिया और माला की तरफ देखती हुयी मुस्कुरा दी। वो दोनों आपस में अच्छी सहेली भी थी। 
"यह जगह बहुत सुंदर है और आशा है की हमारा सफर सफल हो ", कावेरी ने कहा।
कपड़े बदल लेने के बाद फिर से एक प्रोब्लेम खड़ी हो गई। जमीन पर जो बिस्तर लगा था, उस पर तीनों लोग नहीं सो सकते थे। सो दीपक ने थोड़ा अलग होकर लेटने का फैसला किआ।
अगले दिन की शुरुआत सफर की तयारी में लग गई। और जब शाम हुयी तो डेनियल ने उन सभी को आराम करने की सलाह दी क्यूंकी अगली शाम उन्हे सफर शुरू करना था। तीनों अपनी झोंपड़ी में पहुँच गए। अंदर आते ही माला ने अपनी साड़ी उतारने के लिए अपने ब्लाउज़ में लगे हूक्स खोलने शुरू कर दिये बिना इस के इंतजार किए की दीपक बाहर जाएगा। दीपक यह देख कर बोला, "हमे इसकी आदत डालनी पड़ेगी शायद।“ माला ने एक नाइटी पहन ली और दीपक भी पेंट उतार कर पाजामा पहन लिया। तीनों जल्दी ही लेट गए। सब तरफ शांति थी और जंगली कीड़ों की आवाज रात का मधुर संगीत दे रही थी। 
माला ने कहा, "कल के बारे में सोचो जरा !"
"क्या, किस बारे में?", कावेरी ने पूछा।
"कल से कुछ भी निजता नहीं रहेगी, सब कुछ खुले में करना होगा, और तो और दो पुरुष हमारे साथ होंगे।" माला ने कहा। 
"दो?" कावेरी ने आश्चर्य से पूछा।
"हाँ, डेनियल को क्यूँ भूलती हो? वो हमारे साथ हर समय रहेगा", माला ने कहा, "और हमे इन लोगो के सामने ही कपड़े पहनने और उतारने पड़ेंगे।"
"तो फिर हमे क्या करना चाहिए?" कावेरी ने कहा 
"कुछ भी नहीं किआ जा सकता।" माला ने कहा, 
"वैसे माला दीदी आपने हमारे संग आकार हम पर बहुत बड़ा उपकार किया।" कावेरी ने कहा
"अरे नहीं, मुझे भी थोड़ा बदलाव चाहिए था, इनकी डैथ के बाद से में कहीं बाहर नहीं जा पायी", माला ने जवाब दिया।
माला शादी के एक साल बाद ही विधवा हो गई थी। और अभी 2 साल ही हुये थे इस घटना को। वो लोग बातें करते सो गए। पर दीपक उन लोगो की बातें चुपचाप सुन रहा था, सुबह जब वो उठा तो धीरे से कावेरी के पास गया और उसकी चादर में हाथ डाला और उसकी गरम जांघों को छूने लगा, अपनी जांघों पर कुछ स्पर्श को अनुभव करके कावेरी ने आँख खोली और अपने सामने अपने पति को पाया, वो इशारे से दीपक को समझने लगी की रुक जाओ, बगल में माला दीदी लेटी हैं। उसने अपना हाथ तुरंत हटा लिया और बाहर की तरफ चला गया। माला को यह सब पता चल गया। कावेरी को देखते हुये वो मुस्कुराने लगी, और बोली, "बेचारा...तुम लोग अपने लिए कुछ वक्त निकाल लो न।"
और शाम 6 बजे उन लोगो को यात्रा शुरू हुयी। कावेरी खुश थी की वो उस पवित्र गुफा के दर्शन में पूजा अर्चना करके मन्नत मांगेगी। दीपक इस अडवेंचर भरे सफर से उत्साहित था और माला उन लोगो का साथ पाकर खुश थी वो लोग पहाड़ की ऊंचाइयों की तरफ चल दिया। हारा भरा मैदान और थंडी थंडी हवा उन लोगो का मन छु ले रहा था। करीं आठ बजे डेनियल ने उन लोगो को सुस्ताने के लिए रुकने को कहा। थोड़ा सा नासता करने के बाद वो लोग फिर से आगे बढ़ चले। अब दीपक आगे चल रहा था। 
जल्दी ही वो लोग आपस में घुलमिल रहे थे और एक दूसरे से मजाक भी करते जा रहे थे। डेनियल भी उन्हे हंसा रहा था। कावेरी अनुभव कर रही थी की माला डेनियल में बहुत रूचि ले रही थी। डेनियल भी रेमबो जैसा लग रहा था। 10 मिनट बाद वो लोग रुक गए। एक चट्टान के पास आकार डेनियल ने कहा, "हम लोग यहीं केंप लगाएंगे।"
तीनों लोग खुश थे की पहले दिन की यात्रा समाप्त हो रही थी। उन लोगों ने अपनी बेग्स उतारे और कुछ खाने के सामान से अपनी भुंख शांत करी। उसके बाद सबसे पहले कावेरी उठी और चट्टान के पीछे जाकर कपड़े बदल कर जमीन पर लेट गई और अपने पैरों पर एक चादर डाल ली और शोल्डर बेग को तकिया बना लिया। माला ने भी यही किआ। 
इसके बाद डेनियल ने दीपक से कहा, "हम दोनों को महिलाओं के दोनों तरफ अपनी जगह लेनी चाहिए क्योंकि यहाँ इस इलाक़े में रात को जंगली सुअर आ जाते हैं। और यह कहता हुआ वो माला की तरफ वाली साइड में थोड़ा दूर जाकर बैठ गया। माला को आशा थी की वो थोड़ा नजदीक होता। और उधर भाग्यशाली थी कावेरी की उसका पति उसकी तरफ आकार लेट गया था। कावेरी और माला के लिए यह नया अनुभव था। माला और कावेरी दोनों आपस में फुसफुसा कर बातें कर रही थी। 

"कावेरी, अब तो खुश हो, मौका मिल गया आज तो ", माला ने कहा। 
"ऐसा कुछ नहीं है।", कावेरी ने शरमाते हुये कहा।
"क्या बात कर रही हो, तुम्हारी बॉडी तो यही कह रही है। देखो जरा अपने सीने को।", माला बोली।
"हो सकता है... पर यह जगह और मौका सही नहीं है।", कावेरी ने कहा.
यह सब बातें करते हुये कावेरी उत्तेजना में आ रही थी। और माला की तरफ देख कर बोली, "आपका फिगर काफी अच्छा है दीदी।"
"हाँ, पर मैं तुम्हारी तरह भाग्यशाली नहीं हूँ", माला ने कहा।
कुछ देर बाद जब माला सो गई तो दीपक ने धीरे से कावेरी का हाथ पकड़ा और उसे अपने उत्तेजित लिंग पर रख दिया। कावेरी अपने पति की इस हरकत से एकदम हककि बक्की रह गई। उसे लगा था की दीपक सो गया होगा। पर उसने जब देखा की दीपक की इच्छा है तो उसने उसके लिंग को अपनी हथेलियों में जकड़ लिया और धीरे धीरे उसे शांत करने की कोशिश करने लगी।
अगली सुबह जब माला उठी तो उसने देखा दीपक और कावेरी एक दूसरे से गुथमगुथा होकर सो रहे हैं, उसने उन्हे देखा, डेनियल भी उठा और और माला को देखकर मुस्कुरा गया। "पानी कहाँ मिलेगा?", माला ने डेनियल से पूछा।
"मेरे पीछे आओ", डेनियल ने कहा।
माला तौलिये और कपड़े लेकर उसके साथ चल दी। और डेनियल जल्दी ही उसे एक झरने के पास ले गया। माला को लगा की वो स्वर्ग में आ गई है। 
"यह बहुत सुंदर है ", माला ने कहा
"अभी और भी सुंदर जगह हैं यहाँ", डेनियल ने कहा।
"अब आप जरा यहाँ मुझे अकेला छोड़ोगे तो मैं नहा लूँ", माला ने कहा।
"नहीं... मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ सकता... याद नही ... जंगली सुअर।", डेनियल ने कहा
"तुम भी वही लगते हो", माला गुस्से से बोली और झरने की तरफ चलदी। वो झरने के नीचे खड़ी हो गई। पानी की मोटी धार उसके ऊपर पढ़ रही थी। डेनियल कुछ दूरी पर बैठा उसे पानी से अठखेलियाँ करते हुये देख रहा था। वो पानी की धार में खड़ी होकर चारो और घूमे जा रही थी। जब उसे लगा की माला को कुछ निजता देनी चाहिए तो वो वापस घूमा और केंप की तरफ चल दिया। 
माला ने उसे जाता देख, अपना नाइट गोउन उतार दिया और पेंटी और ब्रा में आ गई। और फिर से नहाने का आनंद लेने लगी। 
उधर डेनियल केंप पर लौटा, तब तक कावेरी और दीपक जाग चुके थे। दीपक ने उसे घूरती आँखों से देखा, तो वो समझ गया की वो लोग माला के बारे में जानना चाह रहे हैं। 
"वो नहा रही हैं, वहाँ झरने में, आप भी जाना चाहो तो चलो मेरे साथ।", डेनियल ने कहा।
यह सुनकर कावेरी उठी और चल दी और जब वो झरने पर पहुँची, तो माला तौलिये से अपने को सूखा रही थी, माला को देख कर वो सीधी उसके पास गई और जब माला ने कहा, "यह वास्तव में अद्भुत है। बहुत अच्छा लगा।", सुनते ही उसने अपना नाइट गाउँ उतारा और ब्रा और पेंटी में झरने में चली गई। 
डेनियल ने उसे नाइट गाउन उतार कर ब्रा और पेंटी में जाते हुये देखा पर जबतक वो उस पर गौर से नजर डाल पाता तब तक झरने के पानी ने उसे ढक दिया। और डेनियल वापस केंप की तरफ लौट गया। 
इधर माला कावेरी को पानी में नहाते हुये देख रही थी और जब कावेरी तौलिया लेने पानी की धार से बाहर निकली तो उसका लगभग नग्न बदन दिख ही रहा था, माला की आँखें उसे घूर कर देख रही थी और कावेरी तौलिये से उसे छिपा कर रखने की कोशिश कर रही थी। माला आगे बढ़ी और उसके बालों को सुखाने में मदद करने लगी। "तुम बहुत खूबसूरत हो", माला ने कावेरी से कहा।
फिर कावेरी थोड़ा आगे बढ़ी, और माला उसे अपनी गीली ब्रा हटाते हुये देखने लगी। और फिर पेंटी ... उसके बाद तौलिये में लिपटे लिपटे ही वो अपने पेंटी और ब्रा धोने लगी। उसके बाद उसने एक स्कर्ट और शर्ट पहन ली और माला ने जीन्स और एक शर्ट पहन ली। 
और जब वो लोग वापस केंप पर पहुँचे तो डेनियल और दीपक खाने की तयारी में लगे थे। डेनियल ने उन्हे भुने हुये आलू खाने को दिया। खाना खाकर वो चारो लोग एक घने पेड़ के नीचे जाकर सुस्ताने लगे। कावेरी और दीपक एक साथ बैठे थे और उनके सामने वाले पेड़ के नीचे माला और डेनियल बैठे थे। कावेरी को जल्दी ही नींद आ गई और वो अपने पैर फैलाकर लेट गई, इसी बीच उसकी स्कर्ट उसके घुटने तक चढ़ गई। माला ने देखा की डेनियल इस बात का फाइदा उठा रहा था और जब भी कावेरी हिलती डुलती डेनियल की निगाह उस तरफ हो जाती थी। 
दीपक ने भी यही फील किया पर वो अपनी आँख बंद करके चुपचाप लेटा रहा। उधर कावेरी की नंगी टाँगे देख कर माला भी उत्तेजना में आ रही थी। वो भी अपनी टाँगे फैला कर लेट गई। दीपक ने यह सब देखा और वो माला की इस हरकत से उत्तेजित होने लगा। उसकी आँखें माला की लंबी टाँगों, भारी जांघें और भरे हुये नितंबो पर उसकी निगाहें पर टिक गईं। अभी यह सब चल ही रहा था की अचानक बुंदाबांदी शुरू हो गई। और जब तक सभी संभाल पाते, बारिश तेज हो गई। और वो लोग बारिश में इधर उधर बचने की जगह ढूँढने लगे। और जब 10 मिनट बाद जब बारिश रुकी तो कावेरी ने पाया की उसका शर्ट पानी से भीग कर उसके सीने से चिपक गया है। दीपक, डेनियल और माला की नजर उसी पर थी। पर जैसे ही डेनियल ने अपनी भीगी कमीज उतारी, तो सबकी नजरे उसके चौड़ी छाती और भरे पूरे बदन पर दोनों महिलाओं की निगाहें उस पर जम गई। 
जल्दी ही शाम होने लगी और वो लोग अपने बेग्स पेक करने लगे। और फिर आगे चल पड़े। डेनियल सबसे आगे था, कावेरी उसके पीछे और फिर माला और सबसे लास्ट में दीपक था। दीपक माला के पीछे चल रहा था और उसकी निगाहें माला की हिप्स पर थी जो उसकी जीन्स के अंदर से उभर रहे थे। वो बीच बीच में मजाक में माला को पीछे से आगे की और धक्का मारने के लिए उसके हिप्स पर हाथ रख देता था। और एक बार जब माला पीछे देख कर मुस्कुरा गई तो दीपक में और साहस आ गया। कुछ देर में माला और दीपक एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चलने लगे। 
चलते चलते दीपक ने पूछा, "भाभी, आप आराम से तो हो? कोई दिक्कत तो नहीं?"
"मतलब?", माला ने पूछा
"मेरा मतलब, जीन्स से है, आपको कुछ हल्का पहनना चाहिए जैसे कावेरी ने स्कर्ट पहना।" दीपक ने कहा।
"मेरे पास स्कर्ट नहीं है पर एक शॉर्ट है, पर उसे पहनने के लिए आप लोगों की परमिसन चाहिए", माला ने कहा।
"परमिसन की क्या जरूरत है, कावेरी के पास भी है, और वो भी तो पहनती है। अगर शरम लगती है तो थोड़ा रात हो जाये तब पहन लेना। कावेरी भी पहन लेगी।", दीपक ने कहा।
"तब तो आप ही रह गए बिना शॉर्ट के, आप तो पेंट में हो न", माल ने चुटकी लेते हुये कहा।"
"तो क्या हुआ, मैं उसे उतार दूंगा न॥" दीपक ने कहा
"मतलब, बिना पेंट के ....?" माला ने हँसते हुये कहा।
"अरे नहीं। मैं भी शॉर्ट पहन लूँगा बाबा।", दीपक ने हँसते हुये कहा।
दीपक ने माला की कमर में हाथ डाल लिया और साथ साथ चलने लगे। कावेरी ने उन्हे देखा और मुस्कुरा कर बोली, "यह क्या दीपक, पार्टी बदल ली तुमने....?", और तीनों जोरों से हँसने लगे।
डेनियल ने कहा, "हम लोग यहाँ रुकते हैं "
वो लोग वहीं बैठ गए। माला और डेनियल साथ बैठे थे और कावेरी और दीपक एक साथ। और पंद्रह मिनट के ब्रेक के बाद जब चलने का नंबर आया तो माला ने कहा की मैं अभी आती हूँ। और वो थोड़ा दूर गई और एक पेड़ की ओट में एक कमीज और शॉर्ट पहन कर लौट आई। उसने अपनी शर्ट को अपनी टुंडी के ऊपर बांधा हुआ था और उसकी चिकनी जांघे चंद्रमा की रोशनी में चमक रही थी। 
वो लोग आगे बढ़े, और माला ने दीपक का हाथ थाम लिया और कावेरी ने डेनियल का। कावेरी बड़ी उत्साहित थी क्यूंकी उसके नरम हथेलियों को डेनियल की मजबूत हाथों ने थामा हुआ था। असल में दीपक और कावेरी दोनों ही broad-
"भाभी, तुम बहुत सुंदर लग रही हो", दीपक बोला
"अच्छा, वो क्यूँ? इसलिए की मेरी टाँगे दिख रही हैं?", माला ने कहा।
"हाँ, हो सकता है", दीपक ने कहा।
"और तुम इसका मजा ले रहे हो", माला ने कहा।
"मुझे आपका साथ पसंद आ रहा है।", दीपक ने कहा।
"बिना यह सोचे की तुम्हारी पत्नी भी हमारे साथ चल रही है,", माला ने कहा।
"तो क्या, हम लोग ज्यादा नहीं सोचते।" दीपक ने कहा और अपना हाथ माला की कमर से उसके हिप्स के ऊपरी उभर पर कर लिया। 
"तुम मौके का फायदा उठा रहे हो", माला ने कहा।
"नहीं, मैं तो आपको support कर रहा हूँ।" दीपक ने कहा।
"तब ठीक है।" माला ने कहा
"थोड़ा पास आइए ", दीपक ने कहा
"क्यूँ"
"बस, ऐसे ही"
वो पास आ गई और बोली, "हैप्पी?"
"हाँ, बिल्कुल!" और कहते हुये उसने माला के हिप्स पर हाथ फेरा और उन्हे भींच दिया। 
"तुम्हें यह नहीं करना चाहिए", माला ने कहा। 
"मैं क्या कर रहा हूँ?"
"तुम मेरे हिप्स को जकड़ रहे हो।"
"तो ... ? उसमे बुरा क्या है?"
"अपनी पत्नी से पूछ कर देखो, वो बता देगी"
"वो तो बहुत आगे चल रही है"
"तो इसी का फाइदा उठा रहे हो"
"नहीं... मैं तो आपको आराम देने की कोशिश कर रहा हूँ"
"आराम? किस बात का ?"
"सफर का... इससे सफर की थकान दूर हो जाएगी।"
"और... "
"और क्या... अच्छा लगेगा"
"और तुम्हें इससे क्या मिलेगा?"
"मुझे इन्हे मसलने का सुख मिलेगा।" और कहते हुये उसके हिप्स को अच्छी तरह से अपनी हथेलियों में भरने लगा।
माला एक अनजाने सुख से भर गई जैसे ही उसकी हथेलियों ने उसके हिप्स को जकड़ा। 
"ठीक है, पर इससे आगे कुछ भी नहीं...समझे।" माला ने कहा।
"बिल्कुल नहीं... जब तक आप न कहें।" दीपक ने कहा
तभी दीपक ने देखा की आगे कावेरी और डेनियल रुक गए हैं और कुछ बातचीत कर रहे हैं। जब वो वहाँ पहुँचे तो डेनियल ने कहा, "कावेरी थक गई हैं और आराम चाहती हैं। 
बीस मिनट के आराम के बाद वो लोग फिर से चलने लगे पर इस बार दीपक और कावेरी एक साथ हो गए और डेनियल ने माला की तरफ हाथ बढ़ा दिया जिससे माला बहुत खुश हो गई। और माला ने डेनियल की कमर में अपना हाथ डाल लिया और डेनियल माला के इस कदम से बहुत खुश हुआ अपने मन में।
कुछ दूरी तक वो लोग चलते रहे और आखिर में डेनियल ने फिर से रुकने के लिए कहा। दोनों महिलाएँ बहुत थक गई थी। वो दोनों बिना कुछ सोचे समझे वहीं एक साथ लेट गईं। जबकि दोनों आदमी लोग खड़े उन्हे देख रहे थे। और फिर दीपक कावेरी के साथ और डेनियल माला की तरफ लेट गया। आज वो माला के थोड़ा नजदीक था। उन लोगों ने अपने को ढाँका नहीं था और वैसे भी वो लोग घास के ढेर पर लेटे हुये थे । दीपक अपनी पत्नी के नजदीक आ गया और उसे कावेरी को छूने की तमन्ना हुयी तो उसने अपने हाथ घास के नीचे से उसके हिप्स पर रख लिए। और उन्हे मसलने लगा। कावेरी को कोई दिक्कत नहीं थी और वो उत्तेजित हो रही थी। उसने दीपक को और आजादी देने के लिए माला की तरफ करवट ले ली, उधर माला जैसे जैसे साँसे ले रही थी उसका वक्ष ऊपर नीचे हो रहा था। माला का वक्षस्थल बहुत विकसित था। इसका फाइदा दीपक ने उठाया और वो कावेरी के और नजदीक आ गया। और उसकी स्कर्ट को ऊपर किया। उधर माला ने भी कावेरी की तरफ करवट ले ली और कावेरी के स्तनो पर अपने हाथ टीका दिये, जिससे कावेरी को और उत्तेजना का अनुभव होने लगा। और वो उम उम करके आवाज करने लगी। माला को लगा की यह सब उसके हाथ रखने की वजह से है वो और निडर हो गई और उसने कावेरी की शर्ट के बटन खोल दिये और उसके दोनों हिस्से इधर उधर कर दिये और सामने थे कावेरी के नंगे स्तन, भरे पूरे...उसकी ब्रा के अंदर जकड़े हुये। उन्हे देखते हुये उसने अपने हाथ आगे बढ़ाए और उसके स्तनो को अपने हाथों से थाम लिया और उनकी गरमाहट महसूस करने लगी। 
जबकि दीपक ने अपना हाथ कावेरी की जांघों के बीच में डाल दिया था। कावेरी ने भी अपने पैर थोड़े खोल लिए थे। और जहाँ कावेरी एक तरफ अपने स्तनो पर अपनी भाभी के हाथों का स्पर्श पा रही थी और दूसरी तरफ दीपक उसकी जांघों के बीच दवाब बना रहा था। जब माला ने महसूस किया की कावेरी भी मजे ले रही है तो उसने कावेरी के स्तनो को और अच्छी तरह से सहलाना शुरू कर दिया और कावेरी की जांघों के बीच गीलापन शुरू हो गया था, उसकी पेंटी में गीलापन आ चुका था। 
दीपक ने उसकी गीली पेंटी को महसूस किया, कावेरी को पहला ओरगास्म हो चुका था और उसने दीपक की तरफ करवट ले ली, उसके इस तरह से करवट लेटे ही दीपक ने उसका हाथ पकड़ कर अपने जीन्स पर वहाँ रख दिया जहाँ उसका लिंग उफान के मारे बाहर निकालने को आतुर था। दीपक के मुह से आह निकल गई जब कावेरी ने उसके लिंग को जीन्स की चेन खोलकर उसके अंडर वियर में से निकाल कर हाथ में पकड़ लिया। दीपक की आहें माला भी सुन पा रही थी। उसने अपने हाथ कावेरी की पींठ पर रख लिए। जबकि कावेरी दीपक के लिंग को ऊपर नीचे कर रही थी। 
दीपक का वीर्य निकलने वाला ही था। वो सिर्फ इस बात से ही उत्तेजित नहीं था की उसकी पत्नी उसके लिंग को पकड़ कर उसे आनंद दे रही थी बल्कि बगल में माला की उपस्थिति को लेकर भी उत्तेजित था। दीपक का लिंग धड़के जा रहा था और जैसे की कावेरी उसे ऊपर नीचे किए जा रही थी तो एक गहरी आह के साथ उसने अपना वीर्य निकाल मारा। 
माला ने भी यह सुना और समझ गई की दीपक का वीर्य निकल चुका है। और उसने कावेरी को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया और उसके स्तनो को अपनी हथेलियों में भर लिया। और अपनी भाभी के स्तनो को अपने हाथो में भरकर सो गई। 
डेनियल अगली सुबह जागने वालों में से सबसे पहला था...
डेनियल सबसे पह उठा, उस सुबह। सूरज आकाश में चमकने लगा था। और जब उसने उन दोनों महिलाओं को सोते हुये देखा तो वो कावेरी की खुली हुयी शर्ट और उसमे माला के हाथ लगे देख कर ज्यादा उत्साहित हो गया। वो बैठ कर उन दोनों को एकटक देखने लगा और जब दीपक पर उस की नजर पड़ी तो पाया की उसकी पेंट की ज़िप खुली हुयी थी और लिंग भी अपने सुस्तपने में पड़ा हुआ था। दीपक भी जागने लगा था सो डेनियल तुरंत उठ खड़ा हुआ। दीपक जब अपनी नींद से पूरी तरह से जागा तो सामने ही उसने पाया की उसकी पत्नी की शर्ट खुली हुयी है और माला के हाथ उसके अंदर हैं। यह देखकर उसका सुस्त पड़ा लिंग फिर से जोश में आने लगा, वो उन दोनों महिलाओं को वहीं पर सोता हुआ पानी की खोज में निकाल लिया। 
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04-06-2014, 06:18 PM
Post: #2
RE: पवित्र गुफा का चमत्कार
कावेरी और माला दोनों ही तब जागी जब सूरज बिल्कुल सिर पर चढ़ गया। और जब उन्होने पाया की वो लोग किस तरह से सो रही थीं और दोनों आदमी लोग वहाँ नहीं हैं, तो जरूर उन लोगों ने उन्हे ऐसे देखा भी होगा। पहले उन्हे धक्का सा लगा यह सोचकर पर फिर उन्हे लगा की किसी ने भी उन्हे इसके लिए नहीं टोका तो ठीक है। 
वो सीधे होकर बैठने की कोशिश कर ही रही थीं की डेनियल को आता देख वो दोनों खड़ी हो गई और डेनियल ने उन्हे एक तरफ इशारा करके पानी की धारा की तरफ जाने के लिए रास्ता बता दिया। वहाँ पर दोनों ठंडे पानी में पाँव डाल कर बैठ गई। कावेरी पहले बोली, "मुझे लगता है, की उन लोगों ने हमे देख लिया"
"हाँ, मुझे भी ऐसा ही लगा", माला ने कहा
"मुझे चिंता हो रही है।"
"किस बारे में?", माला ने पूछा
"दीपक ने मेरी शर्ट में आपका हाथ देखा होगा!", कावेरी ने कहा।
"तो क्या?", माला ने कहा
"उसे अच्छा नहीं लगा होगा। " कावेरी ने कहा
"क्यूँ? उसे इसमे बुरा क्या लगा होगा, सोते हुये मेरा हाथ वहाँ जा सकता है। वो समझ सकता है", माला ने कहा
"और अगर नहीं समझ पाया?", कावेरी ने कहा'
"हमने ऐसा कुछ गलत नहीं किया जिससे उसका मूड खराब हो।", माला ने कहा
"पर फिर भी अगर वो गुस्सा हुये?", कावेरी ने शंका जाहिर करी।
"नहीं... वो गुस्सा नहीं करेगा, मैं उसे इतना तो जानती हूँ", माला ने कहा
"आप इतने विश्वास से कैसे कह सकती हो दीदी?", कावेरी ने कहा
"क्यूंकी मैंने भी उस पर गुस्सा नहीं किया था जब उसके हाथ मेरे से छु गए थे", माला ने राज जाहिर करते हुये कहा।
"उन्होने आप को कहाँ छूया?" कावेरी ने पूछा
"उसके हाथ मेरे हिप्स पर गए थे जब उसने कमर में हाथ डाला था।", माला ने बोला
"क्या... जानभूझ कर...?", कावेरी ने फिर से प्रशन दाग दिया। 
"उसी से जाकर पूछ लेना।" माला ने मुस्कुराते हुये कहा।
"अच्छा, तो आप दोनों मज़े कर रहे हो?", कावेरी ने कहा।
"मैंने कहा न, तुम चाहो तो उसी से पूछ लो।", माला ने कहा।
कावेरी के लिए एक नया समाचार था, वो दोनों जाने वापस केंप की तरफ लौट लिए। वहाँ डेनियल और दीपक खाने की तयारी कर रहे थे। उन सभी ने बिना ज्यादा बोले खाना खतम किया और फिर डेनियल उन्हे पास के एक तालाब पर ले गया।
कावेरी सबसे पहले तालाब में उतरी और ज्यादा गहराई में न जाकर सिर्फ घुटनो तक के पानी में ही गई और उसकी स्कर्ट पानी में आते ही ऊपर तैरने लगी जिससे की उसकी गोरी जांघें उस साफ पानी में से साफ् नजर आने लगी। 
डेनियल और दीपक ने भी पानी में छलांग लगाई और तैरने लगे। और उधर माला और कावेरी आपस में एक दूसरे पर पानी की छींटा छाटी कर रही थीं। उनकी शिर्ट्स पानी से भीग चुकी थी और ब्रा साफ नजर आ रही थी। उन दोनों को अर्धनग्न अवस्था में देख दीपक उत्तेजित था। वो माला की तरफ पीछे की तरफ से बढ़ा और उसे गहरे पानी में खींच लिया। यह देख कर कावेरी खुश होकर ताली बजाने लगी की अचानक उसे भी डेनियल ने आकार पानी में खींच लिया। अब माला ताली बजा रही थी।
दोनों आदमी लोग बारी बारी से माला और कावेरी को पानी में भिगो रहे थे। तभी डेनियल कावेरी को थोड़ा और गहरे पानी में ले जाने लगा, जिसकी वजह से कावेरी थोड़ा घबराई तो डेनियल ने कहा,"रिलैक्स, its ओके !"
उसके इस कथन से उसे विश्वास जागा और जब डेनियल ने पूछा की क्या वो तैरना सीखना चाहेगी? तो कावेरी ने हाँ कर दी। 
"आप इसे हटा क्यूँ नहीं देती, इसकी वजह से आप टाँगे नहीं चला पाएँगी", डेनियल ने स्कर्ट के लिए कावेरी को बोला।
"नहीं, मैं नहीं कर सकती।" कावेरी ने अपने पति की तरफ इशारा करते हुये कहा।
"मैं समझता हूँ ", डेनियल ने कहा और उसने कावेरी को अपनी बाहों में भरा और उसे पैर चलाने को कहा। डेनियल के ऐसा करते ही कावेरी उत्तेजना महसूस करने लगी और पैर भी चलाने लगी। कावेरी को डेनियल ने तालाब की सतह पर तैरने के लिए संभाला हुआ था। और अपनी पींथ ऐसे करली थी की दीपक और माला से कावेरी का शरीर छिप रहा था। उधर कावेरी की स्कर्ट से उसकी जांघें दिखाई पढ़ रही थी सो डेनियल उत्तेजित हुये जा रहा था। उसने कावेरी के कंधो पर हाथ रखा और कावेरी को अपने पैर और हाथ चलाने की लिए कहा जिससे की वो तैर सके। कावेरी ऐसा ही करने लगी और जैसे ही थोड़ा और गहरा पानी आया, उसने अपने हाथ कावेरी के सीने पर रख दिये और उसके स्तनो के ऊपरी हिस्सो का एहसास करने लगा। कावेरी उसकी इस हरकत पर अपने को रोक नहीं पायी और जैसे ही डेनियल के हाथों के उसके स्तनो को फिर से छूया वो पलटी और डेनियल के गले में अपने हाथ डाल कर उससे लिपट गई। डेनियल भी उसकी इस हरकत पर उत्तेजना में आ गया और अपने दूसरे हाथ से उसकी पींथ पर से होता हुआ उसके हिप्स पर पहुँच गया। कावेरी आहें भरने लगी जब डेनियल के हाथों ने उसके नितंबो को कस लिया और उसने और जोरों से अपने स्तनो को डेनियल की छाती से दबा दिया। उसके ऐसा करने पर डेनियल को जैसे ग्रीन सिंगनल मिल गया और उसने कावेरी को पूरा ही अपनी बाहों में भर लिया जिससे अब उसका उत्तेजित लिंग कावेरी की कमर पर टकरा रहा था। उसके मोटे और उत्तेजित लिंग का एहसास अपनी कमर पर पाकर कावेरी की योनि से रस छूटने लगा था। वो अपने को रोक नहीं पा रही थी और डेनियल नीचे से ऊपर की तरफ धक्के लगा रहा था तो इसी में उसका लिंग अंडर वेयर में से निकाल कर उसकी कमर पर रगड़ खाने लगा, जिसका एहसास पाकर कावेरी पागल हुये जा रही थी। 
कावेरी ने उसके लिंग को अपनी कमर पर बिल्कुल सटा लिया था और डेनियल स्ट्रोक्स लगाए जा रहा था। कावेरी ने महसूस किया की डेनियल का वीर्य निकालने ही वाला है तो उसने अपने छाती को डेनियल से बिल्कुल सटा दिया और अति-उत्साहित होकर डेनियल ने उसकी कमर पर ही वीर्य छोड़ दिया। 
कावेरी ने महसूस किया की उसका वीर्य लिंग में निकाल रहा है। यह जानते ही उसने अपने को डेनियल से अलग किया और पानी में दूसरी तरफ मुह करके हाथ और पाँव चलाने लगी की मानो वो तैरने की प्रेक्टिस कर रही हो। और डेनियल को जब यह एहसास हुआ तो उसने भी अपने लिंग को तुरंत अपने अंडर वेयर में डाल लिया। 
जब माला और दीपक की नजर उन लोगों पर पड़ी तब तक सब कुछ सामन्य लग रहा था। फिर चारो पानी से बाहर निकाल आए। माला डेनियल को उसके अंडर वेयर में देख कर उत्तेजित हो रही थी। उसकी मांसल टाँगे और चौड़ी छाती को देख उसका मन उन्हे छूने का हो रहा था। उसने भी उससे तैराकी सीखने का सोचा पर शायद सही समय नहीं है यह, सोच रुक गई। 
वो लोग गीले ही केंप तक जा रहे थे, सो चारों को एक दूसरे के शरीर के अंगों को गीलेपन के मादक स्वरूप में देखने का मौका मिल रहा था। जल्दी ही ठंडक होने लगी थी। डेनियल ने सभी को चलने के लिए तयार होने को कहा। सूरज डूब गया और चंद्रमा आकाश में आ गया। अब वो लोग एलीफेंट ग्रास में चलने लगे, सभी एक लाइन में चल रहे थे। सबसे आगे डेनियल, फिर कावेरी, माला और अंत में दीपक। माला के हाथों और गालों पर एलीफेंट ग्रास छु जा रही थी और वो इससे मन ही मन खुश थी क्यूंकी इसकी वजह से वो आगे वालों से छिपी हुयी थी, उसके आगे बस बड़ी बड़ी घास आ जा रही थी। वो अचानक उत्तेजना में आई और अपनी गति थोड़ी सी कम कर दी। दीपक ने उसे देखा तो पीछे से उसकी कमर में हाथ डाल कर उसे अपनी तरफ खींच लिया। दीपक ने उसके नितंबो को सहलाना शुरू कर दिया।
"यह क्या कर रहे हो?", माला ने कहा
"मैं थोड़ी गर्मी पैदा करने की कोशिश कर रहा हूँ",
"क्यों?", माला ने कहा
"क्योंकि, आपकी शॉर्ट्स अभी भी गीली है और आपको ठंड लग सकती है।"
"तुम बड़े प्यारे हो ", माला ने इठलाते हुये कहा।
"क्या इसे उतार सकती हो?", दीपक ने शॉर्ट्स के किनारे पकड़े हुये कहा।
"क्या यह जरूरी है ?", माला ने पूछा।
"हाँ, आपके हिप्स जल्दी ही सूख जाएँगे अगर उन्हे हवा लगेगी।"
"ठीक है, फिर उतार दो।" माला ने कहा।
दीपक उसके मुह से यह बात सुनकर सन्न रह गया। उसने अपना हाथ आगे किया और शॉर्ट्स का बटन ढूँढने लगा। और फिर उसने उसे खोला और ज़िप को नीचे कर दिया। माला के दिल की धड़कन बढ़ती चली जा रही थी जैसे जैसे दीपक के हाथ उसके शॉर्ट्स के बटन खोलकर ज़िप को खोल रहे थे। 
दीपक ने उसकी शॉर्ट्स को उसकी टाँगों से अलग किया और कंधे पर डाल लिया। इधर माला पेंटी में थी सो उसने अपनी शर्ट को थोड़ा नीचे खिसका दिया जिससे की पेंटी छिप जाये। दीपक ने फिर से उसके नितंबो पर हाथ रखा।
"अब क्या है?", माला ने उसे देखते हुये पूछा।
"मुझे लगता है की तुम्हें यह भी उतार देनी चाहिए।", दीपक ने कहा
"नही...बिल्कुल नहीं।",माला ने विरोध दिखाया।
"अच्छा....तो कोई बात नहीं फिर हवा पहुँचने का दूसरा तरीका भी है।", दीपक ने कहा और उसकी पेंटी को पकड़ कर खींचा जिससे पेंटी ने माला की योनि पर कसाव पैदा कर दिया और वो उत्तेजित होने लगी।
दीपक को भी इस बात का एहसास होने लगा था और उसने माला को अपनी तरफ खींचा और उसकी पेंटी में अपना हाथ डाल लिया। माला खुशी के मारे मरी जा रही थी जब दीपक के गरम हाथ उसके नंगे हिप्स पर छु रहे थे। उसको आनंद में आते देख दीपक ने अपना हाथ और अंदर दोनों हिप्स की दरार में डाला। माला से रहा नहीं गया और उसने भी अपने हाथ पीछे किए और दीपक के हिप्स पर उन्हे रख दिया और फिर अपनी तरफ धक्का मारने लगी। जिससे दीपक माला के एकदम नजदीक आ गया। उसका लिंग माला के पीछे छु रहा था। और जब माला को इस बात का एहसास हुआ तो वो और धीरे चलने लगी, और दीपक ने अपना हाथ और अंदर बढ़ा दिया जहाँ की माला की योनि शुरू होती थी।
"ओह, तुम यह क्या कर रहे हो?" माला आह भरती हुयी बोली जैसे ही दीपक की उंगलियों ने उसके गीले योनि द्वार को छुआ। 
"देखो, ....यह भी गीला है।" उसने अपनी उंगलियों को ऊपर की तरफ ले जाते हुये कहा। 
"नहीं ...ऐसा तो नहीं है।"  उसने जानभूझकर ऐसा बोला
दीपक ने उसकी यह बात नहीं सुनी और उसकी योनि प्रदेश को अपनी हथेली में भर लिया और अपने से चिपटा लिया। उसका लिंग माला की कमर पर अपना एहसास करवा रहा था।
माला पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी। और जब दीपक ने अपने शॉर्ट्स में से ही ही लिंग से हल्के हल्के स्ट्रोक्स लगाने शुरू किए तो माला ने अपनी पेंटी गीली करनी शुरू कर दी। और उसका शरीर थरथरा गया, जिसे भांप कर दीपक समझ गया की माला को ओरगस्म हो गया है। उसने माला के कंधों पर अपने हाथ रखे और नीचे की तरफ ज़ोर लगाया जिससे माला वहीं पर रुक गई। और जैसे ही वो रुकी, दीपक का लिंग जोकि उसकी कमर से चिपटा हुआ था को थोड़ी सी जगह मिली और वो उसके हिप्स की दरार में अपनी जगह बनाने लगा। वो शॉर्ट्स के अंदर से ही अपने लिंग को माला के हिप्स की दरार में से अंदर की ओर धक्के लगा रहा था और माला भी पीछे की तरफ हिप्स करके उसे इसमे सहायता कर रही थी। और जल्दी ही दीपक ने अपने शॉर्ट्स के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दिया। 
उधर दूसरी तरफ डेनियल और कावेरी थोड़ा आगे चले गए थे और डेनियल अपने कानों पर पूरा ज़ोर देकर यह जानने की कोशिश में था की वो लोग कितने पीछे चल रहे हैं। उसके तेज कानो में कोई आवाज न पा कर वो समझ गया की वो लोग कुछ ज्यादा ही पीछे रह गए हैं। उसने यह मौका उचित समझा और कावेरी का हाथ दबाया, जिसके उत्तर में कावेरी मुस्कुरा दी। उसके मुस्कुराते ही डेनियल ने उसकी जांघों पर हाथ फेरा। जब कावेरी को लगा की डेनियल फिर से उसके करीब आने की कोशिश कर रहा है तो वो डेनियल की तरफ मुड़ी और उसके कंधों के पीछे की तरफ दीपक और माला को देखने की कोशिश करने लगी, की वो कितने दूर हैं?'
डेनियल ने उसे ऐसा करते देखा तो कहा,"वो लोग काफी पीछे रह गए हैं"।
यह सुनकर कावेरी मुस्कुरायी और बोली,"तुम्हें पूरा विश्वास है?"
"हाँ, वो लोग कम से कम 100 मीटर दूर हैं, वरना मैं उन्हे सुन सकता था।", डेनियल ने जवाब दिया।
"अच्छा .... ऐसा है क्या?", कावेरी ने कहा
"हाँ। और तुम्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।"
"क्यूँ नहीं है ?"
"क्योंकि मैंने तुम्हें देखा की तुम क्या चाहती हो?'
"अच्छा, तुम क्या दिमाग पढ़ना भी जानते हो?", कावेरी ने पूछा
"हाँ, और मैं यह भी जानता हूँ की तुम क्या चाहती हो?" और डेनियल ने कहते हुये अपने हाथो को कावेरी की अंदरूनी जांघों पर फेरा।
कावेरी अपनी जांघों पर उसके गरम हथेलियों का स्पर्श पाकर आह भरती हुयी बोली, " और वो क्या चीज है?"
"तुम्हारे पैर थक गए हैं और इन्हे एक अच्छी मसाज चाहिए।"
"हाँ, वो तो है। मेरे पैर बहुत थक गए हैं", कावेरी ने कहा
"हाँ, मुझे पता है।" डेनियल उसकी जांघों को सहलाता हुआ बोला।
उसने उसकी चूतड़ो को अपनी हथेलियों में जकड़ा और फिर उसकी पेंटी को पकड़ कर बोला "क्या इसे उतार दूँ?"
"क्यों?", कावेरी ने पूछा
"इससे और आराम मिलेगा", डेनियल ने कहा
अब तक कावेरी के बदन में आग लग चुकी थी। और वो बोली, "अगर ऐसा है तो उतार दो .... न "
उसके ऐसा कहते ही डेनियल ने एक झटके में उसकी पेंटी नीचे खींच दी और टाँगों से अलग कर दी और फिर उसे अपनी बाहों में भरने लगा।
डेनियल ने उसकी स्कर्ट ऊपर की और अपने लिंग को उसकी दिख रही योनि में डालने के लिए अपने को व्यवस्थित करने लगा। कावेरी जोरों से आहें भर रही थी और अपने दोनों हाथों से डेनियल के हिप्स पर दवाब बना रही थी और डेनियल के हाथों को अपने हिप्स पर रखने का इशारा दे रही थी। 
कावेरी के मुह से उफ निकाल पड़ी जब डेनियल की हथेलियों ने उसकी गीली हो चुकी योनि प्रदेश को भर लिया। और डेनियल का लिंग अंदर जाने को आतुर था, शॉर्ट्स का बटन खोलते ही वो बाहर की तरफ निकाल पड़ा कि तभी दीपक और माला नजदीक आते हुये प्रतीत हुये। उससे रहा नहीं गया उसने तुरंत कावेरी को पीछे की तरफ कर जमीन पर धकेल दिया और बिना शॉर्ट्स उतारे ही उसके ऊपर आ गया। और अपने लिंग से उसकी कमर पर स्ट्रोक्स लगाने लगा। कावेरी का शरीर उसके इस तरह के वहशी पन पर फिदा हो रहा था और उसकी योनि में से योनि रस धारा के रूप में बहे जा रहा था। डेनियल को प्रतीत हो रहा था की वो लोग (दीपक और माला) भी नजदीक आते जा रहे थे और उसके पास ज्यादा समय नहीं था की वो अपना लिंग कावेरी की योनि में डाल पाये। उसने एक बार ज़ोर से कावेरी को किस किया और अपने लिंग को उसकी कमर पर जोरों से रगड़ते हुये उसके नाजुक बदन की गर्मी को महसूस करते हुये उसने उसकी कमर पर ही वीर्य उड़ेल मारा। कावेरी ने उसे कस के पकड़ लिया जैसे ही उसे महसूस हुआ की उसके लिंग में से वीर्य की धारें उसके पेट पर निकल रही हैं। 
डेनियल अपना वीर्य निकालने के बाद बिजली की तेजी से खड़ा हुआ, अपनी शॉर्ट वापस ऊपर चढ़ाई और कावेरी को भी खड़ा कर लिया। और जब माला और दीपक वहाँ आए तो वो असली द्र्श्य तो नहीं देख पाये पर जब उन दोनों ने घास में पड़ी कावेरी की पेंटी देखी तो वो माजरा समझ गए। माला ने उसकी पेंटी जब घास में से उठाई तो कावेरी को लगा की जैसे उसके पैरों के नीचे से जमीन निकल गई है। पर माला ने उसे फुसफुसाकर कहा, "चिंता मत करो, सब ठीक है", उसके इन शब्दों को सुनकर कावेरी को कुछ राहत आई तो उसने पाया की माला भी पेंटी और शर्ट में उसके सामने खड़ी है और दीपक ने आगे बढ़ कर कावेरी को किस कर लिया। 
डेनियल चुपचाप खड़ा देखता रहा और जब उसने देखा की दीपक और कावेरी एक दूसरे को किस कर रहे हैं तो उसे भी राहत आ गई। वो लोग फिर से आगे बढ़े और कुछ दूर आगे जाकर एक गुफा के पास पहुँच गए, जहाँ उन्हे अब आगे की रात बितानी थी।
सभी बुरी तरह थके हुये थे और जब वे लोग जागे तो दोपहर हो चुकी थी, तो उन लोगो ने खाना बनाया और खाया। उसके बाद वो लोग फिर से चलने लगे। और कई किलोमीटर चलने के बाद वो लोग एक बड़ी पहाड़ी के नीचे पहुँच गए। डेनियल ने सभी को रुकने को कहा। 
जब दीपक ने उससे पूछा, "क्या हुआ?"
तो डेनियल ने दो रास्तों की तरफ इशारा करते हुये कहा, "दोनों रास्ते ऊपर पहाड़ी पर जाते हैं पर एक बाएँ से और दूसरा दायें से। किस रास्ते से जाएँ?"
"ये रास्ते कहाँ जाकर मिलते हैं?", दीपक ने पूछा
"ये रास्ते जहाँ मिलते हैं, वहाँ भी एक गुफा है जहाँ हम लोग आगे की रात बिताएंगे।", डेनियल ने कहा।
दीपक ने दोनों महिलाओं को देखते हुये कहा, "क्या कहती हो? एक रेस हो जाये? हम लोग ग्रुप्स बना लेते हैं !"
"हाँ, क्यूँ नहीं?" कावेरी ने अपनी इच्छा जाहिर की और कनखियो से डेनियल को देखने लगी। 
"तो ठीक है, फिर आप मेरे साथ चलोगी?", दीपक ने माला की तरफ देखते हुये इजाजत मांगी, क्योंकि कावेरी ने तो अपनी इच्छा जाहिर कर ही दी थी।
माला और दीपक उन दोनों की जोड़ी को दूर जाते हुये देख रहे थे। और उन दोनों जोड़ियों में थोड़ी दूरी बन गई तो माला ने दीपक से कहा "हमे भी अब चलना चाहिए!"
"इतनी जल्दी क्या है ?", दीपक ने कहा
"मत भूलो, की यह एक रेस है !", माला ने कहा
"तुम्हें क्या लगता है की हम लोग उन्हे हरा सकते हैं?", दीपक ने डेनियल और कावेरी को उस रास्ते पर नजरों से ओझल होते देख कहा।
"तो फिर तुमने हामी क्यूँ भरी रेस के लिए?", माला ने कहा
"रेस में कौन जीतना चाहता है? मैं तो आपके साथ थोड़ा अकेले में समय निकालना चाहता था!", दीपक ने कहा।
"क्यूँ? ऐसा क्यूँ?", माला ने दीपक के कंधों पर अपने हाथ रखते हुये कहा।
"क्योंकि मैं आपको बहुत नजदीक से देखना चाहता हूँ", दीपक ने कहा
"मतलब, मैं अभी भी तो नजदीक ही खड़ी हूँ, कुछ और तरीके से देखना है क्या?", माला ने पूछा
"हाँ", दीपक ने कहा और अपना हाथ माला के सीने पर रख कर उसकी कमीज के बटन पर पहुँच गया और उन्हे खोलने लगा।
'हे, मेरे बटन क्यूँ खोल रहे हो, यहाँ में गीली नहीं हूँ, जो मुझे हवा की जरूरत हो।", माला ने कहा।
"हाँ, पर आपको पसीना तो आ रहा है न?", दीपक ने कहा
"तो क्या, अगर मुझे पसीना आ रहा है ?", माला ने कहा
"मैं उसे आपके शरीर से पोंछना चाहता हूँ", दीपक ने माला की कमीज उतारते हुये कहा।
"क्या यह जरूरी है की पसीना पोंछने के लिए मेरे कपड़े उतार दिये जाएँ? क्या कपड़े पहने हुये में पसीना नहीं पोंछ सकते?", माला ने कहा
"नहीं, मैं आपके सारे कपड़े उतारना चाहता हूँ भाभी।", दीपक ने अपने मन की बात जाहिर करते हुये कहा।
"यानी ... तुम मुझे नंगा कर दोगे?", माला ने विसमयता से दीपक की ओर देखते हुये कहा।
"हाँ... बिल्कुल नंगा... !!", दीपक ने कहा
"दीपक, क्या तुमने मुझे नंगी देखने के लिए डेनियल और कावेरी को अलग रास्ते पर भेज दिया?", माला ने पूछा
"यह तो मेरे दिमाग में बहुत देर से आया!", दीपक ने कहा।
"तो तुमने उन दोनों को क्यूँ भेजा? क्या तुम्हें अपनी पत्नी के सामने मुझे नंगा करने में डर नहीं लगता?", माला ने पूछा।
"नहीं... ऐसा नहीं है। पर मैं आपको अकेले में नंगी देखना चाहता था।"
"मुझे नंगी देखकर तुम्हें क्या खुशी मिलेगी? क्या तुमने कभी नंगी लड़की नहीं देखी? तुम तो शादीशुदा हो! कावेरी को लगभग हर रात ही नंगी देखते होंगे!", माला ने कहा
"कावेरी को नंगी देखने से मुझे खुशी मिलती है पर आपकी सुंदरता देख कर मैं आपसे भी वही खुशी पाना चाहता हूँ", कहते हुये दीपक ने उसकी पेंटी को नीचे खिसकाना शुरू कर दिया।
"अच्छा.... तो तुम मुझे सिर्फ नंगा देखना चाहते हो?" माला ने कहा
"नहीं, मैं आपसे शारीरिक सुख भी चाहता हूं", दीपक ने कहा
"तुम जानते हो न की मैं तुम्हारी भाभी हूँ न की पत्नी?", माला ने कहा
"हाँ...मैं जानता हूँ, जभी तो मैं आपके लिए इतना पागल हूँ ", दीपक ने कहा
"और तब क्या होगा जब मैं यह सब कावेरी को बताऊँगी", माला ने कहा
"मेरी और मदद हो जाएगी ", दीपक ने कहा
"वो कैसे?", माला ने पूछा
"वो ऐसे की अगर उसे पता चला तो मैं फिर उसके सामने ही यह सब करूँगा।", दीपक ने कहा
"अच्छा ....और अगर उसने भी ऐसा ही कुछ करने की ठान ली? जैसे की वो भी डेनियल के साथ ऐसा कुछ करने की सोचे ... फिर?" माला ने फिर पूछा।
"अच्छा ... आपको क्या लगता है की वो इस समय क्या कर रही होगी?", दीपक ने माला के पैरों में से पेंटी अलग करते हुये कहा।
"मुझे कैसे पता होगा की वो क्या कर रही होगी, मुझे तो बस यह पता है की तुम मेरे साथ क्या कर रहे हो?", माला ने दीपक के चेहरे हो अपनी हथेलियों में भरते हुये कहा।
"और आपको यह पसंद भी आ रहा है जो कि मैं कर रहा हूँ आपके साथ?", दीपक ने प्रश्न किया।
"हां, दीपक! मुझे बहुत अच्छा लग रहा है" कहते हुये माला ने उसके होंठों से अपने होंठों मिला दिये और जोरदार तरीके से किस करने लगी। और जब किस करके वापस पीछे हुयी तो दीपक ने उसका चेहरा अपने हाथों में भरकर कहा, "माला भाभी, आप बहुत अच्छी हो"
"हाँ... मुझे पता है कि मैं क्यूँ अच्छी हूँ? इसीलिए न कि मैंने तुम्हें होंठों पर किस किया?", माला ने पूछा
"हाँ...वो तो है। मुझे कावेरी के अलावा आज तक किसी ओर ने किस नहीं किया।", दीपक बोला।
"और तुम्हें मजा आ रहा है कि तुम्हारी भाभी तुम्हें ऐसे किस कर रही है?", माला ने कहा
"हाँ भाभी, मुझे मजा आ रहा है और अब मैं आपको नंगा देखना चाहता हूँ", दीपक ने कहा और माला कि ब्रा खोल दी।
"तो क्या दिख रहा है अब तुम्हें?" माला ने प्रश्न किया क्योंकि अब उसके स्तनो पर से ब्रा हट चुकी थी और दीपक कि आँखें उन्हे देखने में जुटी थी।
"आपके बूब्स!", दीपक ने माला के स्तनो पर निगाह डालते हुये बोला।
"तुम्हें अच्छे लगे?" माला ने इठलाते हुये कहा।
"हाँ, मुझे अच्छे लगे..." और दीपक ने उन्हे अपने हाथों से माला के स्तनो का मर्दन शुरू कर दिया।
"क्या कावेरी के इससे अलग तरह के हैं?", माला ने पूछा।
"हाँ, उसके निप्पल ब्राउन हैं, पर आपके ब्लेक हैं और देखने में सेक्सी हैं", दीपक ने कहा।
"तो फिर क्या करने का इरादा है?", माला ने कहा
"मुह में ले के चूसने का इरादा है ", दीपक ने कहा और अपना चेहरा माला के स्तनो के नजदीक ले गया।
"चलो, चूस लो", माला ने अपना सीना आगे बढ़ाते हुये कहा।
दीपक ने उसके एक स्तन को हाथ में पकड़ा और उसको चूसना शुरू कर दिया। माला चिहुल उठी और आहें भरने लगी। 
"काश, इनमे दूध भरा होता !", दीपक ने चूसना रोक कर माला के चेहरे कि तरफ देख कर कहा।
"अच्छा जी, ... इसके लिए तो फिर आपको मुझे प्रेग्नेंट करना पढ़ेगा. दीपक बाबू।" माला मुसकुराती हुयी बोली।
"तो फिर ठीक है, मुझे भी नंगा कर दो भाभी", दीपक ने कहा
"क्यूँ, अपने आप नहीं कर सकते ?", माला ने कहा
"नहीं ... मैं चाहता हूँ कि मेरी प्यारी भाभी अपने नरम मुलायम हाथों से यह करे।" दीपक ने कहा
माला ने दीपक के शॉर्ट्स पर हाथ लगाया और उसके उत्तेजित लिंग को महसूस किया। 
"हाँ, निकाल दो इसे बाहर। " दीपक ने कहा।
"क्यूँ? मुझे प्रेग्नेंट करने के लिए?... ओह लगता है बड़ा आतुर है यह बाहर आने के लिए", माला ने कहा और उसके शॉर्ट्स का बटन खोलकर उसे नीचे खिसका दिया। माला उसका लिंग पास से देखने के लिए थोड़ा झुकी और बोली, "बड़ा ही सुंदर है जी यह तो?"
"तो इसे अपने हाथों से पकड़ लो न भाभी ", दीपक ने कहा
माला ने अपने दोनों हाथों से उसके लिंग को पकड़ा और सहलाने लगी। जब माला उसके लिंग को सहलाने लगी तो दीपक ने माला को फिर से चूमना शुरू कर दिया और माल को घास में लिटा लिया। 
"क्या हुआ? मुझे लिटाया क्यों?", माला ने कहा
"मुझे तुम्हारी वो देखनी है !", दीपक ने कहा।
"तुम्हारा मतलब इससे है क्या?", माला ने अपनी दोनों टांगें फैलाते हुये अपनी जांघे खोलते हुये कहा। 
"हाँ, मैं आपकी चूत देखना चाहता हूँ", दीपक ने उसकी जांघों के बीच अपनी निगाह जमाते हुये कहा।
"तुम उसे देख पा रहे हो?" माला ने पूछा
"थोड़ा अपनी टाँगे और फैलाओ ", दीपक ने कहा
"अच्छा ठीक है... लो देखो, ... अब दिखी?" माला ने अपनी जांघे और फैलाते हुये कहा।
"हाँ, अब दिखी.... ब्राउन कलर की सुन्दर चूत!", दीपक ने माला की घने बालो से घिरी पूसी को देखते हुये कहा।
"तुम्हें नहीं लगता मैं तुम्हारी पत्नी से थोड़ी कम गोरी हूँ, मेरा मतलब मेरे बूब्स और पूसी थोड़ी डार्क कलर की हैं", माला ने पूछा
"हाँ...पर डार्कनेस में भी अपना एक मजा है न भाभी।", दीपक ने कहा
"अब कितनी देर तक इसे देखते रहोगे?", माला ने हँसते हुये पूछा
"जब तक यह मेरे दिमाग में न बस जाये", दीपक ने कहा
"क्यों, तुम्हें क्या लगता है की दुबारा कभी मौका नहीं मिलेगा क्या?" माला ने अपनी दोनों टाँगे दीपक के कंधों पर रखते हुये कहा।
"किसे पता कि अगला मौका कब और कैसे मिले?, दीपक ने उसके पूसी लिप्स को देखते हुये कहा।
"अरे ... ऐसा नहीं है दीपक बाबू, तुम जब चाहो, इसे देख सकते हो", माला ने कहा।
"सिर्फ देख सकता हूँ?" दीपक ने कहा
"देख भी सकते हो और जो करना चाहो वो भी कर सकते हो" माला ने उसे अपनी तरफ खींचते हुये जवाब दिया
दीपक उसके ऊपर चित्त लेट गया और पुछने लगा, "क्या आप तैयार हैं?" 
"हाँ, मेरे पूरे बदन में आग लगी हुयी है और पूसी फड़क रही है... बुरी तरह", माला ने कहा
"क्या आपकी पूसी मेरे लिंग को अपने अंदर लेना चाहती है?" दीपक ने पूछा।
"हाँ... इस के लिए मेने बहुत इंतजार किया है। जब से तुम्हारे भैया चले गए.... मेने किसी से संबंध नहीं बनाया और तुम्हारे भैया के साथ भी ज्यादा बार नहीं हो पाया था।", माला ने बताया।
"क्या इसलिए ही आप हम दोनों के साथ इस यात्रा पर आयीं थी?", दीपक ने पूछा।
"हाँ, जब मेने इस ट्रिप के बारे में सुना था, तो मुझे लगा कि इस बार शायद तुम्हें पाने का मौका मिल सकता है,... और आज मिल ही गया॥" माला मुस्कुराते हुये बोली।
"तो अगर आप मुझे चाहती थी तो फिर कावेरी के साथ... वो सब क्या था? वो रात में उसकी कमीज में आपके हाथ....?", दीपक ने अपनी शंका रखी।
"उसके सहारे मैं तुम्हारे नजदीक आना चाह रही थी", कहते हुये माला ने उसके लिंग को अपनी योनि के छेद पर टच किया।
"बड़ी चालाक हो आप भाभी", दीपक ने अपने लिंग को अंदर की तरफ धकेलते हुये कहा। 
और जब माला ने दीपक के लिंग को अपनी योनि की गहराइयों में जाते हुये महसूस किया तो बोली, "दीपक, अब जल्दी से कर डालो.... फक मी ... फक मी, प्लीज़!"
और जब माला ने उसका नाम लेकर उसे ऐसा बोला तो वो तुरंत चालू हो गया और उसने झटके लगाने शुरू कर दिये। माला अपने शरीर की दीपक के धड़ की तरफ धकेलती जब दीपक अपने लिंग को उसकी योनि में डाल रहा होता था।
"कई महीनो के बाद मेरी योनि में आज कोई लिंग घुसा है....आह॥!" माला बोले जा रही थी।
"मुझे पता है, भाभी पर आज से आप कभी भी मेरा लंड ले सकती हो!", दीपक ने कहा और उसके बाद उसने माला की चूत में अपने लंड को अंदर बाहर करने की स्पीड बढ़ा दी और फिर माला की चूत के अंदर अपना पूरा वीर्य निकाल कर ही रुका। 
उधर माला को भी दो बार ओरगास्म हो चुका था और फिर वह दीपक के वीर्य की धार को अपनी योनि में महसूस कर पा रही थी। दीपक कुछ देर तक उसके ऊपर ही लेटा रहा और फिर जब उठा तो बोला "भाभी, बहुत अच्छा लगा"
"मुझे भी बहुत अच्छा लगा," माला बोली "पर अब हमे आगे चलना चाहिए!"
'हाँ भाभी, चलिये... ", दीपक ने अपने कपड़े पहनते हुये कहा। दोनों ने अपने कपड़े पहने और दीपक ने माला का हाथ पकड़ा और उसी दिशा में उस रास्ते में चल दिया जिस पर डेनियल और कावेरी गए थे। उसे ऐसा करते देख माला ने पूछा,"हम इस रास्ते पर क्यूँ जा रहे हैं?"
"चलो न...देखते हैं न की वो दोनों लोग क्या कर रहे हैं?", दीपक ने कहा।
"तो क्या तुम उन दोनों की जासूसी करोगे?" माला ने पूछा।
"नहीं... पर देखूँ तो सही की मेरी प्यारी पत्नी आखिर क्या कर रही है?", दीपक ने कहा।
"तब क्या होगा, अगर वो लोग भी वही सब कर रहे हों....?" माला ने पूछा
"वही तो मुझे देखना है....", दीपक ने कहा।
"तुम वास्तव में पागल हो..." माला ने हँसते हुये कहा।
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04-06-2014, 06:21 PM
Post: #3
RE: पवित्र गुफा का चमत्कार
उधर, कुछ रास्ता पार करने के बाद डेनियल ने कावेरी की कमर पर अपना हाथ रख कर उसे अपनी और खींचा। कावेरी थोड़ा सा असहजता दिखती हुयी उसकी तरफ हुयी। और दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डाल लिए। थोड़ा और चलने के बाद डेनियल ने उसके हिप्स को अपने हाथो से छूआ तो कावेरी ने कहा "क्या बात है? रेस नहीं जीतनी है क्या?"
"मैं आपको जीतने की कोशिश कर रहा हूँ और आप रेस की बात कर रही हो।", डेनियल बोला
"और मुझे कैसे जीतने वाले हो?", कावेरी ने कहा
"अच्छे काम करके ", डेनियल ने कहा
"और वो अच्छे काम क्या हैं, जरा मैं भी तो जानू?", कावेरी बोली।
"उनमे से एक तो आपको आरामदायक अनुभव कराना", डेनियल ने कहा
"और वो कैसे... ?", कावेरी ने डेनियल से पूछा।
"वैसे ही, जैसे की कल किया था।",डेनियल ने जवाब उसकी टॉप में हाथ डालते हुये दिया।
"पर आज तो मैं थका महसूस नहीं कर रही हूँ", कावेरी ने भी पासा फेंका।
"हाँ पता है, आज आप ज्यादा ऊर्जावान लग रही हो", डेनियल ने कहा
"अगर ऐसा है तो फिर उस सब की कोई जरूरत नहीं है आज", कावेरी ने कहा
"पर आज थोड़ा अलग तरीके से करूँगा न।" डेनियल ने कहा।
"कैसे? क्या यह वही हाथ नहीं हैं, जिन्होने कल मुझे छुआ था?", कावेरी ने पूछा
"हाँ... वही हैं! पर आज थोड़ा मुक्त महसूस कर रहे हैं।" डेनियल ने जवाब दिया
"वो कैसे?", कावेरी ने फिर पूछा
"क्योंकि आज मेरे हाथों के पास करने के लिए बहुत कुछ है।", डेनियल ने कहा
"जी नहीं... वो इसलिए की आज मेरे पति इस समय मेरे साथ नहीं हैं", कावेरी ने डेनियल के हाथो को अपनी छाती की तरफ बढ़ता महसूस करते हुये कहा
"हाँ.... यही समझ लीजिए", डेनियल उसके स्तनो के ठीक नीचे पहुँच कर बोला।
"मुझे लगता है की मेरे पति को इस सब के बारे में सब पता है", कावेरी ने कहा
"हाँ, शायद सही कह रही हो, और अब वो भी आजाद पंछी है", डेनियल ने मुस्कुराते हुये कहा
"मतलब?", कावेरी ने अंजानों की तरह पूछा।
"मतलब यह की वो भी माला जी के साथ मजे कर रहे होंगे जैसे की मैं आपके साथ...", डेनियल ने उसके एक स्तन को अपनी हथेली में भरते हुये कहा।
"तुम्हारा मतलब वो माला दीदी के स्तनो को इस तरह छू रहे होंगे, जैसे की तुम छू रहे हो?", कावेरी ने पूछा
"हाँ, बिल्कुल....बल्कि इससे भी कहीं ज्यादा।" डेनियल ने कहा
"इससे ज्यादा क्या ...?" कावेरी ने प्रश्न किया
"हो सकता है उन्होने माला जी को पूरा नंगा कर दिया हो...!" डेनियल ने दाबी आवाज में कहा
"और ..." कावेरी ने आगे जानना चाहा
"और हो सकता है माला जी को नग्न देखने में उन्हे मजा आया होगा।", डेनियल ने कहा
"तुम्हें लगता है की वो अपनी भाभी के साथ ऐसा कर सकते हैं?", कावेरी ने कहा
"हाँ...बिल्कुल...बल्कि अपनी भाभी के साथ उन्हे ज्यादा अच्छा लगा होगा।", डेनियल ने कहा
"ऐसा क्यों?", कावेरी ने पूछा
"ऐसा इसलिए कि आदमी हमेश उस चीज की तरफ जरूर देखता है जो कि उसकी नहीं होती।" डेनियल ने समझाते हुये कहा।
"और तुम भी वही सब करने वाले हो?", कावेरी ने कहा
"मेरे केस में थोड़ा सा अन्तर है, मैं शादीशुदा नहीं हूँ," डेनियल ने कहा
"तो क्या तुम उन सभी महिलाओं के साथ ऐसा ही करते हो जिन्हे भी तुम उस पवित्र गुफा तक लेके जाते हो?", कावेरी ने पूछा
"हाँ...अधिकतर ऐसा हो जाता है पर मैं क्या करूँ? अधिकतर महिलाएँ मेरे हुस्ट-पुष्ट शरीर को देखकर बहक जाती हैं।", डेनियल ने कहा
"हाँ...वो तो है, तुम बहुत मजबूत कद काठी वाले हो, लाओ जरा मैं भी तो देखूँ..." कहते हुये कावेरी ने डेनियल के कमीज के बटन खोलने शुरू कर दिये।
यह सुनते ही डेनियल का लिंग हरकत में आ गया। उसने कावेरी को अपनी बाहों में भरा और उसका टॉप उतार फेंका।
"डेनियल... तुम्हें जरा सब्र नहीं है क्या...?"  कावेरी ने कहा।
"नहीं, मैं ज्यादा इंतजार नहीं कर सकता, मुझे आपके बूब्स देखने हैं", कहते हुये वो कावेरी के होंठों को चूसने लगा।
कावेरी उसके इस तरह से किए गए चुंबन को झेल नहीं पायी और उत्तेजना से भर गई। उसने भी डेनियल को चूम लिया और पूछने लगी, "अच्छा ... तो बोलो डेनियल, क्या देखना चाहते हो?"
उसने कावेरी को थोड़ा सा अलग किया और उसकी ब्रा को खोलते हुये उसके स्तनो को उसमे से निकाल कर बोला, "मैं इन्हे देखना चाहता हूँ"।
"तुम्हें यह अच्छे लगे?" कावेरी ने अपना सीना डेनियल की तरफ बढ़ाते हुये पूछा
"हाँ, यह गोल और सुंदर है, जैसे की एक नयी लड़की के होते हैं", डेनियल ने जवाब दिया और अपने मुह में उसका पूरा एक स्तन भर लिया। 
कावेरी को अपने पैरों में कमजोरी सी लगने लगी जब डेनियल ने उसके स्तन को इस तरह से मुह में भर लिया। डेनियल लगातार उसके स्तन को चूसता रहा और दूसरे हाथ को कावेरी के हिप्स पर ले जाकर उसे अपनी तरफ धकेलने लगा। वो उसके हिप्स को भी मसल रहा था। कावेरी उत्तेजना से पागल हो रही थी, उसने अपने दोनों हाथ उन दोनों के बीच में लेते हुये डेनियल के शॉर्ट्स की तरफ बढ़ाए और उसके कड़े हो चुके लिंग को महसूस करती हुयी बोली, "डेनियल, मुझे यह देखने दो....कैसा लगता है?"
"तुम इसे देखना चाहती हो? डर तो नहीं जाओगी न?", डेनियल ने पूछा
"हाँ, मुझे तुम्हारा देखना है...", कावेरी ने उसके लिंग को शॉर्ट्स के ऊपर से ही अपनी मुट्ठी में भरते हुये कहा।
"क्या तुमने काला लिंग देखा है पहले?" डेनियल ने पूछा
"नहीं। मैंने अपने पति के अलावा किसी और का लिंग नहीं देखा, उनका लिंग काला नहीं है...", कावेरी ने बताया
"क्या तुम्हारे पति का लिंग मेरे लिंग से बड़ा है?", डेनियल ने कावेरी के हिप्स की दरार में अपने हाथ डालते हुये पूछा।
"मैं अभी कैसे कह दूँ, जबकि मैंने तुम्हारा लिंग तो देखा ही नहीं अभी तक", डेनियल के लिंग को शॉर्ट्स के ऊपर से ही अपने हाथों में पकड़ कर हिलती हुई बोली।
"तो क्या तुम इसे महसूस करके ही अंदाजा नहीं लगा सकती कि यह तुमहरे पति के लिंग से बड़ा है या छोटा?", डेनियल ने कहा
"लगता तो बड़ा ही है...और अब मैं इसे देखने जा रही हूँ", कहते हुए कावेरी ने उसके शॉर्ट्स की ज़िप खोली और उसके लिंग को बाहर निकाल लिया।
उधर जैसे ही कावेरी के हाथों ने डेनियल के लिंग को पकड़ा, डेनियल के हाथों ने कावेरी के योनि प्रदेश (पूसी) को अपनी हथेली में भरकर पूछा,"क्या इसे मेरा लिंग पसंद आया?"
"हाँ, इसे काला और लंबा अच्छा लगेगा।" कावेरी उसके लिंग को हिलाते हुये बोली
"क्या तुम अपने पति के लिंग से संतुष्ट हो जाती हो?", डेनियल ने कावेरी की स्कर्ट के ऊपर से ही उसकी योनि को महसूस करते हुये पूछा
"हां... पर आज मुझे ऐसा लिंग चाहिए... तुम्हारे लिंग जैसा। ", कावेरी ने उसके लिंग को भींचते हुये कहा।
"तो ठीक है फिर, इसे भी उतार लो अब..." डेनियल ने कावेरी की स्कर्ट को उतारते हुये कहा।
अब कावेरी डेनियल के सामने पहली बार पूरी तरह नंगी हो चुकी थी। उसने अपनी जांघे अपने योनि प्रदेश को छिपाने के खातिर भींची हुयी थीं। डेनियल अपने घुटनो पर बैठ गया और उसकी जांघों को पकड़ कर थोड़ा फैलाया और उसकी भग को देखकर बोला, "ओह कावेरी जी, मैंने कभी भी इतनी छोटी सी और प्यारी गुलाबी चूत नहीं देखी।"
"तुम्हें छोटी पूसी अच्छी लगती है ?", कावेरी ने पूछा
"हाँ... मेरे लिंग को यह बहुत पसंद आएगी", डेनियल ने उसके पूसी हेयर्स को एक साइड में करते हुये उसके पूसी लिप्स को खोलते हुये कहा।
"तुम्हें यह लगता है की ऐसा हो सकता है? मेरी पूसी छोटी है ... इसमे तुम्हारा इतना बड़ा लिंग...आ जाएगा क्या?" कावेरी ने थोड़ा सा डर दिखाते हुये कहा।
"हाँ... तुम चिंता मत करो, एक बार मेरा लंड जब अंदर जाएगा, तुम उसे और अंदर लेना चाहोगी....देखना। " कहते हुये डेनियल ने कावेरी को घास में लिटा दिया, "मैं तो आपको देख कर पहले दिन ही यह करना चाह रहा था"
"तो तुम्हें कब लगा की मैं तुम्हें यह सब करने का मौका दे दूँगी?" कावेरी ने उसके लिंग को सहलाते हुये पूछा
"उस समय जब तालाब में हम दोनों साथ साथ थे।", डेनियल ने जवाब दिया
"तो तुमने उस समय कोशिश क्यूँ नहीं की.... इसलिए कि मेरे पति और माला दीदी वही थीं?" कावेरी ने पूछा
'हाँ, उस समय मुझे माला जी और दीपक जी के बारे में ज्यादा अनुमान नहीं था।" डेनियल ने अपने लिंग को कावेरी की योनि की सीध में लाते हुये कहा।
"और अब तुम्हें पूरा विश्वास है कि माला दीदी और इन्हे हमारा यह काम बुरा नहीं लगेगा?", कावेरी ने अपनी जांघे और फैलाते हुये कहा।
"हाँ... अब मुझे पूरा विश्वास है कि वो दोनों भी यही चाहते थे कि मैं तुम्हारे साथ अकेला जाऊँ और फिर यह काम करूँ।" डेनियल ने जवाब दिया और अपने तेज कानो से यह भी महसूस किया कि दीपक और माला उन्ही कि तरफ बढ़ रहे हैं।
डेनियल के मुह से इस तरह की बात सुनकर मानो कावेरी के मन से एक बोझ सा उतर गया और वो डेनियल को अपने ऊपर खींचती हुयी बोली, "ओह डेनियल, फक मी.... अब घुसा भी दो ..."
यह सुनकर डेनियल दुगुना उत्तेजना में आ गया, उसने कावेरी के पैरों को ऊपर करते हुये अपने लिंग को उसकी योनि में घुसेडना शुरू कर दिया। अब क्यूंकी डेनियल के मोटे और लंबे लिंग ने कावेरी की छोटी चूत में घुसना शुरू किया तो कावेरी को पूसी लिप्स पर जलन सी महसूस होने लगी। लिंग के पहली बार अंदर जाने में उसे दर्द भी महसूस हुआ, पर जब डेनियल ने दो तीन बार में अंदर बाहर करते हुये उसकी योनि में अपना पूरा लिंग डाल दिया तो कावेरी को एक संतुष्टि का सा अनुभव हुआ की आज उसकी योनि में अंदर तक एक लिंग डला हुआ है। 
जब डेनियल ने पाया की अब उसका लिंग पूरी तरह से अंदर जा चुका है तो उसने अपने लिंग को फिर से पूरा बाहर निकाला और फिर से अंदर डाल दिया। जैसे ही उसका लिंग फिर से अंदर घुसा.... कावेरी उत्तेजना से चिहुक उठी। और जहाँ डेनियल ने जल्दी जल्दी अपने लिंग को अंदर बाहर करना शुरू किया.... कावेरी को ओरगास्म होने लगा। उसकी चूत में से पानी किसी झरने की तरह बहने लगा। यह कावेरी के लिए बिल्कुल नया एहसास था।
कावेरी उस मादकता का पूरा एहसास ले रही थी और वो डेनियल के हर स्ट्रोक के जवाब में अपने हिप्स ऊपर की तरफ उठाकर उसके लिंग को और अंदर तक जाने में मदद कर रही थी। एक लय में दोनों लोग काम क्रीडा में लिप्त हो गए थे। और फिर डेनियल से भी नहीं रहा गया। कावेरी की कसी हुयी चूत की वजह से उसे अपने लंड पर बहुत घर्षण महसूस हो रहा था और उसने अपने दोनों हाथ कावेरी के दोनों तरफ जमीन पर टिकाए और अपने स्पीड बढ़ा दी और जब तक अपने लिंग को अंदर बाहर करता रहा जब तक कि उसके लिंग ने उसके वीर्य की ताकतवर धारें उसकी योनि की गहराइयों में छोडनी शुरू न कर दी। जब कावेरी ने अपनी योनि में उसके वीर्य की फुहारे महसूस करीं तो उसके मुह से आनंद भरी चीख निकल गई। उसके मन में इतना आनंद भरा था कि महसूस कर पा रही थी कि उसकी योनि में से पानी बाहर जा रहा था और वो एक बार फिर से ओरगास्म की तरफ बढ़ रही थी और उसने अपनी टाँगे एक बार फिर से हवा में उठा दी और उसे फिर ओरगास्म हो गया  और इस बार बहुत बुरी तरह से ओरगास्म हुआ था सो वो बोल पड़ी, " ओह डेनियल, मेरा हो गया... ऊंह .... आह... "
कावेरी की आनंद भरी सिस्कारियां दीपक और माला के कानो में भी पड़ी। दोनों एक साथ सोचने लगे की शायद डेनियल कावेरी को क्लाइमेक्स तक पहुंचा चुका है। 
दीपक बोला, "चलो ... हम भी वहाँ पहुँच कर देखते हैं "।
"नही...", माला ने कहा।
"क्यों ?" दीपक ने पूछा
"इसे राज ही रहने दो।" माला ने कहा।
"वो क्यों?", दीपक ने पूछा
"पहले हमे यह रेस जीत लेनी चाहिए और फिर जब इनाम लेने का मौका आएगा, तब हम सोचेंगे!" माला ने अपना प्लान बताया,।
दीपक इसे सुनकर उत्साहित हो गया।
वो लोग डेनियल और कावेरी की तरफ न जाकर उनके बगल की झाड़ियों में से होते हुये गुफा के रास्ते की तरफ चल दिये।
दीपक गुफा पहुँचने के लिए बड़ा उत्सुक हो रहा था। गुफा के रास्ते जाते हुये सारे समय दीपक के मन में डेनियल और कावेरी के सम्भोग का दृश्य चल रहा था। हालांकि उसने उन दोनों को थोड़ी दूर से झाड़ियों की आड़ से देखा था पर वो उन लोगों को और नजदीक से देखना चाहता था। और गुफा पहुँचने तक वो इस बारे में सोच सोचकर उत्तेजित हो चुका था। गुफा के अंदर घुसकर माला उस गुफा की विशालता और बनावट देखकर खुश हो गई। गुफा के अंदर उसके पैरों के नीचे रेत थी जो चाँदनी रात में ठंडक का एहसास दे रही थी। उन्हे डेनियल और कावेरी का भी ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। कुछ ही देर में दोनों जाने एक दूसरे के हाथों में हाथ डाले गुफा में घुसे। दीपक और माला जोकि गुफा के अंदर बैठे आराम कर रहे थे उन दोनों को देख कर मुस्कुरा गए। उन दोनों की आँखों में अजीब सी चमक थी और उन्हे देख के दीपक और माला के मन में भी हलचल हो उठी थी। 
"तुम लोगों को इतनी देर कैसे लग गई?" माला ने कावेरी से पूछा जिसके गालों पर लालिमा छायी हुयी थी और वो पहले से भी ज्यादा आकर्षक लग रही थी। 
"मेरे थोड़ा दर्द हो रहा था सो हमे थोड़ा रुकना पड़ा।" कावेरी ने दीपक की तरफ देखते हुये कहा जो कि उसे देख कर मुस्कुरा रहा था।
"तो अब कैसा फील कर रही हो?", दीपक और माला ने एक ही सुर में एक साथ ही पूछा।
"मैं अब अच्छी हूँ, क्योंकि डेनियल ने भी मेरी हेल्प की।", कावेरी ने जवाब दिया।
"अच्छा... पर पता है तुम लोगो को कि तुम रेस हार चुके हो।", दीपक ने कहा
"हाँ....वो तो है। कावेरी जी के दर्द होने की वजह से यह सब हुआ।" डेनियल ने कहा
"हाँ। और यह तय हुआ था की जीतने वाला कुछ भी माँग सकता है", माला ने अपनी आँखें डेनियल की आँखों में डालते हुये कहा। उसकी आँखों में वासना उमड़ रही थी।
"तो भाभी, हमें इन्हे क्या सजा देनी चाहिए?", दीपक ने माला से पूछा
"मैं चाहती हूँ, कि कावेरी डेनियल को किस करे।" माला ने दीपक की कमर में अपने हाथ डालते हुये दीपक को किस करते हुये कहा।
जब कावेरी ने देखा कि माला उसके पति के शरीर से चिपक रही है और उसे किस भी कर रही है और डेनियल को किस करने के लिए भी कह रही है तो उसके मन में फिर से उत्तेजना आने लगी।

कावेरी ने डेनियल को आगे आने को कहा और उसके चेहरे को अपने हाथों में भरते हुये उसे एक जोरदार किस किया। दीपक अपनी पत्नी के इस किस को देखते ही उत्तेजित हो गया और चिल्लाया, "डेनियल, उसे नंगी कर दो।" यह कहते हुये उसने माला की शॉर्ट्स खोल के उसकी योनि पर हाथ लगा दिया। 
और डेनियल इसी का इंतजार कर रहा था। उसने तुरंत ही कावेरी की शर्ट को एक झटके में उतार दिया और उसके दोनों स्तन सभी की नज़रों के सामने थे। माला भी उत्तेजना में गीली हुये जा रही थी क्योंकि एक तरफ वो कावेरी को नंगी होते  देख रही थी और दूसरी तरफ दीपक उसकी योनि में उंगली डाल रहा था। और जैसे ही दीपक के हाथों ने माला के स्तनो का मर्दन शुरू किया वो बोली, "डेनियल, अब कावेरी के ऊपर आ जाओ।"
माला के इन शब्दों ने डेनियल पर जैसे जादू कर दिया। उसने तुरंत कावेरी को जमीन पर धक्का दिया और एक बार में ही अपना शॉर्ट्स उतार दिया जिसके उतरते ही उसका काला, लंबा, मोटा लिंग माला की निगाह के सामने था। 
माला उसके इतने बड़े और सख्त लिंग को देखकर मन ही मन उसे चाहने लगी थी और दीपक भी उसके रंग और रूप को देखकर आश्चर्य कर रहा था। दोनों साथ साथ अपनी जगह से उठे और डेनियल को कावेरी की स्कर्ट को हटाकर उसकी चूत को सबके सामने लाते देखा। दीपक और माला दोनों ही थोड़ा और नजदीक पहुँच गए जहाँ  डेनियल कावेरी की भग में अपना लिंग घुसेड़ ही रहा था। और माला जैसे ही उसके लिंग को कावेरी की योनि में घुसते हुये देखने के लिए थोड़ा नजदीक गई, डेनियल ने एक झटके से कावेरी की योनि में अपना काला और सख्त लिंग धकेल दिया। जैसे ही डेनियल ने कावेरी के साथ मैथुन करना शुरू किया, दीपक ने भी माला को नंगी कर के अपने नीचे ले लिया और अपने लिंग को माला की गरम हो चुकी योनि में घुसा लिया. यह सब करते हुये कावेरी भी उसे देख रही थी  जो की अब डेनियल के साथ एक लय से अपनी कमर हिला रही थी और मैथुन का आनंद ले रही थी। दोनों जोड़े एक साथ भरपूर ताकत से चुदाई करने में जुटे हुये थे।
जब दीपक ने चरम पर पहुंच कर अपना वीर्य माला की योनि में उड़ेला तो कावेरी भी ज़ोर से सिसकने लगी. उसे ओरगास्म हो रहा था और डेनियल अपनी पूरी ताक़त से धक्के मार रहा था जिसे वो सहन नहीं कर पा रही थी। और तभी डेनियल का चेहरा तमतमा गया और उसने दो तीन ज़ोरदार झटकों के साथ अपना वीर्य तीव्र वेग से कावेरी की योनि में दे मारा।
पाँच मिनट के तूफान के बाद गुफा में शांति थी। दीपक माला के ऊपर लेटा हुआ था और डेनियल कावेरी के साथ लेटा हुआ था। चारो बिल्कुल नंगे थे। और गुफा में वीर्य और योनि रस की गंध फैली हुयी थी।
सुबह जब कावेरी की आँखें खुली तो उसने पाया की उसके एक तरफ माला लेटी हुई है. डेनीयल और दीपक दोनो ही गुफा मैं नही हैं. वो समझ गयी की शायद दोनो आस पास पानी की तलाश में गये होंगे. उसने माला को जगाया. माला ने एक अंगड़ाई ली और आँखें खोली, उसने अपने सामने कावेरी को पूरी तरह से नग्न अवस्था में बैठे देखा. वो  उठ कर बैठ गयी.
"कावेरी, वो... कल रात जो हुआ... वो तुम्हे बुरा तो नही लगा... की मेने और दीपक ने आपस में...??" माला ने पूछा

"नही दीदी, ऐसी कोई बात नही है. बल्कि मैं तो इस पर ध्यान भी नही दे पाई." कावेरी ने अपने कपड़े पहनते हुए कहा.

"सही है, ध्यान देती भी कैसे? तुम्हारा ध्यान तो उस मजबूत लिंग पर था. वैसे कावेरी, ... एक बात पूछूँ? डेनीयल के साथ बहुत मज़ा आया होगा ना तुम्हे? और वो भी तब जब दीपक ने खुद तुम दोनो को उकसाया और हम दोनो ने तुम लोगो को मैथुन करते हुए देखा?" माला ने पूछा

"हां दीदी, मैं आपको बता नही सकती की जब उसका मोटा लिंग मेरी योनि के अंदर बाहर हो रहा था तो मेरा क्या हाल था? बस यही लग रहा था की यह ऐसे ही चलता रहे और कभी ना रुके ..... दीदी, मैं अपनी लाइफ मैं कभी एक बार के मैथुन के दौरान इतनी बार ऑर्गॅज़म पर नही पहुँची ... पर कल रात .... उफ ... सच में ...!!" कावेरी ने अपनी हालत बयान करते हुए कहा.
"तुम बहुत लकी हो कावेरी की तुम्हे दीपक जैसा पति मिला जिसने तुम्हे डेनीयल के साथ सम्भोग करने की इजाज़त दे दी". माला ने गुफा से बाहर आकर कहा.
कावेरी और माला दोनो ने अपने अपने कपड़े पहन लिए थे और गुफा के बाहर ठंडे वातावरण में बैठकर दोनो बातें करने लगी.
कावेरी बोली, "वैसे दीदी, मैं भी आपके लिए बहुत खुश हूं कि आप जिस सुख से अभी तक वंचित थी वो आपको मिल गया, भले ही वो मेरे पति से मिला हो."
"हां, वो तो तुमने ठीक कहा .... कावेरी, तुम नही जानती की में इतने महीनो से कितनी परेशान थी इस सुख को पाने के लिए." माला ने कहा.
इधर डेनियल और दीपक दोनो गुफा से थोड़ी ही दूरी पर थे और पानी के झरने में नहा रहे थे. दोनो ही आज नंगे थे. डेनियल ने दीपक की तरफ देखते हुए कहा, "आपकी पत्नी वास्तव में बहुत काम की मूर्ति हैं, मुझसे अगर कुछ ग़लत हुआ हो तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा, असल में मैं अपनी भावनाओ पर काबू नही कर पाया, आपकी पत्नी हैं ही ऐसी ..."
"अरे ... कोई बात नही, डेनियल ...ठीक है ... मेने भी तो माला के साथ चुदाई की. अगर तुम कावेरी के साथ अलग ना जाते तो मुझे भी मौका नही मिलता ... वैसे भी मुझे बहुत दिनों से माला भाभी को चोदने का इंतज़ार था ...." दीपक ने अपने शरीर को पानी की बौच्हर में बीघोते हुए कहा.

"तो आप और माला जी आपस में प्यार करते हैं?" डेनियल ने पूछा
"अरे नही ... प्यार व्यार कुछ नही. वो तो सिर्फ़ शारीरिक ज़रूरत थी ... हम दोनो की ही...जो हमने पूरी कर ली. ऐसा नही है की मैं कावेरी को छोड़ कर माला के साथ शादी के लिए सोचूँ" दीपक ने सफाई देते हुए कहा.
"तो माला जी ने अभी तक दुबारा शादी क्यूँ नही की?" डेनियल ने पूछा
"शायद उन्हे उनकी पसंद का आदमी दुबारा नही मिला ...!" दीपक ने कहा
"अच्छा.....चलिए, अब गुफा की तरफ चलते हैं, उन लोगो को भी नहा धोकर तय्यार होने के लिए बोल देते हैं. क्योंकि अब पवित्र गुफा पास में है ... और हमे जल्दी ही वहाँ पहुँच कर वापस इसी गुफा में रात बिताने के लिए लौटकर भी आना है." डेनियल ने बताया.
दोनो जाने वापस गुफा की तरफ लौट चले. उधर माला और कावेरी उन दोनो का इंतजार कर रहे थे. डेनियल ने उन दोनो को नहाने जाने के लिए बोला और कहा की जल्दी तय्यार होकर आ जायें क्योंकि पवित्र गुफा भी जाना है. उसके बाद दीपक और डिनाइयल ने खाने का इंतज़ाम किया और लगभग आधे घंटे में ही कावेरी और माला नहा कर वापस आ गयी थी. खाना खाकर चारो लोग पवित्र गुफा की तरफ चल पड़े. कावेरी और माला दोनो पीछे चल रही थी और डेनियल और दीपक आगे चल रहे थे. माला और कावेरी अभी भी कल रात के बारे में चर्चा करते हुए चल रही थी. माला शायद डेनियल की तरफ आकर्षित हो चुकी थी और वो भी उस सुख को भोगने की इच्छुक थी जो की कावेरी ने डेनियल के साथ भोगा था. उसके मान में अब बस यही चल रहा था की बस कैसे भी एक बार मौका मिल जाए. दूसरी तरफ कावेरी भी डेनियल के चोदने की स्टाइल और ताक़त से बहुत इंप्रेस हो चुकी थी और वो भी बार बार यह मौका चाहती थी. कावेरी के दिमाग़ में भी ऐसे ही कुछ प्लान चल रहे थे .... और तभी उसके दिमाग़ में एक जबरदस्त आइडिया आ गया.
उसने माला से कहा, "दीदी, वैसे आपको एक बात कहूँ. आप अब दुबारा शादी कर लीजिए. अभी आपकी उम्र ही क्या हुई है. 26 साल की ही तो है."
"माला, ...लगता है तुम सही कह रही हो..! पर शादी किस से करूँ?" माला ने कहा
"दीदी, .... आप डेनियल से शादी कर लो ना." कावेरी ने एक साँस में बात कह डाली. माला उसके मूह से ऐसा सुन कर सन्न रह गयी और सोच में पढ़ गयी..
तभी डेनियल ने सभी को रोकते हुए कहा, "रुकिये, सभी लोग. दीपक जी ... वो देखिए सामने वो पवित्र गुफा है ... कावेरी जी, आप अपने बैग में से पूजा का सामान निकाल लीजिए. जैसे में बताऊ वैसे ही पूजा कीजिएगा और उसके बाद .... दीपक जी, आपको ... कावेरी जी के साथ गुफा के अंदर मैथुन करना है ... यह माना जाता है कि स्त्री भली भाँति पूजा करने के बाद गुफा के अंदर मैथुन करवा ले तो उसका गर्भधारण आसानी से हो जाता है.....सो कावेरी जी आप और दीपक जी, पूजा की विधि सुन लीजिए ...."
"अरे ... सुनना क्या है .... तुम बताते जाना ... हम कर लेंगे ..." दीपक ने कहा
"जी नही, दीपक जी.... मैं गुफा में नही जा सकता ... वहाँ सिर्फ़ शादीशुदा पति-पत्नी ही जा सकते हैं. इसलिए यह सब आपको अपने आप ही करना पड़ेगा."  डेनियल ने जवाब दिया.
"तो इसका मतलब वहाँ मैं भी नही जा सकती?" माला ने पूछा.
"जी हां, ...आप भी नही जा सकती. हम दोनो को दीपक जी और कावेरी जी का यही पर इंतजार करना होगा जब तक कि की यह दोनो लौट कर नही आ जाते" डेनियल ने माला के सपनो पर सच होने की मानो मुहर लगते हुए कहा.
कावेरी ने मुस्कुराते हुए माला की तरफ देखा और बोली, "ठीक है डेनियल, अब तुम बताओ की पूजा कैसे करनी है."
और डेनियल ने दीपक और कावेरी को पूजा के बारे में बताना शुरू कर दिया. उधर माला अपने मन में सोच रही थी की कैसे वो इस मौके का फायदा उठाए.
पूजा की सारी विधि समझ कर दीपक और कावेरी ने डेनीयल और माला से विदा ली और पवित्र गुफा की तरफ चल दिए. गुफा वहाँ से 50-60 कदम ही थी. वो दोनो बीच बीच में पीछे मुड़कर डेनियल और माला की तरफ भी देख लेते थे जो उन्हे जाते हुए देख रहे थे. दीपक सोच रहा था की शायद डेनियल इस मौके का फायदा उठाएगा और माला को पटा लेगा और ठीक यही बात कावेरी के मन में भी चल रही थी.
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04-06-2014, 06:24 PM
Post: #4
RE: पवित्र गुफा का चमत्कार
कावेरी आज पूजा के हिसाब से ही तैयार हुई थी. गहरे लाल रंग की साडी और ब्लाउस में वो बिल्कुल नयी नवेली दुल्हन लग रही थी जबकि दीपक ने एक टी शर्ट और जीन्स पहनी हुई थी. दोनो लगभग ५ मिनट में ही गुफा के प्रवेश द्वार पर पहुँच गये. गुफा के आसपास बहुत सुंदर दृश्य था. कावेरी इतने सुंदर वातावरण को देखकर मंत्रमुग्ध हो चुकी थी. उन दोनो ने गुफा में साथ साथ प्रवेश किया. गुफा के अंदर सीमित मात्रा में प्रकाश था पर देखने लायक तो था ही. वो लोग गुफा में और अंदर गये और वहाँ रखी एक मूर्ति के सामने पहुँच गये.

अब कावेरी ने डेनियल के बताए तरीके से पूजा करना शुरू किया. पहले उसने साथ लाए पानी से उस मूर्ति को धोया और उसे तिलक वगेरह करके फूल चडाए. और फिर दोनो ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और मूर्ति के सामने पालथी मार के बैठ गये. कावेरी ने पूजा की थाली में से थोड़ी सी भस्म उठाई जो डेनियल ने पूजा के सामान के साथ दी थी  जो कि वास्तव में यौन उत्तेजना बढाने वाली जड़ी बूटी का चूर्न था. कावेरी और दीपक ने उस भस्म को थोड़ा थोडा अपने मूह मे रख लिया. 
कावेरी – मुझे लगता है कि पूजा ठीक ही हुई है.
दीपक – हां, अब बाकी काम भी ठीक से हो जाए तो हम अवश्य सफल होंगे.
कावेरी यह सोच कर शर्मा रही थी कि उसे अगला काम मूर्ति के सामने पवित्र गुफा में करना होगा. दोनो खड़े हो गए. दीपक अपने कपड़े उतारने लगा. यह देख कर कावेरी ने भी अपनी साडी उतार दी. तब तक दीपक अपनी टी शर्ट उतार चुका था और अपनी पैंट उतार रहा था जिसके अंदर उसने अंडरवेर नही पहना हुआ था. उसका लिंग दिखाई देने लगा जो अभी से थोडा उत्तेजित हो चुका था. कावेरी ने अपना ब्लाउस खोला और ब्रा नही पहने होने के कारण उसके दोनो स्तन आज़ाद हो गये. और फिर उसने अपना पेटीकोट भी उतारकर अपने को पूरा नंगा कर लिया. उसने भी चड्डी नही पहनी थी. अब दोनो बिल्कुल नंगे हो चुके थे. दीपक अपनी नंगी हो चुकी पत्नी को देख रहा था. कावेरी दीपक के लिंग को देखकर सोच रही थी की माला दीदी को कैसा लगा होगा जब उन्होने इस लिंग को अंदर लिया था. शुरुआत कावेरी ने ही की. वो दीपक के लिंग को अपने हथेलियों में लेकर उसे सहलाने लगी. हथेलियों का स्पर्श पा कर दीपक का लिंग तुरंत तनाव में आ गया और अपना पूरा आकार लेने लगा और दीपक ने भी उसके स्तनो को मसलना शुरू कर दिया.
दोनो एक दूसरे को अपनी बाहों में भर कर लेट गये. दीपक ने अपने एक हाथ से निपल को मसलते हुए कहा, "ओह कावेरी, ... तुम नही जानती मैं कितना खुश हूं यहाँ आकर. मुझे और तुम्हे दोनो को ही अपने अपने मन की खुशी मिल गई ... क्यों?"
"हां ....सच है ... और तो और माला दीदी को भी आपकी वजह से वो सुख मिल गया जिसके बिना वो अपने आप को अधूरा महसूस कर रही थी." कावेरी ने दीपक के लिंग को सहलाते  हुए कहा. कावेरी की योनि गीली होनी शुरू हो गयी थी. पर अभी दीपक के लिंग को अंदर डालने का सही समय नही आया था.
वो अपनी जगह से उठी और खड़ी हो गयी. उसके बाद वो दीपक के मूह ही तरफ़ गयी और अपनी कमर को नीचे की तरफ करने लगी. दीपक उसकी गोरी और चिकनी जांघों को अपने मूह के नज़दीक आता देख और उत्तेजित होने लगा. वो धीरे धीरे इस तरह से बैठ गयी की उसकी पुसी लिप्स उसके मूह से कुछ इंच पर ही रह गये थे. दीपक बोला, "थोडा नीचे आओ, कावेरी."
कावेरी ने अपनी कमर और नीचे कर दी और दीपक अपनी जीभ से कावेरी के पुसी लिप्स को सहलाने लगा. उसकी जीभ का स्पर्श अपनी योनि पर पाकर कावेरी भी पागल सी हो गयी. दीपक ने उसकी भग को चाटना शुरू कर दिया. वो उसकी क्लाइटॉरिस से लेकर नीचे तक अपनी जीभ फिरा रहा था. वो बीच बीच में उसकी क्लाइटॉरिस को भी अपने होंठों से दबा लेता था... कावेरी पीछे की तरफ झुकी और अपनी योनि का रस उसके मूह पर छोड़ने लगी. जैसे ही दीपक के चाटने की स्पीड बढ़ी, कावेरी क्लाइमॅक्स के नज़दीक पहुँच गई. दीपक अपनी दो उंगलिया उसकी योनि में डाल कर अंदर बाहर करने लगा जिसे कावेरी सहन नही कर पाई. एक जोरदार सिसकारी के साथ उसने अपना योनिरस निकाल दिया.

वो लंबी लंबी साँसे लेते हुई वो ज़मीन पर एक तरफ लेट गयी... दीपक उसके स्तनो को मसलने में लगा था और उसका लिंग अब कावेरी की योनि में जाने को आतुर हो रहा था... उसने कावेरी का एक हाथ पकड़ कर अपने लिंग पर रख दिया... वो उसे बताना चाहता था की अब वो तय्यार है. कावेरी भी समझ गयी की अब वक्त आ चुका है. उसने दीपक को अपने उपर आने के लिए कहा और उसका लिंग अपने हाथों में पकड़ कर अपनी योनी से सटा दिया. फिर दीपक ने धीरे धीरे लिंग को उसकी योनी के अंदर डालना शुरू किया. जैसे ही दीपक ने महसूस किया की लिंग पूरा अंदर चला गया है, उसने अपने को पीछे किया और लिंग को उसके सिरे तक बाहर निकाला और फिर से अंदर धकेल दिया. वो ऐसा बार बार दोहराने लगा. उसने कावेरी के कंधे पकड़ लिए थे. उधर दीपक के गरम गरम लिंग का एहसास कावेरी को मदहोश किए जा रहा था. वो अपने अंदर फिर से ऑर्गॅज़म की लहर महसूस कर रही थी और जैसे ही दीपक ने उसके बूब्स को चूसना शुरू करा, वो फिर से क्लाइमॅक्स पर पहुँच गयी. दीपक ने भी इसे महसूस किया और अपनी स्पीड बढ़ा दी. पूरी गुफा में उनकी रतिक्रिया की मादक आवाज़ें गूँज रही थी. दीपक पूरे वेग से धक्के लगा रहा था. और फिर उसने एक तगड़े झटके के साथ अपना वीर्य कावेरी की योनि में उड़ेलना शुरू कर दिया .... उसके वीर्य की बौछारें कावेरी ने अपनी योनि महसूस की तो वो फिर झड गयी.
दोनो ही बहुत बुरी तरह थक चुके थे और एक दूसरे को अपनी बाहों में भरकर लेट गये थे ... उनकी साँसे तेज तेज चल रही थी और कावेरी की योनि में स्पंदन हो रहे थे. कुछ देर तक शांत पड़े रहने के बाद दोनो ने एक दूसरे को किस किया और आपस में लिपट कर लेट गये ... उन्हें पता ही नहीं चला कि वो कब नींद कि आगोश में चले गये!!
उधर गुफा के बाहर माला ने जब कावेरी और दीपक को गुफा में जाते हुए देखा तो कहा, "डेनियल, जब तक ये लोग वापस नही आते हम लोग क्या करेंगे? मेने तो सोचा था की मुझे भी अंदर जाने का मौका मिलेगा ... तुमने पहले नही बताया की सिर्फ़ शादीशुदा जोड़े ही अंदर जा सकते हैं...!"
"मेने सोचा की आपको पता होगा ... खैर .. आप मेरे साथ उस तरफ चलिए ... वहाँ काफ़ी घने पेड़ हैं और पास में एक झरना भी है." डेनियल ने जवाब दिया.
"ठीक है ... चलो.” माला ने डेनियल के साथ चलते हुए कहा.
"क्या आप यह नही चाहती थी?" डिनाइयल ने कहा
"क्या?" माला ने पूछा
"मतलब कि मेरे साथ कुछ समय अकेले बिताना ...!", डिनाइयल ने कहा
"हां, यह तो सही है ..... पर आगे क्या क्या?", माला ने डिनाइयल के हाथों को अपने हाथ में पकड़ कर पूछा
"पहले आप यह बताइए कि दीपक जी से पहले आप ने कितने दिन से किसी पुरुष का साथ महसूस नही किया?" डेनियल ने पूछा
"कई महीने हो गये ... जब से मेरे हज़्बेंड की डेथ हुई तभी से" माला ने कहा.
माला ने काले रंग की साडी पहनी हुई थी और उसका गोरा रंग उसमे खूब खिल रहा था. उसने लो कट ब्लाउस भी जान बुझ कर पहना था. वैसे वो यह सब दीपक के लिए कर रही थी पर अब डेनियल उसके सामने था. वो दोनो जल्दी ही घने पेड़ों की छाया में पहुँच गये. डेनियल ने अपने बैग में से एक चादर निकाल कर नीचे घास पर डाल दी.
"ओह...यह तो बहुत बुरा हुआ ..." डेनियल ने माला को अपनी बाहों में भरते हुए कहा.
डेनियल का बिना उत्तेजना का लिंग माला के पेट पर टकरा रहा था जिसके स्पर्श मात्र से माला उन दृश्यों को याद करने लगी जब उसने उस लिंग को कावेरी की योनी में जाते हुए देखा था. डेनियल ने माला को किस करना शुरू कर दिया और उसके इस तरह से किस करने से माला का सब्र का बाँध टूट रहा था. जैसे ही डेनियल ने उसे किस करना खतम किया, माला थोड़ा पीछे हुयी और बोली, "ओह, डेनियल ... इस तरह से मुझे किसी ने नहीं चूमा. तुम मेरे साथ क्या करने वाले हो? "
"बहुत कुछ .... जो की आपने आज तक महसूस न किया हो. हमारे पास बहुत टाइम है. मैं चाहता हूँ की पहले आप अपने सारे कपड़े उतार लें. मैं आपको अच्छी तरह देखना चाहता हूँ. मुझे न जाने क्यों ऐसा लगता है कि आप ने कावेरी जी से भी ज्यादा हुस्न पाया है।" डेनियल ने कहा
"अच्छा...? झूठ!!! जब दीपक मुझे फक कर रहा था तब तुमने मुझे नग्न नहीं देखा था क्या?" माला ने कहा
"उस समय मैं गौर नहीं कर पाया क्योंकि उस समय तो मैं सिर्फ कावेरी जी को देख रहा था।" डेनियल ने जवाब दिया।
"अच्छा ठीक है..." कहती हुये माला ने अपनी साड़ी, ब्लाउज़ और पेटीकोट उतार दिया। डेनियल उसे यह सब करते हुये देख रहा था। जब माला ने अपनी ब्रा और पेंटी भी उतार दी और डेनियल ने उसे पहली बार करीब से देखा तो बस देखता ही रेह गया।
माला का एकदम गोरा शरीर, उन्नत स्तन करीब 36 साइज़ के, काले निप्पल, एकदम खड़े हुये उत्तेजना से, गदराया हुया बदन, पतली कमर और पुष्ट हिप्स और दोनों जांघों के बीच एक हल्की सी दरार .... सब कुछ एक दम से उत्तेजित कर देने वाला था। डेनियल ने अनुभव किया कि माला कावेरी से भी ज्यादा उत्तेजक हुस्न की स्वामी है। डेनियल अब उसे पा लेने को आतुर हुये जा रहा था।
डेनियल ने माला को बैठने के लिए कहा। माला शरमाती और सकुचाती हुयी डेनियल के सामने बैठ गई। आज वो किसी अंजान व्यक्ति के साथ संबंध बनाने जा रही थी। दीपक तो वैसे भी उसका रिश्तेदार था पर डेनियल उसके लिए एकदम पराया था। डेनियल ने माला का हाथ पकड़ कर कहा, "चलो.... यहाँ आ कर जरा लेटो तो ...!" और माला को उसने लिटा दिया और उनको दोनों टाँगों को फैला कर उनके बीच में बैठ गया। उसको ऐसा करते देख माला ने पूछा, "यह क्या कर रहे हो, डेनियल ?"
"देखती जाओ..." डेनियल ने कहा
माला ने अपनी गर्दन उठाई और कोहनियों का सहारा लेती हुयी डेनियल को देखने लगी की वो क्या करने वाला है .... और उधर डेनियल झुका और उसकी पूसी पर किस करने लगा। 
"ओह भगवान .... आह ... नहीं.... डेनियल ...!!" माला के मुह से निकला।
डेनियल ने अपनी उंगलियों से उसके पूसी लिप्स को थोड़ा सा फैलाया और उसकी दरार को अच्छी तरह से चूमने लगा। और माला घास पर बिछी चादर पर फिर से पीछे की तरफ लेट गई। डेनियल ने उसकी क्लिटोरिस को अपनी जीभ से छूना शुरू किया और उसी वक्त माला की योनि से योवन रस बहना शुरू हो गया। 
"आह ... नहीं.... डेनियल..... अब मत करो... गुदगुदी हो रही है..." माला बार बार यही बोले जा रही थी और उसके हाथों ने पास के एक पौधे के तने को कस कर पकड़ रखा था। पर डेनियल कहा रुकने वाला था? वो बार बार उसकी योनि को हर संभव तरीके से चूसने और चूमने में लिप्त था। माला अब नहीं रुक सकती थी और उसको उसकी ज़िंदगी का सबसे ज्यादा हिला देने वाला ओरगास्म हुआ और वो आनंद से चीख उठी। डेनियल ने अपनी आखों के सामने उसकी योनि को संकुचन और स्पंदन करते हुये देखा। माला ने डेनियल का हाथ पकड़ा और कहा, "डेनियल, ... अब आ जाओ।"
डेनियल उसकी टाँगों के बीच में से उठा. माला ने अपने आप ही अपने दोनों पैर अपने हाथों से पकड़े और अपनी छाती से चिपका लिया. उसके ऐसा करने से उसकी योनि पहले से ज्यादा खुल गई और उसके इस प्रयास को देख डेनियल भी मैथुन करने को आतुर हो गया। वो थोड़ा सा आगे बढ़ कर माला के नजदीक आ गया। और माला का एक हाथ पकड़ कर अपने शॉर्ट्स पर रख दिया और अपने लिंग का एहसास उसे करवाने लगा। उसका लिंग उत्तेजना में आ चुका था और सीधा तना हुआ था। उसका लिंग मानो उसके शॉर्ट्स में से बाहर निकालने को आतुर हुये जा रहा था। माला पहले थोड़ी सकुचाई और फिर अपने हथेलियों से उसके शॉर्ट्स के ऊपर से उसके लिंग के कड़ेपन को अनुभव करने लगी। डेनियल ने शॉर्ट्स को निकाल कर फेंक दिया. अब उसका कड़ा और उत्तेजित लिंग माला की आँखों के सामने था। वो डेनियल के बड़े और अनोखे लिंग को देख कर चकित थी । वो अपने जीवन में इस तरह का पहला लिंग देख रही थी. उसका चेहरा शर्म और वासना से लाल हो रहा था। उसने डेनियल के लिंग को हाथ से पकड़ा और उसे ऊपर-नीचे मलने लगी। दो तीन बार ऐसा करने पर माला ने गौर किया की डेनियल के लिंग में से कुछ चिकना चिकना प्री-कम निकाल रहा था।
डेनियल फुसफुसा के बोला, "आपके हाथ बहुत कोमल हैं, माला जी।" 
माला बोली, "यह तो बहुत बड़ा है..."
"सच में....? अभी तो यह और बड़ा हो सता है" डेनियल ने कहा।
"क्या? ... इससे भी बड़ा?" माला ने आश्चर्य से पूछा
"हाँ...क्यों नहीं?" डेनियल ने आह भरते हुये कहा, "बस ... तुम इसे ऐसे ही सहलाते रहो और देखना की यह कितना बड़ा हो जाएगा।"
माला उसके लिंग की खाल को ऊपर तक ले गई और फिर नीचे खींचा... और फिर धीरे धीरे उसके लिंग को सहलाना शुरू कर दिया। और माला के ऐसा करने से डेनियल का लिंग आश्चर्यजनक रूप से आकार बढ़ाने लगा। डेनियल भी नहीं समझ पा रहा था की आज उसके लिंग में इतना जोश कहाँ से आ रहा है. वो भी अपने लिंग के इस विशाल रूप को देख कर हैरान होने लगा था। माला कामोत्तेजना से आहें भर रही थी। फिर उसने एक आश्चर्य जनक कदम उठाया... माला ने अपनी कोहनी के बल अपने को उठाया और डेनियल की जांघों के बीच झुकने लगी। डेनियल यह सोच कर रोमांचित हो रहा था कि माला उसके लिंग को अपने मुह में लेने वाली है ... ओह ... कितना कामुक होगा वो अनुभव?
डेनियल ने धीमे से माला के सर के पीछे अपना हाथ रखा और माला के सर को आगे कि तरफ धक्का देकर यह जता दिया कि वो भी यही चाहता है। माला ने उसके लिंगमुंड को किस किया। अब उसके होंठ डेनियल के लिंग के ऊपरी हिस्से को छू रहे थे और फिर एक दो बार किस करने के बाद माला ने अपनी जीभ उसके लिंग पर फिरानी शुरू कर दी .... डेनियल आँखें बंद कर के इस एहसास का आनंद ले रहा था। माला को भी मजा आने लगा था। उसने अपना मुह खोला और लिंग को थोड़ा अंदर लेते हुए अपने होंठों से कस लिया। उसके ऐसा करते ही डेनियल को अपने लिंग पर माला के मुह की आंतरिक गरमाहट महसूस हुयी और उसे लगा कि उसका वीर्य उसी समय निकल जाएगा। उसने अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर के अपनी उत्तेजना और रोमांच पर काबू किया. फिर उसने अपने हिप्स उसके मुह की तरफ उठा दिये जिससे की ज्यादा से ज्यादा लिंग उसके मुह मे जा सके और उसके मुह की गरमाहट अपने लिंग पर महसूस कर सके। वो सब्र नहीं कर पा रहा था और उसने माला का सर पकड़ कर अपने तरीके से अपने लिंग पर ऊपर नीचे करवाने लगा। उसकी गरम गरम साँसे भी वो अपने लिंग के आसपास महसूस कर पा रहा था।
माला का खुला हुआ मुह डेनियल के लिंग का आधे से ज्यादा हिस्सा अपने अंदर समा चुका था और माला भी उसके लिंग को अपने मुह में लेकर अपने मन में गर्वित सा महसूस कर रही थी और उसके चेहरे पर एक उत्साह दिख रहा था। माला कुछ और देर तक उसके लिंग को अपने मुह में अंदर लिए रही और फिर साँस लेने लेने के लिए थोड़ा रुक गई। पर डेनियल अब कहाँ रुकना चाहता था। उसने माला को लिटा दिया. वो समझ गई की अब वक्त आ चुका है। उसने अपनी टाँगे फैला दी. डेनियल उस की फैली हुई टाँगों के बीच आया और उस के ऊपर लेट गया। माला उसके गरम और मांसल शरीर का स्पर्श पाकर अपने को निहाल मान रही थी। डेनियल का उत्तेजित लिंग माला की योनि से टकरा रहा था। डेनियल ने अपने आप को दो तीन बार थोड़ा नीचे-ऊपर किया जिससे कि उसका लिंग माला की योनि की दरार पर रगड़ खाने लगा। अब उसका लिंग भी अपने अंदर से चिकनाहट-युक्त स्त्राव छोडने लगा था। डेनियल उसकी योनि की गरमाहट को पूरी तरह से महसूस कर पा रहा था। 
डेनियल ने माला के निचले होंठ को अपने होंठों में दबाया और उसे चूसने लगा। उसके ऐसा करते ही माला की योनि पानी छोडने लगी। ऐसा कहा जाता है कि स्त्री का निचला होंठ सीधा क्लिटोरिस से जुड़ा होता है. इसलिए उसे चूसने पर क्लिटोरिस उत्तेजित हो जाती है और योनि पानी छोडने लगती है. डेनियल ने इसी बात का फायदा उठाया। उसे पता था कि माला की योनि अभी कसावट लिए होगी. उसका बड़ा लिंग माला को परेशान न करे इसके लिए योनी में चिकनाहट होना बहुत जरूरी है। डेनियल ने अपने हिप्स को ऊपर नीचे करना शुरू किया। उसका लिंगमुंड बार बार उसकी क्लिटोरिस पर दस्तक दे रहा था जिससे वो हर पल ओरगास्म के नजदीक पहुँचती जा रही थी। अब माला व्याकुल हो चुकी थी। उसकी योनि अंदर ही अन्दर स्पंदन पर स्पंदन करे जा रही थी। उसकी साँसे तेज हो गई थी। उसके मचलने के कारण डेनियल अपना लिंग उसकी योनि के द्वार पर नहीं टिका पा रहा था। उसकी यह मुश्किल माला को समझ में आ गई। उसने अपने हाथ से डेनियल के लिंग को पकड़ कर उसे अपने योनिद्वार से सटा दिया और दूसरे हाथ से डेनियल के हिप्स को नीचे की तरफ धकेला. डेनियल समझ गया और उसने अंदर की तरफ धक्का दे दिया। डेनियल ने जैसे अपने लिंग के गिर्द गरमाहट और गीलेपन को महसूस किया वो हल्के हल्के धक्के लगाने लगा और उसका मोटा और लंबा लिंग माला की योनि में प्रवेश करने लगा था. ... माला का मुह खुला हुआ था और उस से आहें निकल रही थी। आज पहली बार डेनियल ने किसी योनि में अपने लिंग को घुसाने में इतना समय लगाया था। और जब उसने महसूस किया की उसका लिंग काफी अंदर जा चुका है तब उसने अपने हिप्स को हरकत देना शुरू किया। उसके लिंग पर माला की योनि की चिकनाहट आ चुकी थी और अब उसका लिंग बड़ी आसानी से अंदर बाहर होने लगा था। डेनियल माला की योनि की कसावट को अपने लिंग के इर्द गिर्द महसूस कर पा रहा था। वो अपने को बहुत भाग्यशाली समझ रहा था की आज कितने अर्से के बाद उसे एक पूर्ण संतुष्ट करने वाले संभोग का एहसास हो रहा था। 

उधर माला का भी ऐसा ही हाल था। वो डेनियल के मोटे और लंबे लिंग के धक्के अपनी योनि में साफ साफ महसूस कर पा रही थी। उसको एक बार फिर से ओरगास्म होने वाला था सो उसने भी अपने नितंब उठाने शुरू कर दिए। डेनियल उसकी इस हरकत से अपना काबू खोने लगा .... वैसे भी वो बहुत देर से अपने को रोके हुआ था। डेनियल ने माला को अपनी बाहों में भींच लिया और उसी बीच माला को ओरगास्म होने लगा. उसकी योनि लिंग के इर्द-गिर्द स्पंदन करने लगी जिसे डेनियल सहन नहीं कर पाया और वह एक के बाद एक अपने वीर्य की गरम गरम धार मारने लगा। जब डेनियल ने महसूस किया की माला की योनि ने उसके वीर्य की आखिरी बूंद भी में निचोड़ ली है और उसका लिंग सिकुडने लगा है, वो पागलों की तरह माला को चूमने लगा मानो कि उसकी कृपा का धन्यवाद दे रहा हो. माला ने भी खुशी से उसे अपनी बांहों में भींच लिया. दोनों एक दूसरे को बाहों में भरे हुये लेते रहे। कुछ देर बाद जब दोनों की साँसे सामान्य हुईं तो माला ने पहला शब्द कहा, "डेनियल, मैं तुम्हें क्या कहूँ ... तुमने आज मुझे जो आनंद दिया है वो मुझे पहले कभी नहीं मिला .. सच में..."
"मैं भी यही कहना चाहता था, माला ... तुम मेरी ज़िंदगी में पहली औरत हो जिसे मेने पूरी संतुष्टि और आनन्द से भोगा है ... तुम्हारे जैसा कामोत्तेजक हुस्न मैंने आज तक नहीं देखा. ... काश यह हमेशा के लिए मेरा हो सकता" डेनियल ने कहा
"तुमने तो मेरे मन की बात कह दी” माला ने कहा।
डेनियल को तो मानो मुह मांगी चीज मिलने जा रही थी. आज तक वो गुफा की यात्रा पर आने वाली महिलाओं के साथ संबंध पर ही निर्भर था और वो भी हर बार संभव नहीं होता था। और माला जैसी औरत उसे कहाँ मिलने वाली थी. उसने कहा, "माला, क्या यह हो सकता है कि हम कभी अलग न हों? मैं तुम्हारे साथ शादी करना चाहता हूँ"
"चलो, अब उठो और कपड़े पहनो, और मुझे भी पहनने दो .... कावेरी और दीपक आते ही होंगे. मैं नहीं चाहती कि वे शादी से पहले हमें हनीमून की अवस्था में देखें", माला ने डेनियल को अपने ऊपर से हटाते हुये कहा। डेनियल भी हँसते हुये उठा. उसने माला को किस किया और अपने कपड़े पहनने लगा। माला भी अपने कपडे पहनने लगी।  और फिर दोनों वही पर बैठ कर कावेरी और दीपक के आने का इंतजार करने लगे।
कुछ ही देर बाद वो लोग गुफा से बाहर आ गए. कावेरी आगे चल रही थी और आकर माला के पास रुकी. उसे माला की आँखों में दिख रही चमक और गालो पर छाई गुलाबी रंगत से अंदाजा हो गया था की शायद वो डेनियल से संभोग सुख प्राप्त कर चुकी हैं। वो इस बारे में पूछताछ करने के लिए माला को एक तरफ ले गई. 
वो कुछ पूछती इस से पहले ही माला ने पूछा, "तो कैसी रही तुम लोगो की पूजा और पूजा के बाद वाला कार्यक्रम?" 
यह सुन कर कावेरी लजा गई पर उसने जवाब में कहा, "पूजा भी अच्छी तरह से हो गई और उसके बाद वाला काम भी पर आप यह बताओ की आपने और डेनियल ने इतनी देर क्या किया?" 
"वही जो तुम लोग गुफा में कर रहे थे ... मेरा मतलब है पूजा के बाद! और अब यह होता रहेगा ... मैंने और डेनियल ने शादी करने का फैसला कर लिया है" माला ने उसे बताया।
"सच भाभी? ..... दीपक, सुनो .... डेनियल और माला भाभी आपस में शादी करने वाले हैं। कितनी अच्छी बात हैं न?" कावेरी ने दीपक को बताते हुये कहा।
"हाँ...., पर ऐसा फैसला .... इतनी जल्दी ...?" दीपक ने माला की तरफ प्र्श्न्वाचक निगाह से पूछा।
"हाँ, .... कुछ फैसलो में देरी न करना ही बेहतर है" कावेरी ने जवाब दिया।
डेनियल ने दीपक और कावेरी से कहा, "अभी मैं और माला यहीं रुकेंगे. आप लोग लौट जाइये और जल्दी ही हम से मिलने वापस आइये।" 
दीपक और कावेरी को यह ठीक लगा। वो लोग माला और डेनियल से विदा ले कर और उन्हे शुभकामनाएँ देकर वहाँ से वापस लौट लिए। कुछ हफ़्तों के बाद पता चला कि कावेरी गर्भवती हो चुकी थी. और उधर डेनियल और माला ने शादी कर के पवित्र गुफा के पास ही अपना घर बना लिया था। उनका जीवन बहुत ही सुखमय हो गया था। 
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