Current time: 04-21-2018, 02:45 AM Hello There, Guest! (LoginRegister)


Post Thread Post Reply
Thread Rating:
  • 0 Votes - 0 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
12-16-2016, 11:43 PM
Post: #1
Wank बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
दोस्तों आज मै एक नयी कहानी लेकर आया हूँ आशा करता हूँ आप सब लोग बड़े चाव से पढेगे
मजेदार कहानी है एक चुदक्कड बहु की चुदा वैसे तो आप सबने बहुत
कहानिया पढ़ी होगी पर आज कुछ अलग ही मज़ा है कहानी में लडकिय फिंगरिंग करने के लिए
रेडी रहे और लडको का क्या वो तो कभी एक लड़की का फोटो भी देख ले तो बोथ्रूम में उसका
फोटो देख के मुठ मार लेते है अब ज्यादा बात ना करते हुए कहानी पर आता हूँ ससुर बोटा है बहु
तुमने क्या साफ़ की?”
“धीरे बोलिए पिताजी, मुन्ना सुन लेगा. पूरी हजामत कर दी, एक बाल नहीं छोड़ा.” ऐसा
फुसफुसा कर अनुपमा कमरे के कोने में खेलते हुए अपने बेटे मुन्ना को पढ़ाने लगी.
एक कमरे की खोली में रहते गाठी परिवार के सदस्य किसी तरहं जीवन निर्वाह कर रहे थे. अजय
गाठी दफ्तर में नौकर का काम करता था और रात को अक्सर शराब के नशे में आता था. उस रात
भी वह नशे में धुत आया और खाना खा कर फर्श पर बिछे बिस्तर पर ढेर हो गया. अजय के पिता
साथ रखी खटाई पर लेट गए. अनुपमा बत्ती बुझा पति और बच्चे के साथ सो गई.
खिड़की से आती बिजली के खम्बे की रौशनी कमरे को उजागर कर रही थी. अनुपमा और उसके
ससुर जगे हुए एक दुसरे को देख रहे थे. खटाई की ऊंचाई पर ससुर करवट लिए अपने पजामे से ढके गुप्तांग
सहला रहे थे. फर्श पर पुत्र और पोते के साथ लेटी अनुपमा से धीमी आवाज़ में पूछा, “अब तो दिखा
दो बहु.”
अनुपमा ने आहिस्ता से अपना साड़ी व पेटीकोट उठाया और गोश्तदार जांघें फैला दी. पैंटी तो
पहनी ही नहीं थी. बेशर्म बहु अपनी नंगी बुर ससुर को दिखाने लगी. खाट पर लेटे ससुर ने तुरंत
अपना पजामा खोल दिया और अपने पांच- इंच खड़े हुए लिंग को हिलाने लगे. अनुपमा ने अपनी
चूत के सारे बाल ससुर के आदेश पर दोपहर में शेव कर दिए थे. फैली हुई मांसल जाँघों के बीच से
झांकती सफा-चट योनी ससुर के बुढ़ापे को जवान कर रही थी. ससुर खाट से उठ कर फर्श पर आ
गए.
“पिताजी थोड़ी देर और रुकिए, मुन्ना कहीं जग न जाए. ये तो खर्राटे मार कर सो रहे हैं पर मुन्ना
की नींद अभी कच्ची है.” अनुपमा धीरे से बोली.
अनुपमा चूत की फांकें खोल गीली सुराख़ प्रदर्शित कर रही थी. पायल उसके सुन्दर पैरों पर खनक
रही थी. बुर दिखाती अनुपमा ससुर के उठे लंड को निहारते हुए लम्बी-लम्बी सांसें ले रही थी. बहु
के गुप्तांग पे ससुर का पूरा ध्यान केन्द्रित था.
“आइये पिता जी, आज मुझ पर उलटे चढिये.” अनुपमा ने साड़ी-पेटीकोट पेट के ऊपर खींच कर अपना
निचला बदन पूर्णतया नग्न कर दिया. ससुर ने अपना पजामा उतार कर अनुपमा के मुख पर अपना
लौड़ा सिधाया और उस पर उलटे लेट गए. फिर उसकी मांसल जांघों के बीच अपना मुख धर दिया.
69 मुद्रा में अनुपमा अपने ससुर की लुल्ली चूसने लगी और ससुर अपनी बहु की चूत लपक-लपक कर
चाटने लगे. अजय और मुन्ना साथ गहरी नींद में सो रहे थे.
“बहु झांटों के बिना युवा लड़की जैसी बुर लग रही है तुम्हारी.” चाटना रोक कर ससुर मुड कर
फुसफुसाए.
“आह…आह… आप ही के लिए गंजी करी है पिताजी. चुपचाप चाटिये, कहीं ये दोनों उठ न जाएँ …
आह… आह…” अनुपमा ससुर के कठोर लौड़े की चुस्की लेते हुए मतवाली हो रही थी.
अजय गाठी खांसने लगा, “ए अनुपमा पानी पिलाओ.” खांसते खांसते लेटा हुआ अजय उठ कर बैठ
गया. अब तक ससुर तेज़ी से उठ खाट पर वापस लेट गय थे और अपने बेकपड़ा बदन को चादर से ढक
लिया था.
“देखो तुम्हारी साड़ी घुटनों के ऊपर तक चढ़ी हुई है, बाबा देखेंगे तो क्या कहेंगे.” अजय पत्नी की
उजागर निचली काया देख बोला. वह कुछ पल पहले हो रही रतिक्रिया से बेखबर था.
अनुपमा सोने का नाटक करते हुए बोली, “सॉरी मुन्ना के बाबा, साड़ी सोते हुए उठ गई होगी, मैं
आपके लिए पानी लाती हूँ.”
“नहीं रुको अनुपमा, देखो बाबा सो रहे हैं क्या?”
“हाँ, सो रहे हैं.”
अजय पत्नी की ओर आया और उसकी साड़ी पूरी ऊपर चढ़ा दी. “अरे तुमने पैंटी नहीं पहनी हुई!”
“भूल गई होंगी.”
अजय गाठी ने पत्नी की टांगें फैलाईं और स्वयं झुक कर बुर के सम्मुख हो गय. “अरे तुमने यहाँ मेरा
रेज़र चलाया, बहुत चिकनी लग रही हो.”
अजय अनुपमा की मांसल रानों के बीच लेट कर पत्नी की चूत चाटने लगे, “बड़ी गीली हो, क्या
बात है.”
“अब गीली तो हूँगी ही, आप महीनों तक मेरे साथ कुछ नहीं करते तो रात को मेरा निजी भाग
रिसता है. आप की जीभ बहुत अच्छी लग रही है.” अनुपमा ने ससुर की राल में लेप गीली बुर का
कारण होशियारी से छिपा लिया. पति के सर को अपनी योनी में समाए हुए अजय के बालों को
पकड़ अनुपमा उसके चेहरे को अपने बालहीन योनिमार्ग पर रगड़ रही थी.
खटिया पर लेटे ससुर छिप कर अपने बेटे और बहु की यौन क्रिया देख रहे थे. क्योंकि अजय का
चेहरा जाँघों के बीच के अँधेरे में लिप्त था, ससुर मौका देख अनुपमा के उठे हुए पाजेब पहने पैरों को
कोमलता से छू रहे थे. काम-क्रिया में मस्त हुई अनुपमा ससुर से आँखें मिला मुस्करा रही थी. पुत्र से
चूत चटवाती बहु को देख ससुर धीमे-धीमे हस्त मैथुन कर रहे थे…..


Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
12-16-2016, 11:43 PM
Post: #2
RE: बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
अजय अनजान था की जो कामुक रस वह चपड़-चपड़ उत्सुकतापूर्वक ग्रहण कर रहा था वह उसके पिता का
झूटन था. बस मुन्ना ही गाठी परिवार की खोली का इकलौता सदस्य था जो
वास्तव में सो रहा था. “आई दादा के पेट के ऊपर क्यों बैठी हो?” नादान मुन्ना ने ससुर के ऊपर चढ़ी
हुई अपनी माँ से जिज्ञासा पूर्वक पूछा. नाइटी पहनी अनुपमा लेटे हुए ससुर
की सवारी कर रही थी. चुदासी बहु ऊपर-नीचे,
आगे-पीछे होते हुए ससुर का लंड निगल रही थी.
“मुन्ना मैंने कितनी बार तुम्हें कहा है, तुम टी.वी. पर कार्टून देखो और मुझे परेशान
मत करो.” भारी साँसें लेती अनुपमा ने मुन्ना को फटकारा. नाइटी पहनी
अनुपमा अपने ससुर के ऊपर बैठ कर चुदवा रही थी. नाइटी ने खुद के बदन को ढका
हुआ था और नीचे लेटे ससुर की इज्ज़त भी बरक़रार थी.
नाइटी के अन्दर जो चल रहा था वह मुन्ना नहीं देख सकता था.
गुसलखाने से बहते पानी के बंद होने की आवाज़ आई. सम्भोग करती अनुपमा तुरंत
उठ खड़ी हुई और अपनी नाइटी गिरा दी. चूत के रसों में भीगा
हुआ ससुर का खड़ा लंड स्पंदन करने लगा. ससुर भी झट से खड़े हो गए, लौड़ा संभाला और पायजामा बांधने
लगे. गुसलखाने से अजय गाठी बाहर आया और सब साधारण पाया – अनुपमा चाय बना रही
थी, पिताजी अखबार पढ़ रहे थे और मुन्ना कार्टून देख रहा था. अनुपमा और उसके ससुर ऐसे
ही समय चुरा के कामुक खेल खेलते थे.
“आइये पिताजी, ये कपड़े सुखाने बाहर गए हैं.” अनुपमा शौचालय में गई और नाइटी चढ़ा कर
नाली पर बैठ गई. अनुपमा का सुडौल गोश्तदार बदन, मोटी-मोटी चिकनी जांघें,
खरबूज जैसे भारी नितम्ब और बीच में बच्चे दानी के छेद को ससुर घूरने लगे. मादक
योनी मुंडी हुई पंखुड़ियों से ढकी थी. अनुपमा पेशाब करने लगी.
ससुर मूतती बहु के सामने जा बैठे और अपना हात गरम बहती मूत्र धार में धोने लगे.
शौचघर के खुले दरवाज़े की दहलीज पर बैठे ससुर प्रसन्न थे. बहु के ताज़े प्रवाह में अपना हात
गीला करते हुए बोले, “बहु तुम मूत्रत्याग करते हुए अत्यंत कामोत्तेजक दिखती हो, मन करता
है तुम्हारी मूत की बौछार में स्नान कर लूँ.”
“आइये न पिताजी, नीचे मुंह रखिये, मैं आपके मुख पर पेशाब करती हूँ.” ससुर ने यह
सुन शीघ्रता से अपने चेहरे को नाली और बहु की चूत के बीच में धर दिया.
मूत्र के कसैले स्वाद को चखते हुस ससुर का सर पूरा भीग गया था. अनुपमा की फूली
हुई चिकनी चूत से बहते पीले पेशाब की बॉस ससुर को और उत्तेजित कर
रही थी. पवित्र बहु की मूत की बरसात में नहा कर ससुर तृप्त हो गए
थे.
“पिताजी साफ़ कर लीजिये, ये आते ही होंगे.” अनुपमा उठ खड़ी हुई. पखाने
की नाली पर विश्राम करते ससुर ने मग्गे में पानी लिया और अपना शीश धो
लिया.
“बाबा आप सुबह तो नहाए थे अभी फिर क्यों?” अजय गाठी खोली में जब वापस आया तो
पिता के गीले बाल देख हैरान हुआ.
“बेटे, बहुत पसीना आ रहा था तो सोचा नहा लूँ.” सर पोंछते हुए अजय के पिता ने सफ़ाई दी.
“पापा, पापा, आई भी दादा के साथ बाथरूम में थीं.” मुन्ना ने भोलेपन अपनी पतिलंघन माँ का
राज़ खोल दिया.
“पिताजी तौलिया भूल गए थे वही देने गई थी, ये मुन्ना तो कुछ भी बोल देता
है.” अनुपमा ने बात संभाली और मुन्ना को डांटा. “बहु अजय चला गया है, अब थोड़े सुविधापूर्ण लिबास में आ
जाओ.” ससुर ने अनुपमा को सुझाव दिया. अजय के दफ्तर जाते ही अनुपमा अपनी साड़ी
उतार देती थी और ससुर के सामने ब्लाउज़-पेटीकोट पहने रहती
थी. मुन्ना को समझाया हुआ था की उसकी आई गरमी के कारण इन
अंदरूनी वस्त्रों में घर का काम करती थी. आज भी उसने ऐसा
ही किया.
ससुर ने विस्मित होकर धीरे से कहा, “बहु, आज तुमने जांघिया नहीं उतारा?”
“क्षमा कीजिये पिताजी, एक-दम भूल गई!” अनुपमा चूड़ियाँ खनखनाते हुए पेटीकोट के
अन्दर पहुँची और अपनी पैंटी उतार के अल्मारी में तह कर के रख
दी. फिर शीशे के सामने जा कर होठों पर लिपस्टिक और माथे पर बिंदिया सजाई.
“अब आओ तुम्हार पैरों के नाखूनों पर नेल-पॉलिश लगा दूँ.” ससुर ने लाल नेल-पॉलिश बहु को दिखाते हुए बुलाया.
सुसज्जित अनुपमा शरारती मुस्कुराहट देते हुए ससुर के सामने कुर्सी रख कर बैठ गई. उसने
टी.वी. देखते मुन्ना की ओर अपनी पीठ कर दी
और फर्श पर बैठे ससुर की गोद में अपना पैर रख दिया.
“आई, दादा क्या कर रहे हैं?” उत्सुक मुन्ना ने मुड़ कर पूछा.
“दादा आई के पैर के नाखूनों में नेल-पॉलिश लगा रहे हैं.” अनुपमा ने अपने पुत्र को अनसुना किया और पेटीकोट
चढ़ा लिया. ससुर के सामने अपने सुन्दर कमनीय पैरों को प्रत्यक्ष कर दिया. ससुर की नज़रें बहु
के घुटनों के स्तर पर थीं.
“बेटी दूसरा पैर मेरे कंधे पर रख लो.” ससुर ने बहु के गुप्तांगों का निरिक्षण करने की व्यवस्था
की. अनुपमा ने ऐसा ही किया और अपने पेटीकोट के अन्दर का बहुमूल्य रहस्य
सुगम्य बनाया.
ससुर की आँखें आनंदित हो गईं. बहु की मोटी गोश्तदार नंगी रानें आखिरकार
खुल गई थीं. बीच में बालहीन चूत का नज़ारा दिख रहा था. अनुपमा बार-बार
पीछे मुड़ के देख रही थी की मुन्ना कहीं बहु ससुर
की काम-क्रिया न देख ले.
“बहु चिंता मत करो, मुन्ना टी.वी. देखने में व्यस्त है. मैं देख रहा हूँ उसको, जैसे ही
वो इधर आएगा मैं तुम्हें सावधान कर दूंगा.” ससुर ने फुसफुसाया. वे अनुपमा के पैर के नाखूनों पर शिष्टता से लाल नेल-पॉलिश
लगाने लगे और खुली हुई जाँघों के बीच का आकर्षक दृश्य टकटकी लगा के देखने
लगे.
“पिताजी मुझे पता है की आपको मेरा योनिमुख निहारने में कितना हर्ष मिलता है. मैं इनके जाने
की बेताबी से प्रतीक्षा करती हूँ ताकि आपको यह ख़ुशी दे
सकूँ.” अनुपमा ससुर से काना-फूसी कर रही थी और टांग उठा कर अपनी
शेव की हुई बुर को इस निःशुल्क कामुक प्रदर्शनी में प्रकाशित कर रही
थी. ससुर बहु की रमणीय बालहीन चूत देखते हुए प्रेम से उसके पैरों
की सेवा कर रहे थे. साथ-साथ वे अनुपमा की अंदरूनी रानें मृदुलता से मल रहे थे, पर
वह बहु की बुर को स्पर्श नहीं कर रहे थे. इस खेल से अनुपमा की काम वासना
उत्तेजित हो रही थी.
“बहु, मुन्ना आ रहा है, जल्दी से पेटीकोट नीचे कर लो.” ससुर ने चेतावनी
दी. अनुपमा ने झट से पेटीकोट नीचे किया और ससुर बहु के पैर पर नेल-पॉलिश लगाने
लगे.
“मुन्ना तुम्हें कितनी बार कहा है, तुम टी.वी. पर कार्टून देखो और मुझे परेशान मत
करो.” अनुपमा ने मुन्ना को फटकारा. बेटा वापस गया और टी.वी. देखने लगा. अनुपमा ने फिर
पेटीकोट उठा अपनी जंघाएँ फैलाईं और ससुर के कंधे पर एक पांव रख कामोत्तेजक नग्नता उजागर
करी.
पैर और रानें मलते हुए ससुर ने देखा की बहु की चूत भड़क कर गीली हो
गई थी. अनुपमा की वासना जागृत हो रही थी, वह गहरी सांसें
ले आँखें मूंदे हुई थी. ससुर घड़ी में समय देखा और बोले, “बेटी, मैंने मकान मालिक
ठाकुर साहब को आज बुलाया है, वे आते ही होंगे.”
“उन्हें क्यूँ बुलाया पिताजी.” अनुपमा बेचैन हो एकाएक खड़ी हो गई. तभी खटखटाहट
हुई और ससुर दरवाज़ा खोलने बढे.
“अरे ठहरिये पिताजी, मैं साड़ी तो पहन लूँ.” अनुपमा पेटीकोट को ठीक-ठाक
करती हुई अपनी साड़ी ढूँढने लगी. लेकिन ससुर ने तत्काल
खोली का द्वार खोल दिया. क़ीमती सूट पहने हुए मकान मालिक ठाकुर साहब अन्दर
आये, ससुर ने उनके पांव छूकर स्वागत किया. अनुपमा वहीँ खड़ी हो शर्म से अपने वक्षस्थल को
छिपाने लगी. केवल ब्लाउज़ और पेटीकोट में बेपर्दा, उसके गाल लज्जा से लाल हो गय और वह
झेंप रही थी.
“शरमाओ नहीं अनुपमा रानी, मुझे तुमसे ही बात करनी है. मुन्ना बेटे मेरा
ड्राईवर तुम्हें आइस-क्रीम खिलाने ले जाएगा. भाग कर जाओ, कार में वो तुम्हारा तुम्हारा वेट कर रहा है.” ठाकुर
साहब गहरी आवाज़ में बोले, मुन्ना दौड़ के खोली छोड़ नीचे खड़ी कार में
चला गया. ठाकुर साहब ने अपना कोट उतारा और अनुपमा को ऊपर से नीचे तक ताकने लगे.
ससुर ने खोली का दरवाज़ा बंद कर कुण्डी लगा दी, “बेटी घबराओ
नहीं, ठाकुर साहब तुम्हें भोगना चाहते हैं. अजय की कमाई से हमारा गुज़ारा कहाँ चलता है, ठाकुर
साहब हमारा किराया माफ़ कर देंगे और खूब रूपये भी देंगे. किसी को कुछ पता नहीं
चलेगा, तुमसे मिलने ये महीने में बस एक दो बार आया करेंगे.”

Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
12-16-2016, 11:43 PM
Post: #3
RE: बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
“लेकिन पिताजी आप तो पहले ठाकुर काका के ड्राइवर रह चुके हैं और आप ही ने मुझे बताया था
की काका वेश्याओं के पास जाते हैं. माफ़ कीजिये ठाकुर काका मैं ये सब नहीं कहना
चाहती थी.” भयभीत अनुपमा परेशान हो रही थी.
ससुर ने बात संभाली, “बेटी इसलिय मैं इनके पास गया था और तुम्हारी यौन सुख देने
की निपुणता की प्रशंसा की थी. मेरे और इनके बीच कुछ
नहीं छिपा, इन्होने ही तो हमें यह खोली दी है. इन्हें मैंने बताया
की तुम्हारी यौनरुची प्रबल है जो मेरा बेटा अजय नहीं बुझा पाता तो तुम मेरे
साथ काम-क्रीड़ा करती हो. मैंने ठाकुर साहब को राय दी की अगर ये तुम्हें
अपनी रखैल बना लें तो हमारी आमदनी भी बढ़ जाएगी और
सबसे महत्वपूर्ण जो कामोन्माद ये तुम्हें दे सकते हैं वो कोई और नहीं दे सकता. तुम सुरक्षित हो, मैं हरदम
तुम्हारे साथ रहूँगा. ठाकुर साहब के साथ मैंने कई रातें रंडी-खानों में बिताई हैं तो हमारे बीच कोई शर्म
नहीं है.” ससुर ब्लाउज़-पेटीकोट पहनी बहु को प्रलोभन देते हुए फुसलाने लगे.
“ठीक है पिताजी, आप जैसा उचित समझें. लेकिन आप काका की क्या विशिष्टता बता रहे
हैं?” अनुपमा थोड़ी तनाव मुक्त हो गई थी. मन ही मन उसकी इच्छा जग
रही थी.
“अनुपमा रानी मैं बताता हूँ.” ठाकुर साहब ने पैंट की चेन खोली और अपना लिंग निकाल
कर हिलाने लगे. कुछ ही पल में उनका शिश्न आठ-इंच बड़ा हो गया. मोटे लौड़े का सुपाड़ा चमकने लगा.
ससुर बहु के पास गए और हात पकड़ कर ठाकुर साहब के करीब ले आये. फिर ससुर ने अनुपमा
की हथेली सख्त लंड से जोड़ दी. ब्लाउज़-पेटीकोट पहनी
अनुपमा लौड़े को घूरते हुए स्वाभाविक रूप से सहलाने लगी. ससुर प्रसन्न होकर बोले, “इतना बड़ा खम्बा तुमने
पहले नहीं देखा होगा बहु. आओ घुटनों के बल बैठो और इसे चूस के साहब की सेवा करो.”
चरित्रहीन अनुपमा वासना के वशीभूत घुटनों पर झुक कर ठाकुर साहब का गीला सुपाड़ा
चाटने लगी. फिर मुंह खोल मोटा लंड चाव से सुड़कते हुए चूसने लगी.
“शाबाश अनुपमा रानी, गाठी सही कह रहा था तुम तो अनुभवी रंडियों से
भी अधिक कुशल हो!” ठाकुर साहब अनुपमा के शिश्न-चूषण से आनंदित हो रहे थे.
ससुर ने चूसने में मसरूफ़ बहु के ब्लाउज़ के हुक खोले और ब्रा भी उतार फैंकी. फिर
पेटीकोट के नाड़े को खोल घुटनों के बल बैठी अनुपमा को पूर्णतयः नग्न कर दिया. अनुपमा ने
पैंटी तो पहले से ही उतार रखी थी. नंगी अनुपमा ठाकुर साहब
से आँखें मिलाती हुई चुस्की लगाकर अपने मुंह से उनके लिंग को भिगो कर उत्तेजित कर
रही थी. ठाकुर साहब अनुपमा के बालों को पकड़ कर अपने आठ-इंची मोटे लौड़े से
उसका मुख-चोदन कर रहे थे. निर्लज्ज अनुपमा की चूड़ियाँ शिश्न-चूषण के दौरान लौड़े को हाथ से हिलाने के
कारण झनझना रही थीं.
“ठहरो बहु, अपनी गंजी बुर तो दिखाओ साहब को.” ससुर ने अनुपमा को निर्देश दिया.
बेकपड़ा अनुपमा चूसना छोड़ कर उठ खड़ी हुई और ज़मीन पर बिछे गद्दे पर लेट गई. बेशर्म हो
उसने अपनी टांगें उठाईं और पैरों को हवा में करके संभाल लिया. उसकी चाँदी
की पाजेब पैरों की घुटिका से उतर घुटनों की ओर पिंडली पर
स्थायी हो गई थी. लुभावनी सफाचट फूली हुई योनी प्रदर्शित
कर ठाकुर साहब को रिझाने लगी. मोटा लंड चूसने से उसकी लिपस्टिक लबों पर से कपोलों पर फैल
गई थी. लम्बे बाल तितर-बितर हो उलझ गए थे.
“आइये साहब, देखिये इसकी गंजी बुर को. मुझे पता है की आपको शेव की
हुई फुद्दियाँ पसंद हैं. मैंने ही इसकी बच्चादानी के बाल हटवाएं हैं.”
शर्ट-पैंट पहने और अनावृत कड़ा लौड़ा हाथ में लिए ठाकुर साहब नितम्बिनी अनुपमा को प्रेम पूर्वक निहारने
लगे. उसका सुडौल जिस्म, भारी कुल्हे, विलासमय स्तन अति आकर्षक दीख रहे थे. गोश्तदार
चिकनी जंघाएँ गुप्तांग को अलंकृत कर रहीं थीं. पायल पैरों पर चढ़ी हुई
चमक रही थी. घुटने पकड़ी हुई कोमल बाहों पर कांच की रंग-
बिरंगी चूड़ियों का आभूषण लुभावना लग रहा था. चिकनी चूत के प्रवेश द्वार की पंखुड़ियों
के बीच से झाँकता हुआ लाल चीरा कामोत्तेजना के रसों से गीला था. यह बहुमूल्य
स्त्रीधन का खज़ाना लुटने के लिए आमंत्रण दे रहा था.
स्वयं की कामुक सुन्दरता में विलीन ठाकुर साहब को चुदासी अनुपमा ने पुकारा, “अब
आइये ठाकुर काका, यह दासी आपकी रखैल बनने के लिए उत्सुक है.”
“शाबाश बहु, तुम से यही आशा थी. आइये साहब जी भर की चोदिये
मेरी बहु को.” ससुर गदगद हो कर बोले.
ठाकुर साहब ने शर्ट और पैंट उतारी, फिर अंतर्वस्त्र उतारे तो अनुपमा ने उनकी बलवान देह
सराही. अनुपमा को उनका हृष्ट-पुष्ट सफ़ेद बालों से भरा सीना देखा और मजबूत भुजाएँ
जांचीं. अभी तक कठोर खड़ा हुआ आठ-इंची लंड फुंकार मार रहा था.
“गाठी ज़रा अपनी राल से अनुपमा डार्लिंग को घर्षणहीन करो, मैं इसकी तंग
गली में सुगमता से प्रविष्ट होना चाहता हूँ. रानी तुम तब तक इसे और चूसो.” ठाकुर साहब
लेटी हुई अनुपमा के सिराहने पर जा बैठे. चुदासी औरत यजमान के सख्त लिंग को चुम्बन देने
लगी. चूमते चूमते अनुपमा उनके अण्डकोश चाटने लगी.
मालिक की आज्ञा का पालन करते हुए ससुर बहु की रानों के बीच बैठ
उसकी बुर चाटने लगे. चपड़-चपड़ चाटते हुए ससुर ने पर्याप्त रूप से लंड चूसती अनुपमा के
योनिमार्ग को अपने थूक से लबा-लब लेप कर दिया. “साहब बहु की दरार चिकनी कर दी
है, आप पधारिये. बहु नितम्ब के नीचे ये तकिये रख लो, साहब का मोटा शिश्न ग्रहण करने में
आसानी होगी.”
अनुपमा ने उचक कर अपने चूतड़ तकियों से ऊँचे कर उठा दिए. ठाकुर साहब अनुपमा की उभरी हुई
गीली चूत के पास आये और अपना आठ-इंची मोटे लौड़े को साध के प्यासी
बुर में घुसाने लगे. और फिर धक्का मार पूरा लिंग चूत के अन्दर पेल दिया. अनुपमा आँख बंद कर आनन्द से कराहने
लगी. ठाकुर साहब ने गति का इज़ाफा किया और अनुपमा के मांसल कूल्हों पर चपत मारते हुए चोदने लगे.
अनुपमा आहें भरने लगी और हर धक्के का उचक-उचक कर जवाब देने लगी. ठाकुर साहब ने
अनुपमा के घुटने उसके कानों के झुमकों के निकट टिका दिए थे, और फूली हुई चुदासी बुर को डट के
चोद रहे थे. “क्षमा कीजिये ठाकुर साहब, बहु को शायद नज़ारा देख सदमा पहुँचा है इसलिए बाहर गई है. मैं
उसे अभी वापस लेकर आता हूँ.” ससुर ठाकुर साहब के बँगले में अपनी बहु अनुपमा को सजा-धजा
कर ले आए थे. पर अनुपमा ने जब देखा की ठाकुर साहब लौंडेबाज़ी में मसरूफ़ हैं तो वो खफा हो
निकल गई.
“गाठी तुमने अनुपमा डार्लिंग को बताया नहीं की हम यह शौक भी रखते
हैं?” अपने नेपाली नौकर क्रिशना की गाण्ड मारते हुए ठाकुर साहब ने ससुर से पूछा.

Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
12-16-2016, 11:44 PM
Post: #4
RE: बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
“मैंने उचित नहीं समझा साहब. सोचा की आपको समलिंगी-मैथुन करता देख बहु
जिज्ञासु हो जाएगी और आपकी योजना के अनुसार यहाँ चल रही काम-क्रिया में शामिल
हो जाएगी.” ससुर चिंतित हो समझाने लगे.
इतनी देर में अनुपमा स्वयं ही कमरे में लौट आयी, “ठाकुर काका, मैं अपने बचपने पर
शर्मिंदा हूँ.” साड़ी पहनी अनुपमा सोफे पर गुदा-सहवास करवाते क्रिशना के निकट जा
बैठी. क्रिशना आराम से लेटा अपने मालिक के आठ-इंची मोटे लौड़े को अपने युवा मलाशय में
स्वीकार कर रहा था. रूपवान नेपाली नौकर की निर्बल लुल्ली चुदाई के साथ-
साथ डोल रही थी. अनुपमा अपने प्रेमी ठाकुर काका के विशाल शिश्न को गोरे क्रिशना
की संकीर्ण पखाना-निर्गम नली में ओझल होता देख अचंभित और उत्तेजित हो
रही थी. गाण्ड मरवाने का लुत्फ़ उठाता हुआ क्रिशना अनुपमा से नज़रें मिला मुस्कुरा रहा था और
हर धक्के के साथ सिसकारी भर रहा था.
“अनुपमा डार्लिंग, देखो हमारा क्रिशना कितना सुन्दर लड़का है. यह समलिंगकामी है और केवल हमसे गुदा-
सवारी कराता है. हमें इसके साथ सम्भोग करना बहुत पसंद है हालांकि तुम्हारे से अधिक नहीं.”
ठाकुर साहब क्रिशना का मल-द्वार प्रबलता से चोदते जा रहे थे.
“बहु, तनिक कपड़े उतारो. तुम और क्रिशना मिल कर ठाकुर साहब की सेवा करो. साहब अवश्य तुम दोनों को
बराबर प्यार देंगे.” ससुर बहु को प्रोत्साहन देने लगे.
“हाँ अनुपमा रानी, तुम हमारे क्रिशना के सलोने मुख-मंडल पर विराजो. इस गांडू को अपने रसों की
मदिरा पिलाओ.” आगे-पीछे हो मूसली घुसाते ठाकुर साहब ने अपनी आकर्षक रखैल
अनुपमा को आदेश दिया.
कामोत्तेजित अनुपमा ने तुरंत साड़ी के अन्दर पहुँच कर पैंटी निकाल दी. ठाकुर साहब
गुलाबी पैंटी लेकर सूंघने लगे. फिर अनुपमा साड़ी-पेटीकोट कमर के ऊपर
खींच कर सोफे पर चढ़ गई. चुद्ता समलिंगी क्रिशना सूजी हुई
गीली योनी को लालसा से देखने लगा. अनुपमा ने अपने चूतड़ों को लेटे हुए क्रिशना के
चेहरे पर उकड़ूँ बन ठहरा दिया. क्रिशना ने भारी कूल्हों के बीच छिपी चूत
की उपरी त्वचा को खोल कर योनीमार्ग को बंधनमुक्त किया.
रसीली बुर की महक क्रिशना की नासिकाओं में बस गई और वह लपा-लप
कुत्ते की तरंह चूत चाटने लगा.
“आह..आह… ठाकुर काका इस लड़के की छोटी सी लुल्ली झटके
खाती हुई कितनी प्यारी लग रही है!” नीचे लेटे समलिंगकामुक
क्रिशना की जीह्वा स्पर्श से मदहोश अनुपमा की काम भावना प्रज्वलित हो गई
थी.
ठाकुर साहब ने क्रिशना की लचीली टांगें हवा में उठा उसके गोरे नितम्ब समलैंगिक
सहवास के योग्य व्यवस्थित किये हुए थे. तेल से चिकना किया हुआ मलाशय बहुधा अभ्यास के कारण घनिष्ठ लौड़ा
आसानी से हज़म कर रहा था. क्रिशना की ढीली नपुंसक लुल्ली
उसकी गाण्ड में हो रहे सशक्त हमले का उत्तर देते हुए उसके स्वयं के पेट पर तमाचे मार रही
थी. नेपाली क्रिशना अनुपमा की चूत का रस चखने के साथ-साथ अपने पिछवाड़े
की खुजली भी शांत करा रहा था. मालिक के शिश्न को अपनी पखाना-निर्गम
संवरणी से पकड़कर गरम नर-सुरंग में कैद किये हुए था. फच… फच… फच चपत जमाने की
ध्वनी समलिंगी व्यभिचार की घोषणा कर रही थी.
“बहु ठाकुर साहब को चुम्बन तो दो.” दृश्य का मज़ा लते हुए ससुर ने क्रिशना से चूत चटवाती अनुपमा को सुझाव
दिया. सुन्दर नेपाली नौकर क्रिशना का चेहरा बहु के मांसल चूतड़ों के नीचे छिपा हुआ था. अनुपमा
आगे बढ़ कर अपने प्रेमी ठाकुर काका के होठ चूमने लगी. दास की नर-गुदा सम्भोग
करते ठाकुर साहब अपनी रखैल की जीभ को चूसने लगे. क्रिशना औरत और मर्द दोनों
का आनंद उठा रहा था.
“अनुपमा डार्लिंग, क्रिशना के मुख को अपने गुप्तांग से दबाकर ज़ोंर से रगड़ो. यह स्वपीड़न-कामुक है, इसे
पीड़ा सह कर कामोन्माद प्राप्त होता है.” ठाकुर साहब ने अनुपमा का मार्गदर्शन किया. अनुपमा ने अपना पूरा
वज़न गांडू क्रिशना का चेहरा दबोचने में लगा दिया. गुदा-मैथुन कराता क्रिशना अपने सर के ऊपर अनुपमा की
चिकनी नशीली योनी की हुकूमत का मज़ा लेने लगा. अनुपमा
क्रिशना की निर्बल लुल्ली हिलाने लगी, उसके लघु अंडकोष के नीचे ठाकुर
साहब का खम्बा पिस्टन की तरंह नर-योनी के अन्दर-बाहर हो रहा था. अनुपमा प्रेमी
की लौंडेबाज़ी में भाग ले कर संतुष्ट थी, उत्तेजित बुर देख-भाल स्त्रैण क्रिशना कर
रहा था.
“ठाकुर काका, आप कहाँ पानी निकालेंगे?” अनुपमा ने पूछा.
“बस निकलने वाला है अनुपमा डार्लिंग, क्रिशना को मुक्त करो यही मेरा पानी निगलेगा.” अनुपमा ठाकुर
साहब की बात मानते हुए अर्धनग्न अवस्था में सोफे पर खड़ी हो गई. कुछ ही पलों
में साहब ने क्रिशना की पखाना-निर्गम सुरंग से अपना लण्ड निकाला और समलिंगी नेपाली
नौकर के पूरे खुले हुए मुंह में खाली कर दिया. सुरूप क्रिशना पूरा वीर्ये बेसब्री से
पी गया.
ससुर ताली बजाने लगे, “देखो बहु क्रिशना का पुष्ठभाग कैसे कली से पुष्प बन गया है.” अनुपमा ने
ससुर के कहने पर देखा की वाकई नेपाली गांडू का गुदा-द्वार सुर्ख लाल था और चुदाई से फैल गया
था. बेडरूम से छप-छप, फच-फच सुनाई देते मंद स्वर मैथुन का संकेत थे . अजय ने जिज्ञासापूर्वक ठाकुर साहब के
शयनकक्ष की ओर कदम बढ़ाए . थोड़े से खुले हुए किवाड़ में झाँका तो देखा की ठाकुर साहब चुदाई
के जोश में खोए हुए थे . काम-क्रिया का परिश्रम करते हुए वर-वधु गंदे शब्द चिल्ला रहे थे . दम्पति का केवल निचला नग्न
भाग अजय गाठी की दृष्टि में था . बिस्तर पर उलझे हुए जिस्मों का ऊपरी शेष भाग
दरवाज़े से ताक- झाँक करता अजय नहीं देख पा रहा था

Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
12-16-2016, 11:44 PM
Post: #5
RE: बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
“ऐसे ही चुदवाया करो रानी, आज तो योनिमार्ग अतिशय गीला है .” ठाकुर साहब
अपनी रखैल अनुपमा गाठी की शुद्धता लूटते हुए पुकार रहे थे . वह इस
हक़ीक़त से अनजान थे की उनकी प्रियतमा का कानूनी स्वामी
कमरे के बाहर था .
शयनकक्ष के फ़र्श पर बिखरी हुई साड़ी अजय गाठी को जानी-
पहचानी लग रही थी . कुर्सी पर ब्रा और पेटीकोट फेंका
हुआ था . ठाकुर साहब के नीचे चुदती अजय की जोरू के पायल पहने मनमोहक पैर
हर धक्के के समकालीन हिल रहे थे . इतनी देर में ठाकुर साहब का नौकर क्रिशना आ गया और
अजय गाठी को कमरे में झांकता हुआ पाया . अजय की क्रिशना से नज़रें मिली तो वह
झेंप गया और तुरंत बैठक में वापस आ गया .
“कैसे आना हुआ अजय बेटे, माफ़ करना तुम अनचाहे हमारी यौन लीला के साक्षी बने .
तुम तो जानते हो हम कितने रंगीले आदमी हैं .” क्रिशना की हिदायत पर कुछ समय
पश्चात् ठाकुर साहब अनुपमा को बेडरूम में छोड़ कर अजय से मिलने आये और हँसते हुए दिल्लगी करने लगे
.
“मालिक मैंने कुछ नहीं देखा . पिताजी ने आपके बगीचे की घास काटने को
कहा था, वही रख-रखाव करने आया हूँ .” सम्भोग करती हुई पत्नी की
बिखरी साड़ी पर ध्यान देने के बावजूद, बुद्धिहीन अजय को कुछ संदेह
नहीं हुआ .
गाउन पहने ठाकुर साहब मूर्ख अजय गाठी की अनभिज्ञता से आश्वस्त हो गए . बगल के कमरे
से अजय की व्यभिचारिणी बीवी अपने पति और प्रेमी का
वार्तालाप सुन रही थी . समागम से श्वासहीन, बेकपड़ा अनुपमा गाठी हाथ-
पैर पसारे बिछौने पर ढेर थी . उसके सघन वक्षस्थल पर गाढ़ा श्वेत वीर्ये फैला हुआ था .
“धन्यवाद अजय, तुम और तुम्हारे पिता हमारी कितनी सेवा करते हो . आज संध्या की
फैंसी-ड्रेस पार्टी में क्या तुम क्रिशना के साथ मदिरा सेवन में मदद कर सकते हो? हमारे थोड़े
विशिष्ट अतिथि आयेंगे . सब लोग मुखौटा लगाए होंगे ताकि किसी को कोई पहचान न सके .” ठाकुर साहब ने अजय
गाठी को कार्य सौंपा .
“अवश्य मालिक, मैं अभी बागबानी करके जाता हूँ और साँझ को साफ़ कपड़े पहन कर काम करने
आ जाऊँगा .” अजय आश्वासन दे कर चला गया . ठाकुर साहब वापस बेडरूम में अजय की स्वच्छंद
धर्मपत्नी और अपनी रखैल अनुपमा गाठी के पास गए .
“ठाकुर काका यह आपने क्या कर दिया, इनके होते हुए मैं पार्टी में कैसे शामिल हो पाऊँगी ?”
अनुपमा ताज्जुब थी

Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
12-16-2016, 11:44 PM
Post: #6
RE: बहु की गर्म चूत को मोटे मोटे लंडो की प्यास
“चिन्ता मत करो डार्लिंग, तुम तो स्कूली-छात्रा वाली वर्दी पहन
रही हो और फिर मुखौटा भी पहने होगी . तुम्हारा बेवकूफ पति तुम्हें नहीं
पहचान पायेगा .” ठाकुर साहब ने अपनी सुन्दर प्रेयसी को साहस दिलाया . “इस हथिनी
जैसी चाल वाली छात्रा से हमारी भेंट तो कराओ ठाकुर .” बनावटी
फ़ौजी-वर्दी पहने नकाबपोश मंत्री जी ने अनुरोध किया . अनुपमा श्वेत
स्कूली-वर्दी की स्कर्ट पहने मटक-मटक कर पार्टी में आए
कुलीन लोगों के साथ घुल-मिल रही थी . सब मेहमान मुखौटों के पीछे अपने
चेहरे छिपाए हुए थे . अनुपमा ने भी मुखमंडल मुखौटे से ढका हुआ था और हाथ में मदिरा का ग्लास लिए
थी . ड्रिंक्स बांटता हुआ अजय अपनी मास्क-पहनी गृहणी को
अपर्याप्त एवं उकसाने वाले वस्त्र पहनी कोई वेश्या समझ रहा था . आख़िरकार ऐसी शिक्षालय
वाली लघु स्कर्ट कोई रंडी ही सँभाल सकती थी . अनुपमा
की मोटी टांगें घुटनों से नीचे अनाश्रित थीं . उसने कन्याओं वाली
दो चोटियाँ कर रखी थीं . पाँव में विद्यार्थियों वाले जूते और चोली के स्थान पर
वर्दी की सफ़ेद कमीज़ पहनी थी . तंग पोशाक में से अनुपमा
का सुडौल शरीर फ़ूट-फ़ूट कर निकल रहा था .
“अवश्य मंत्री महोदय, यह हमारी सजनी अनुपमा है . यह आपको हमारे बँगले का
दौरा कराएगी .” ठाकुर साहब ने अनुपमा को देख आँख मारी और ध्यान दिया की
उनकी बातें अजय की श्रवणसीमा में न हों . दावत बाग़ में ज़ोरों से चल रही
थी, उच्च्वर्गिये लोग विभिन्न प्रकार के वेषों में आये हुए थे .
प्रशिक्षित अनुपमा ने मंत्री जी के साथ कोठी का निरीक्षण शयनकक्ष से
आरम्भ किया . “मंत्री जी देखिये इस छात्रा के जूतों के फीते खुल गए हैं, तनिक बाँधने
में मदद करेंगे ?” कामोत्तेजक ढंग से अनुपमा ने बिस्तर पर आसीन मंत्री जी
की जांघ पर पाँव रख दिया और उनका मुखौटा हटा दिया .
मंत्री जी उठी हुई टाँग से बेपर्दा अनुपमा की गोश्तदार रानें निहारने लगे .
फिर सिर झुका कर श्वेत-स्कर्ट की चुन्नटों के भीतर का दर्शन करने लगे . उत्तेजित हो पैरों को
मलते हुए उन्हें चूमने लगे . हाथ पसार के अनुपमा की लाल पैंटी उसके मांसल कूल्हों से उतारने
लगे . आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
“मंत्री जी यह क्या अभद्र व्यवहार कर रहें हैं . आपकी छात्रा को लाज आ
रही है .” अनुपमा नटखट ढंग से मिथ्या विरोध करने लगी और स्वयं पैंटी का सरकाव
सुगम कर दिया . मंत्री जी ने पैंटी उतार फेंकी और अनुपमा की
चिकनी बालहीन चूत स्कूली-स्कर्ट के अन्दर अनाभूषित कर दी . फिर
खड़ी हुई अनुपमा का पाँव अपने कंधे पर टिका दिया और उसकी मादक बुर उचक कर कुत्ते
की तरंह सूंघने लगे . मंत्री जी का शीर्ष स्कर्ट के अन्दर संगुप्त था .
उन्होंने अनुपमा की लुभावनी योनी का मुखाभिगम आरम्भ कर दिया . भगोष्ठ
की फांकें खोल अपनी ज़बान से लपड़-लपड़ चाटने लगे .
बेडरूम की खिड़की के बाहर बाग़ में से यह रति-क्रिया अजय गाठी देख रहा था .
अनुपमा का मुखौटा पहने होने के कारण वह अज्ञात था की मंत्री जी से जिह्वा-सम्भोग
कराती औरत उसकी पतिव्रता जोरू थी . स्कूली वर्दी में
अनुपमा अति कामुक प्रतीत हो रही थी, अजय अपना लण्ड पतलून के अन्दर सहला
रहा था . अकस्मात् अजय ने अपने गुप्तांग पर स्पर्श महसूस किया, उसने देखा की समलिंगी
क्रिशना मुस्कराता हुआ उसका लौड़ा पकड़ने के चेष्ठा कर रहा है . भड़के हुस अजय को इसमें आपत्ति नहीं
हुई और उसने नेपाली नौकर को अनुमति दे दी . क्रिशना घुटनों पर बैठ अजय की चेन
खोलने लगा और फौरन शीष्ण-चूषण शुरू कर दिया . गांडू क्रिशना का स्नेहमय गरम मुख अजय की
वासना उभाड़ने लगा . क्रिशना कभी अजय का सुपाड़ा चाटता तो कभी पूरे लिंग को ऊपर से
नीचे तक चूमता . स्लर्प-स्लर्प ध्वनी करते हुए क्रिशना आँखें मूँद लण्ड चुस्की
लगाकर चूस रहा था .
अब तक कमरे के अन्दर का नज़ारा बदल गया था . सफ़ेद स्कर्ट पहनी अनुपमा गाठी बिस्तर पर
लेटे मंत्री जी के लिंग पर सवार थी . वह उठक-बैठक कर चुद रही
थी . अनुपमा के भारी चूतड़ मंत्री जी के पिण्ड पर छप-छप तमाचे मार रहे
थे . अनुपमा सिस्कारियां ले रही थी और रति-क्रिया करते हुए बारम्बार मंत्री
जी को झुक कर चुम्बन दे रही थी . “चलो अनुपमा-बाई अब कुतिया बन जाओ . तुम्हें
ठाकुर मेरी खातिर करने का कितना पैसा दे रहा है ?” मंत्री जी ने अपनी
फौजी-वर्दी की पतलून उतार बिस्तर के किनारे मोर्चा ले लिया . विवाहित
गृहणी अनुपमा अपने को वेश्या बोला जाना पसंद कर रही थी….

Visit this user's website Find all posts by this user
Quote this message in a reply
Post Thread Post Reply


Possibly Related Threads...
Thread: Author Replies: Views: Last Post
Wank फ़ेसबुक पर मोटे चूचे Rocky X 0 3,272 06-08-2014 02:46 PM
Last Post: Rocky X
Wank गर्म आंटी की उसके घर में ही चुदाई Rocky X 1 3,117 07-29-2013 10:26 AM
Last Post: Rocky X



Online porn video at mobile phone


ghar ka jimedari samhala to maa sex karne diya storyami onake boste bollamdiane farr toplessnude neetu singhsushmita sen nipple slipchanel dudley nudegreta scacchi toplessannette o toole nude picsnaked archana puran singhelizabethberkleynudemere chote bhai ke samne mere pati kabhi mere chuche dabateoops upskritkareena kapoor fucking storieskarishma kapoor upskirtmonica keena nudegeena davis nude picturesyun jin kim nudemaria kirilenko nudewendy gonzalez nakedelizabeth masucci toplessnatalie imbruglia nudemichelle lombardo nudeghar ki nayi kirayedaar part 13gharwali exbiitelugu heroines sex storieschoot Mein Batega Karta Hai BF HDcindy crawfords pussykabse chidvana haiyasmeen ghauri nudesuranne jones cleavagelauren holly upskirtlita dumas nudecristina scabbia nakedPhophe k sth sex new khanesusan coffey nudebria murphy nakednatalie raitano nakedlee ann liebenberg nakedtrisha kama kathaigalnikki sanderson nudealine nakashima nudeaishwarya rai group sexsexy hot nude iniyajadi ldki ki bdi boobs ko chushte huve sexy boy ki photojayaprada boobclaudine auger nudekathleen kinmont nude picsananda lewis nakedkaren newman nudeandrea corr oopsarchana puran singh sexgaon moot sex storyskat von d nip slipnia peoples nudesamantha brown nip slipLadke aur ladki me sabse jayada sex me jji kiska karta hai videomadhuri dixit showing boobskelly rowland nude fakesemma harrison nakedneha sharma fuckedali liebert nudemary lynn rajskub nudecarmen serano sexmonica fonseca sohosania mirza upskirtnikki sanderson upskirtdebbe dunning sexsushmita sen nipple slipamrita rao fucked hardmaa ko khet mein rula rulakar choda storytulip joshi boobsrenee oconnor nudekathryn morris toplessus raat geelapan shalwar hath adhurapussy of raveena tandonbelinda stewart wilson titssonal chauhan nude fakenatascha mcelhone toplessmelinda messenger nakedtoni colette nudecelina jaitley fuckamy brennerman nudedesi incest storieskelli pickler nudesridevi nude fakekareenakapoorfuckingkate gosslin nudenatasha hamilton toplessmeri I biwi ki mansal Badan aur Gehri navigarcelle beauvais nip slipmaa aur mami ki chudainude niecy nashcoleen nolan nudekatrina kaif sex storyshriya sex picdanielle panabaker upskirtjacqueline bisset nudewwe melina upskirtkenza fourati nude